बूढ़े दादा जी को उदास बैठे देख बच्चों ने पूछा , “क्या हुआ दादा जी , आज आप इतने उदास बैठे क्या सोच रहे हैं ?”
“कुछ नहीं , बस यूँही अपनी ज़िन्दगी के बारे में सोच रहा था !”, दादा जी बोले .
“जरा हमें भी अपनी लाइफ के बारे में बताइये न …”, बच्चों ने ज़िद्द्द की .

Sam Kimelman sits on a park bench in Assiniboine Park Wednesday morning. For Life story by Gord Sinclair. Wayne Glowacki / Winnipeg Free Press July 15 2015
दादा जी कुछ देर सोचते रहे और फिर बोले , “ जब मैं छोटा था , मेरे ऊपर कोई जिम्मेदारी नहीं थी , मेरी कल्पनाओं की भी कोई सीमा नहीं थी …. मैं दुनिया बदलने के बारे में सोचा करता था …
जब मैं थोड़ा बड़ा हुआ …बुद्धि कुछ बढ़ी ….तो सोचने लगा ये दुनिया बदलना तो बहुत मुश्किल काम है …इसलिए मैंने अपना लक्ष्य थोड़ा छोटा कर लिया … सोचा दुनिया न सही मैं अपना देश तो बदल ही सकता हूँ .
पर जब कुछ और समय बीता , मैं अधेड़ होने को आया … तो लगा ये देश बदलना भी कोई मामूली बात नहीं है …हर कोई ऐसा नहीं कर सकता है …चलो मैं बस अपने परिवार और करीबी लोगों को बदलता हूँ …
पर अफ़सोस मैं वो भी नहीं कर पाया .
और अब जब मैं इस दुनिया में कुछ दिनों का ही मेहमान हूँ तो मुझे एहसास होता है कि बस अगर मैंने खुद को बदलने का सोचा होता तो मैं ऐसा ज़रूर कर पाता …और हो सकता है मुझे देखकर मेरा परिवार भी बदल जाता …और क्या पता उनसे प्रेरणा लेकर ये देश भी कुछ बदल जाता … और तब शायद मैं इस दुनिया को भी बदल पाता !
ये कहते-कहते दादा जी की आँखें नम हो गयीं और वे धीरे से बोले, “बच्चों ! तुम मेरी जैसी गलती मत करना …कुछ और बदलने से पहले खुद को बदलना …बाकि सब अपने आप बदलता चला जायेगा .”
Friends, हम सभी में दुनिया बदलने की ताकत है पर इसकी शुरआत खुद से ही होती है . कुछ और बदलने से पहले हमें खुद को बदलना होगा …हमें खुद को तैयार करना होगा …अपनी skills को strengthen करना होगा …अपने attitude को positive बनाना होगा …अपनी determination को फौलाद करना होगा …और तभी हम वो हर एक बदलाव ला पाएंगे जो हम सचमुच लाना चाहते हैं .
दोस्तों , इसी बात को महात्मा गांधी ने बड़े प्रभावी ढंग से कहा है …
Be the change that you want to see in the world.
खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं.
तो चलिए आज से हम खुद वो बदलाव बनते हैं जो हम दुनिया में देखना चाहते हैं.
— पढ़ें प्रेरणादायक कहानियों का विशाल संग्रह —
This story is inspired from: How to Start Changing the World
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सोच बदलने से इंसान बदलता, आैर स्वयं को बदलने से संसार बदलता है
Nice one , main bhi khudme zaruri badlaw karunga!
Very nice article Gopal ji. We have to change our self, society will automatically change.
Sir G very very thanks aapke blog read krk man mai nai umang aa jati h ham aapke Bahut aabhari h K free mein Kuch krne ka marg mil jata h.
YADI JITNA CHAHTE HO TO BADLO APNE APKO JAMANE KO CHALNE DO APNE ANDAZ SE
सर, आपका मार्गदर्शन हमें हमेशा मिलता रहे. आपका धन्यवाद
बहुत अच्छा साईट है.सर, जी का बहुत धन्यवाद.
सही बात जो बदलाव हम दूसरो में लाना चाहते हैं , वाही बदलाव पहले खुद में लाना होंगा .thanks for sharing this wonderful story Really these are true facts.
sach kaha hai kisi ne ki bade se bade badlaav ke liye sirf ek hi aadmi kaafi hai.
Great story.