Suicide करना है तो हमेशा के लिए करो-Osho

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Don't commit an ordinary suicide

Hi friends,

कुछ दिनों पहले मुझे एक mail आई जिसे लिखने वाले ने अपनी ज़िन्दगी ख़तम करने के बारे में लिखा था. मैंने उसे अपने विचारों से समझाने की कोशिश की थी, पर पता नहीं उसे वो बात समझ आई की नहीं. पर आज जो बाते मैं आपसे share कर रहा हूँ वो किसी के समझ में आने की संभावना कहीं अधिक हैं. दरअसल ये बातें OSHO द्वारा कही गयीं है. ऐसा बातें उन्होंने एक व्यक्ति के आत्महत्या करने की इच्छा व्यक्त करने के उत्तर में कही थीं.

मेरा आपसे अनुरोध है कि अगर आपको ऐसे किसी व्यक्ति के बारे में पता चले जो sucide करना चाहता है या ऐसे symptoms show कर रहा है तो उसे ये लेख अवश्य पढने को कहें. तो आइये देखते हैं क्या कहा ओशो ने:

Suicide करना है तो हमेशा के लिए करो-Osho

व्यक्ति : मैं आत्महत्या करना चाहता हूँ .

Osho: तो  पहले  संन्यास  ले  लो . और  तुम्हे  आत्महत्या  करने  की  ज़रुरत  नहीं  पड़ेगी , क्योंकि  संन्यास   लेने  से  बढ़  कर  कोई  आत्महत्या  नही  है . और  किसी  को  आत्महत्या  क्यों  करनी  चाहिए ? मौत  तो  खुद  बखुद  आ  रही  है —तुम  इतनी  जल्दबाजी  में  क्यों  हो ? मौत  आएगी , वो  हमेशा  आती  है . तुम्हारे  ना  चाहते  हुए  भी   वो  आती  है . तुम्हे  उसे  जाकर  मिलने  की  ज़रुरत  नहीं  है , वो  अपने  आप  आ  जाती  है .पर  तुम  अपने  जीवन  को  बुरी  तरह  से  miss करोगे .  तुम  क्रोध , या  चिंता  की  वजह  से  suicide करना  चाहते  हो . मैं  तुम्हे   real suicide सिखाऊंगा . एक  सन्यासी  बन  जाओ .

और  ordinary suicide करने  से  कुछ  ख़ास  नहीं  होने  वाला  है . , आप  तुरंत  ही  किसी  और  कोख  में  कहीं  और  पैदा  हो  जाओगे . कुछ  बेवकूफ  लोग  कहीं  प्यार  कर  रहे  होंगे , याद  रखो ..तुम  फिर  फंस  जाओगे .. तुम  इतनी  आसानी  से  नहीं  निकल  सकते —बौहुत   सारे  बेवकूफ  हैं . इस शरीर से  निकलने  से  पहले  तुम  किसी   और  जाल  में  फंस  जाओगे . और  एक  बार  फिर  तुम्हे  school., college , university जाना  पड़ेगा – जरा  उसके  बारे  में  सोचो . उन  सभी  कष्ट  भरे  अनुभवों  के  बारे  में  सोचो — वो  तुम्हे  sucide करने  से  रोकेगा .

तुम  जानते  हो , Indians इतनी  आसानी  से  suicide नहीं  करते , क्योंकि  वो  जानते  हैं  कि  वो  फिर  पैदा  हो  जायेंगे , West में  suicide और  suicidal ideas exist करते  हैं ; बहुत  लोग  suicide करते  हैं , और  psychoanalyst कहते  हैं  कि  बहुत  कम  लोग  होते  हैं  जो  ऐसा  करने  का  नहीं  सोचते  हैं .  दरअसल  एक  आदमी  ने  investigate कर  के  कुछ  data इकठ्ठा  किया  था , और  उसका  कहना  है  कि – हर  एक  व्यक्ति  अपने  जीवन  में  कम  से  कम 4 बार  suicide करने  को  सोचता  है . पर  ये  West की  बात  है , East में  , चूँकि  लोग  पुनर्जन्म  के  बारे  में  जानते  हैं  इसलिए  कोई  suicide नहीं  करना  चाहता  है – फायदा  क्या  है ? तुम  एक  दरवाज़े  से  निकलते  हो  और  किसी  और  दरवाजे  से  फिर  अन्दर  आ  जाते  हो .  तुम  इतनी  आसानी  से  नहीं  जा  सकते .

