Time Management Matrix -जब काम हो ज्यादा और वक़्त हो कम

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Hi friends,

मेरा experience है कि मैं उस दिन सबसे अधिक संतुष्ट रहता हूँ जिस दिन मैंने सबसे अधिक काम निपटाए हों या ये कहिये कि जिस दिन मैंने अपना time अच्छे से utilize किया हो.वैसे मैं जितनी भी कोशिश कर लूँ कुछ दिन ऐसे चले ही जाते हैं जिस दिन टाइम waste  हो जाता है. पर ज्यादातर मौकों पर मैं समय का सदुपयोग कर पाता हूँ. और ऐसा करने में दो tools मेरी बहुत मदद करते हैं:

1) To Do List

2) Time Management Matrix

इन टूल्स के बारे में मैंने पहली बार MBA करते  वक़्त  पढ़ा था. और बाद में नौकरी करने के दौरान भी जब भी कोई Training Program organize किया जाता तो भी इन टूल्स के बारे में जरूर बताया जाता था. धीरे धीरे मैं  इन्हें  अपनी  जॉब  related  activities में  use करने  लगा  और  बाद  में  अपनी  रोज़  मर्रा ज़िन्दगी  में .

यहाँ मैं आपके साथ इन्ही के बारे में अपना experience share कर रहा हूँ.

To Do List एक ऐसी सूची है जिसमे आपको क्या क्या काम करने हैं वो लिख लिए जाते हैं. ये बहुत हद्द तक वैसी ही list है जो बाज़ार से सामान लाने के लिए तैयार की जाती है.जब आपके पास बहुत सारे काम हों तो ये बेहद कारगर साबित होती है. इसमें कोई काम छूटने  का डर नहीं रहता. अब मैं आपको एक real-life scenario बताता हूँ.

किसी busy day पर मेरी To Do List  कुछ ऐसी हो सकती है:

  • AchhiKhabar.Com के लिए एक नयी पोस्ट तैयार करना .
  •  Grocery का सामान लाना.
  • किसी दोस्त से मिलना
  • मोबाइल Bill जमा करना
  • किसी  को  Birthday या Marriage Anniversary की बधाई देना.
  • किसी बुक के कुछ pages पढना.
  • Office का  कोई  जरूरी  काम  करना
  • श्रीमती  के  लिए  शौपिंग  करना .

एक बार लिस्ट तैयार हो जाने के बाद मुझे पता होता है कि आज मुझे क्या क्या करना है. अब at the end of the day मेरा satisfaction level उतना अधिक होगा जितना अधिक काम मैं complete कर पाऊंगा. इसमें एक ज़रूरी चीज ये भी है कि सिर्फ पूरे हुए कामों कि संख्या नहीं बढानी है बल्कि ये भी ध्यान देना है कि जरूरी काम रह ना जाएं. और यहीं पर मैं Time Management Matrix का प्रयोग करता हूँ.Time Management Matrix के concept को Stephen R. Covey ने  अपनी  बुक The Seven Habits of Highly Effective People से popularize किया था .

टाइम मैनेजमेंट मैट्रिक्स कुछ इस तरह दिखती

Time Management Matrix

यहाँ चार quadrants हैं:

 

First Quadrant : Urgent and Important  ( अत्यंत आवश्यक और महत्त्वपूर्ण )

ऐसे  काम  को  तुरंत  करना  होता  है .

Second Quadrant :Important Not Urgent (महत्त्वपूर्ण पर अत्यंत आवश्यक नहीं)

ऐसे  काम  को  करना  जरूरी  है  पर  आप इसके लिए समय निश्चित करके इस पूरा कर सकते हैं.

Third Quadrant : Urgent Not Important ( अत्यंत आवश्यक पर महत्त्वपूर्ण नहीं)

ऐसे काम को आप किसी दुसरे को करने को दे सकते हैं.

First Quadrant : Not Important Not Urgent ( ना  महत्त्वपूर्ण ना अत्यंत आवश्यक)

ऐसे काम को आप फिलहाल टाल सकते हैं.

अब  मैंने  जो  To Do List बनायीं  है  उसमे  लिखे  tasks को  इन  चार  quadrants में  डालना  होता  है.

जैसा  कि  quadrants के  नाम  हैं  उसी  हिसाब  से  मेरे  काम  इन  चारों  में  से  किसी  एक quadrant में  fit होंगे .

