धरती फट रही है !

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बहुत समय पहले की बात है किसी जंगल में एक गधा बरगद के पेड़ के नीचे लेट कर आराम कर रहा था .

Jatak Katha in Hindi

भागो धरती फट रही है !!

लेटे-लेटे उसके मन में बुरे ख़याल आने लगे , उसने सोचा ,” यदि धरती फट गयी तो मेरा क्या होगा ?” अभी उसने ऐसा सोचा ही था कि उसे एक जोर के धमाके की आवाज़ आयी. वह भयभीत हो उठा और चीखने लगा ” भागो-भागो धरती फट रही है , अपनी जान बचाओ…..”  और ऐसा कहते हुए वह पागलों की तरह एक दिशा में भागने लगा.

उसे इस कदर भागता देखते हुए एक अन्य गधे ने उससे पूछा , ” अरे क्या हुआ भाई , तुम इस तरह बदहवास भागे क्यों जा रहे हो ?”

” अरे तुम भी भागो…अपनी जान बचाओ, धरती फट रही है…”, ऐसा चीखते हुए वह भागता रहा .

यह सुन कर दूसरा गधा  भी डर गया और उसके साथ भागने लगा.  अब तो वह दोनों एक साथ चिल्ला रहे थे- ” भागो-भागो धरती फट रही है …भागो-भागो ….”

देखते-देखते सैकड़ों गधे इस बात को दोहराते हुए उसी दिशा में भागने लगे.

गधों को इस तरह भागता देख , अन्य जानवर भी डर गए. धरती फटने की खबर जंगल में लगी आग की तरह फैलने लगी , और जल्द ही सबको पता चल गया की धरती फट रही है. चारो तरफ जानवरों की चीख-पुकार मच गयी , सांप, बिच्छु , सीयार , लोमड , हाथी , घोड़े ..सभी उस झुण्ड में शामिल हो  भागने लगे.

जंगल में फैले इसे हो-हल्ले को सुन अपनी गुफा में विश्राम कर रहा जंगल का रजा शेर बाहर निकला , उसे अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ  कि सारे जानवर एक ही दिशा में भागे जा रहे हैं.वह उछल कर सबके सामने आया और गूंजती हुई दहाड़ के साथ बोला , ” ये क्या पागलपन है ? कहाँ भागे जा रहे हो तुम सब ??”

” महाराज , धरती फट रही है !! , आप भी अपनी जान बचाइए. “, झुण्ड में आगे खड़ा बन्दर बोला.

” किसने कहा ये सब ?” , शेर ने प्रश्न किया

सब  एक दूसरे का मुंह देखने लगे , फिर बन्दर बोला ,” मुझे तो ये बात चीते ने बतायी थी.”

 चीते ने कहा , ” मैंने तो ये पक्षियों से सुना था .” और ऐसे करते करते  पता चला कि ये बात सबसे पहले गधे ने बताई थी.

गधे को महाराज के सामने बुलाया गया .

” तुम्हे कैसे पता चला कि धरती फट रही है ?”, शेर ने गुस्से से पूछा.

“मममम मैंने अपने कानो से धरती के फटने की आवाज़ सुनी महाराज !!”, गधे ने डरते हुए उत्तर दिया

” ठीक है चलो , मुझे उस जगह ले चलो और दिखाओ कि धरती फट रही है.”, ऐसा कहते हुए शेर गधे को उस तरफ ढकेलता हुआ ले जाने लगा. बाकी जानवर भी उनके पीछे हो लिए और डर-डर कर उस और बढ़ने लगे .बरगद के पास पहुच कर गधा बोला ,” हुजूर , मैं यहीं सो रहा था कि तभी जोर से धरती फटने की आवाज़ आई, मैंने खुद उडती हुई धूल देखी और भागने लगा “

शेर ने आस पास जा कर देखा और सारा मामला समझ गया . उसने सभी को संबोधित करते हुए बोला ,”  ये गधा महामूर्ख है , दरअसल पास ही  नारियल का एक ऊँचा पेड़ है , और तेज हवा चलने से उस पर लगा एक बड़ा सा नारियल नीचे पत्थर पर गिर पड़ा , पत्थर सरकने से आस-पास धूल उड़ने लगी और ये गधा ना जाने कैसे इसे धरती फटने की बात समझ बैठा .”

शेर ने बोलना जारी रखा ,” पर भाइयों ये तो गधा है , पर क्या आपके पास भी अपना दिमाग नहीं है , जाइए ,अपने घर जाइये और आइन्दा से किसी अफवाह पर यकीन करने से पहले दस बार सोचियेगा.”

Friends , हमारी life में भी कई बार ऐसा होता है कि हम किसी अफवाह को सुनते हैं और उसपर यकीन कर बैठते हैं . इन rumours की चपेट में आकर  हम कई बार ज्यादा पैसों की लालच में अपनी गाढ़ी कमाई भगेडू कंपनियों में लगा देते हैं तो कई मामलों में ये दंगों और भगदड़ के रूप में कई जाने ले लेता है.

इसलिए हमें किसी गधे की बात में यकीन करने से पहले अपना दिमाग ज़रूर लगा लेना चाहिए ,और ये भी समझना चाहिए कि अगर सैकड़ों लोग भी किसी गलत चीज को बढ़ावा दे रहे हैं तो भी वो गलत ही रहती है, और उससे बचने में ही भलाई है.

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Note: The inspirational story shared here is not my original creation, I have read it before and I am just providing a Hindi version of the same.

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20 thoughts on “धरती फट रही है !

  1. rajni sadana

    एक अच्छा सुझाव, उचित मार्गदर्शन एवं रोचक दिमागी व्यायाम |
    आभार

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  2. PRIYANSHU MAURYA

    HI, SIR AAJ MERA MOOD BAHUT KHARAB THA SAME AISHI HI SITUATION ME MAI THA BT AB AFTER STORY ACHHA FILL KR RHA HOIN…

    Reply
  3. Suresh Kumar Mehta

    Bilkul sahi baat hai sir jee mai kud ish chhakar mai ek baar pad gaya or apni galti ka eshssas kar raha hu.
    I like this Story.

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  4. Jitendra Maheshwari

    Sir g Kaanch do prakar ke hote ek simple kaanch jo jara si uchai se girne par toot jaata hai or ek bullet proof kaanch jisme kitni goliya daag do kabhi nahi toottaa hai. Kahane ke matlab sirf itna ek gaddhe ke chakkar me shero ko gaddha nahi samjha jaa sakta hai. ” Hath ki sari ungliya barabar nahi hoti.” Acchikhabar Abhi hai na sir g.

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  5. Radha

    Ajj mujhe is story is bohat kuch sikhne ko mila. actually aj mere stage b same un animals k jaise the jinhone us Ass ke baaton pr belive kiya or dorna shuru ho gye.
    after reading this story i felt relax …….. thanks a ton :)

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  6. Sahil kumar

    Sir, it is a very nice story. मैं अभी 15.5 साल का हूँ और आगे जाकर मुझे ऐसे कई DONKEY मिलेगे जिन से बचने के लिए यह story बहुत helpful रहेगी

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