मैं  तुम्हे  असली  आत्महत्या  करना  सिखाऊंगा , तुम  हमेशा  के  लिए  जा  सकते  हो . इसी  का  मतलब  है  बुद्ध  बनना – हमेशा  के  लिए  चले  जाना .

तुम  suicide क्यों  करना  चाहते  हो ? शायद  तुम  जैसा  चाहते  थे  life वैसी  नहीं  चल  रही  है ? पर  तुम  ज़िन्दगी  पर  अपना  तरीका , अपनी  इच्छा  थोपने  वाले  होते  कौन  हो ? हो  सकता  है  तुम्हारी  इच्छाएं  पूरी  ना हुई  हों ?  तो  खुद  को  क्यों  ख़तम  करते  हो  अपनी  इच्छाओं  को  ख़तम  करो .हो  सकता  है  तुम्हारी  expectations पूरी  ना  हुई  हों , और  तुम  frustrated feel कर  रहे  हो . जब  इंसान  frustration में  होता  है  तो  वो  destroy करना  चाहता  है . और  तब केवल  दो संभावनाएं  होती  हैं —या  तो  किसी  और  को  मारो  या  खुद  को . किसी  और  को  मारना  खतरनाक  है  , इसलिए  लोग  खुद  को  मारने का  सोचने  लगते  हैं . लेकिन  ये  भी  तो  एक  murder है !!  तो  क्यों  ना  ज़िन्दगी को  ख़तम  करने  की  बजाये  उसे  बदल  दें !!!

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52 thoughts on “Suicide करना है तो हमेशा के लिए करो-Osho

  1. Rahul Sharma

    main apni zindagi se shuru se hi bht pareshan hu kki meri maa nai hai or bht kosish ki khud ko marne ki pr aage walo ke future ko dekh kr ruk jata hu lakh kosish ki marne ki pr phir so zindagi har kisi ko itni asani se nai milti hai or zhndagi main kch kr ke jana hai.ostho ke artikle ko padh kr zindgi jeene ki ek nai ummeed kayam hui hai.thnx a lot sir g.

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  2. viresh s jariwala

    मैं संन्यास चाहता हूँ . असली आत्महत्या करना चाहता हूँ. क्योंकि संन्यास लेने से बढ़ कर कोई आत्महत्या नही है .

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  3. Pooja

    I m……………. BIG BIG ……………….VERY BIG fan of ur site…..
    i feel very good after reading ur articles……………………………….
    MINDBLOWING sir…………………………..kEEP IT UP

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  4. नितिन कड

    या गोष्टी अणुभवतोय कि आपण पुन्हा येनारच कारण माझ आयुष्या मी ईश्वराकडे सोपवलय त्याची इच्छा असेल तर मी त्याच्या साठी नक्की मणापासुन येइन आपला आभारी आहे जाणीव करुण दिल्याबद्दल

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  5. S J

    I was expecting some more contents here….probably the detail of solution is insufficient… It was very short. But the central theme written here is great!

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  6. Nimesh kumar

    आपके इस लेख ने तो सच में मुझे बड़ा प्रेरित किया है.
    बहुत बहुत धन्यवाद् !

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  7. rajni sadana

    दिल को छूने वाला लेख है यह |संतों के वचनामृत जीवन को सार्थक बनाने के लिए सबसे बड़े साधन हुआ करते हैं | आपने email लिखने वाले के लिए जो concern दिखाया है उसके लिए मान्यवर आप भी धन्यवाद के पात्र हैं |ईश्वर सबको दूसरों की मदद करने की सन्मति दें |
    आभार
    रजनी सडाना

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  8. Khilesh

    बहोत महत्वपुर्ण लेख गोपाल जी ।
    आत्महत्या वही व्यक्ती करता है जीसमे कुछ कर दिखाने कि हिंमत नही होती या हालातो को कोसने वाला व्यक्ती

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