कौन  सा  काम  किस  quadrant   में  जायेगा   ये  person to person और  उस  समय  कि  पारिस्थि  के  हिसाब  से  differ करेगा , for example, आम  दिनों  में   wife को  shopping करना   मेरे  लिए  Not Important Not Urgent होता  है  पर  जब  वो  नाराज़  होती  हैं  तो  ये   Urgent and Important हो जाता है. :) ..ज्यादातर  पतियों  के  साथ  यही  होता  है .

अब  मै  एक  सादे  पन्ने  पर  एक  बड़ा  सा  Square बना  लेता  हूँ  और  उन्हें  चार  quadrants में  divide कर  लेता  हूँ  और  अपने  To Do List के  items इनमे  fit कर  लेता  हूँ .

अगर मैं अपनी बनायीं लिस्ट की बात करूँ तो मेरा division कुछ ऐसा होगा:

First Quadrant ( Urgent and Important ) में :

  • Office का  कोई  जरूरी  काम  करना
  • किसी  को  Birthday या Marriage Anniversary की बधाई देना.

Second Quadrant (Important Not Urgent) में:

  • AchhiKhabar.Com के लिए एक नयी पोस्ट तैयार करना .
  • Grocery का सामान लाना.

Third Quadrant (Urgent Not Important ) में :

  • मोबाइल Bill जमा करना ( जब last date करीब हो)

Fourth Quadrant (Not Important Not Urgent)

  • किसी दोस्त से मिलना
  • किसी बुक के कुछ pages पढना.
  • श्रीमती  के  लिए  shopping  करना .

एक  बार  जब  ये  activity पूरी  हो  जाती  है  तो  मेरा  mind बिलकुल  clear रहता  है  कि  कौन  सा  काम  पहले  करना  है  , और  उसी  हिसाब  से  मैं  अपने  काम  निबटाने  लगता  हूँ .इस  पन्ने  को  मैं  उस  दिन  अपने  साथ   ही  रखता  हूँ …और  जैसे  ही  कोई  काम  पूरा  होता  है  उसे  pen से  काट   देता  हूँ  , ये  करने  में  सच  में  बहुत  मज़ा  आता  है …किसी  बड़े  काम  का  completion एक  छोटी  सी  battle जीतने जैसी ख़ुशी देता है.

इस process को follow करने  से  मेरे  prioritized काम  पहले  हो  जाते  हैं  और  दिन  के  अंत  में  अगर  कुछ  काम  बच  भी  जाते  हैं  तो  भी  important काम   पूरा  हो  जाने  के  कारण  एक  satisfaction मिलता  है  और  लगता  है   कि  चलो  आज  का  दिन   अच्छा  गया .

इन  दोनों  tools को use करना  काफी  आसान  है .अगर  कोई  इन  tools को  effectively use कर  रहा  है  तो  उसके  first quadrant में  कम  से  कम  काम  आने  चाहियें . यानि  कोई  भी  काम  URGENT और  IMPORTANT दोनों  बनने  से  पहले  ही  ख़तम  हो  जाना  चाहिए .इसे use करके आपकी   productivity निश्चित  रूप  से  बेहतर होगी  . हो  सकता  है  शुरू  में  इसका  use करना  थोडा  challenging लगे  पर  आप  इस  जरूर  try कीजिये  , जो  टूल्स लाखों लोगों  के  लिए  काम  करते   हैं  वो  आपके  लिए  भी  जरूर  करेंगे .

All the best.

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50 thoughts on “Time Management Matrix -जब काम हो ज्यादा और वक़्त हो कम

  1. Ajay Bansod

    Since long I have been using ‘To do List’ successfully but was not able to Prioritize my tasks. Now the Time Management Matrix suggested by you will further enhance my performance and satisfaction. Thank you very much for this.

    Reply
  2. RAJU TANNA

    Sir ji aap ye Article to zabrdast hai hi lekin har ek Article kbare me ab kya kahu mere pas koi word nahi hai , aap k kafi Article mai fb pe aur mere blog pe daltahu,
    tnx, god bls u, plz keep it up..

    Reply
    1. Gopal Mishra Post author

      Thanks. Article ko copy karna theek nahi hai…aap bas uska link de diya kariye.

      Reply
  3. arpit sharma

    am so so impressed wid the articles on achikhabar :)
    now i spend my most of the time reading all such great articles here rather then spending my time on facebook :)
    keep it up

    Reply
  4. DAULAT RAM SANKHLA INSA

    THANKS DEAR SIR APNE JO HAME YEH TECHNIC BTAI HAI ME ISE JROOR USE KARUNGA PEHLE APNE HISAB SE KARTA THA PAR ABB IS METHOD K ACCORDING KARUNGA THANKS AUR SAATH ME AAPSE ME MEMORY EXPAND KARNI KI TECHNIC BHI CHAHTA AGAR KOI HAI TO

    Reply
  5. kuldip chandra mishra

    aapne to ye bade bate ki bat batai h but sometime aisa hota hai ki koi kam sudden hi aa padte h jo ki hamari list se bahar hote h to uske samne sare impotant work dhare ke dhare rah jate hai means at least chhoot hi jate hai….ha ye alag bat hai ki hum unhe din me nahi to rat me hi kar lena chahte ho……becoz i think ab hum bi foreign jaise hote ja rahe hai…jo kam din me nahi ho pata vo rat me kar sakte hai ya fir kar lete hai……fir to hume apne sone me bhale hi kotahi karni pad jaye…………….vaise gopal bhaiya aap ki ye sare notes kafi inspire karne wali hai…..bahut achha kiya aapne ise suru kar diya aur sabse badi bat hai ki internet iska medium bana diya….nahi to meri tarah books me ise kaun dundta….mere bhi apne kuchh sunahre pages h but kabhi socha nahi tha aisa…….koi nahi aap h na !

    kuldeep mishra(jaunpur)

    Reply
  6. Aashish Gupta

    Sir how r u n how could u think so well… … give me tips to speak the things in a proper sequence before the audience …… well done sir …. Aapka bahut ardent fan… Aashish Gupta mobile number… 9806837971..

    Reply
  7. Anonymous

    Thank you Sir , I am your one of the follower.When i feel demoralised , i remember your site.
    Your blogs are really motivable. Please keep on.

    Reply
    1. Chaudhary Pradeep Rana

      धन्यबाद मैँ कल यूँही सर्च कर रहा था और अचानक आपकी साइट पर आ गया पढ़कर मुझे बहुत अच्छा लगा और मैँ आपका फैन हो गया।फेसबुक छोड़ और टाइम मैनेजमेँट मैटरिक्स पर काम करने की कोशिश करुँगा।

      Reply
  8. deepak

    sir y sab muje aajmane me problem ho rhi hai m aalash krta hu kaam me abhi ka kaam baad pe taal deta hu mehnat s ji churata hu apne shoke k liye apne goal s bhatak rha hu har waqt chinta m rhta hu usse na mansik preshaniya increase ho gyi hai apni preshaniyo ko khud hi increase kr rha hu please any body help me! me esse niklna cahta please guys help me! for this weak point

    Reply
    1. Devesh kushwah

      ek baar tum apne aap se puch lo,..,tum kya chahiye apne goals achieve karne h yaa apne shouk pure karne h,.., tum khud clear ho jaaoge..,, or subah megitation karo isse tumhara man shaant rahegaa. or tum use samjha sakoge.,

      Reply
  9. sourabh bhargava

    I read your many article like on self confidence English speaking n this one all are very nice and very use full but a silly mistake in this article
    u are written 3 on the place of 4 in time management matrix so please change it and don’t mind it m not a negative thinker but i saw so i think to say…
    you say na in self confidence jaha lage waha bolna chaiye so ill dcd u say this……..
    thank you…………

    Reply
  10. PARBJOT SINGH

    SIR JI BIL KHUL SAHI KHA AAP NE……………KASAM KHUDA KI APNI PURI LIFE ME MENE IS TRAH KE ARTICLE NHI DEKHE…………….REALLY………..U R VERY GOOD PERSON,,,,,,,,,,,,,,

    THANK YOU VERY MUCH

    Reply
  11. BHUPENDER VATS

    bhai,
    ma ese jarur use karke dekhuga, or sath ke eacha karta hu ke appe ase hee Achha vichar or bate share karte rahege,
    appe jase logo se he duniya ka astetava kayam ha.

    BHUPENDER VATS
    9891975003

    Reply

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