
Thoughts become reality…
वो सोचो जो चाहते हो वो नहीं जो नहीं चाहते हो ! Continued…। ( यदि आपने पिछली पोस्ट ना पढ़ी हो तो एक बार ज़रूर पढ़ लें , ये पोस्ट उससे related है . )
Ok…य़े तो बड़ा आसान है … मुझे जो चाहिए वो सोचूं and as per law ब्रह्माण्ड मुझे वो सब कुछ दे देगा .Right, पर problem ये है कि जो चाहते हैं सिर्फ उसी के बारे में सोचना आसान नहीं है .
इंसानी दिमाग हर वक़्त सोचता रहता है …इसे control करना बहुत मुश्किल होता है …शायद इसीलिए हमारे ऋषि -मुनियों ने ध्यान लगाने की विधि बनायीं होगी ताकि हम सोच की infinite power को खुद नियंत्रित कर सकें .
पर हम उस तरह ध्यान नहीं लगा सकते … तो फिर हम क्या कर सकते हैं ?
मैं क्या करता हूँ वो आपको बताता हूँ . पहली बात , मुझे जो चाहिए मैं उसे अच्छी तरह से imagine करता हूँ … छोटी -छोटी details तक . ये कुछ भी हो सकता है , AchhiKhabar.Com (AKC) की growth ( जो मैंने ये तरीका follow करते हुए पायी है ), अच्छी relationships, या financial abundance.
अब ये thought लगातार बनी रहे इसलिए मैं इसे दिन भर में कई बार अपने मन में दोहराता हूँ …उससे related visual images इमेजिन करता हूँ …अच्छा feel करने की कोशिश करता हूँ …ऐसा नही कि मैं दिन भर यही करते रहता हूँ …ये randomly होता है , कभी भी …office जाते वक़्त , lunch करते हुए …या किसी और time, पर मैं दिन में कई बार मुझे जो चाहिए उस बारे में सोचता हूँ .पर इसका ये मतलब नहीं है कि मुझे जो नहीं चाहिए वो विचार मेरे अंदर आते ही नहीं …कई बार आते हैं …लेकिन जैसे ही मैं conscious हो जाता हूँ कि ये वो नहीं जो मुझे चाहिए तो मैं उसे वहीँ छोड़ उसका उल्टा सोचने लगता हूँ .
और ऐसा मैं हर तरह की thoughts के साथ करता हूँ . Primarily मुझे जो चाहिए वो दो -तीन चीजें ही हैं लेकिन उनके अलावा भी मैं कोशिश करता हूँ कि हर एक condition में मैं वही सोचूं जो मैं चाहता हूँ … for ex. अगर कहीं पहुँचने में देर हो रही होती है तो दिमाग में आता है कि कहीं traffic जाम ना मिले , जिससे मिलना है वो चला ना जाए …etc….पर जैसे ही मैं conscious हो जाता हूँ कि ये वो नहीं जो मैं चाहता हूँ तो मैं ठीक उल्टा सोचना शुरू करता हूँ … traffic बिल्कुल smooth है…हर कोई मुझे रास्ता दे रहा है …और जिससे मिलना है वो मुझे ख़ुशी के साथ welcome कर रहा है ….
Of course, ज़रूरी नहीं है कि ऐसा हो ….पर ऐसा करने से आप एक बहुत अच्छी आदत develop कर पाते हैं …. वो सोचना जो आप चाहते हैं ……वो नहीं जो आप नहीं चाहते हैं .
Well, ये conscious हो कर सोचने वाली प्रक्रिया बहुत powerful है पर foolproof नहीं है …क्योंकि हो सकता है आप बुरे विचारों में इतने उलझे हों कि ध्यान ही न जाये कि जो चाहते हैं वो सोचें . इसलिए मैं तीन ऐसी चीजें करता हूँ जो काम कर जाएं .
पहला है– अपनी Success Diary लिखना …again , इसके बारे में मैं बता चुका हूँ , so I won’t repeat. In short…आप जो चाहते हैं उसे रोज या week मैं 3-4 बार ज़रूर लिखें .
दूसरा , दिन में दो -तीन बार ऐसा मौका मिलता है जब आप निश्चित रूप से अकेले होते हैं …fresh होते वक़्त , नहाते हुए …या office जाते समय . आप इन situations को अपनी life priorities के बारे में सोचने के लिए dedicate कर सकते हैं .
For ex : जब मैं fresh हो रहा होता हूँ तो मैं अपने financial abundance के बारे में सोचता हूँ . Scooty से office जाते वक़्त मैं भगवान् को वो सब कुछ जो उन्होंने दिया है उसके लिए thanks करता हूँ …. हाँ , मैं कई बार इसमें चूक भी जाता हूँ …पर धीरे -धीरे ये मेरी आदत बन रही है …और मैं अपनी life में changes भी महसूस कर रहा हूँ . Friends, अपनी thoughts को किसी physical activity से जोड़ना सुनिश्चित करता है कि at least उस वक़्त आप वो सोच पाते हैं जो आपको सोचना चाहिए .
तीसरा , Vision Folder देखना . Vision folder दरअसल कुछ ऐसी images का collection है जिसे मैं अपनी life में चाहता हूँ …for ex: my dream SUV, money, my home office, etc.
इस folder को मैं अपने desktop पर save करके रखता हूँ और जब इसपर ध्यान जाता है तो थोड़ी देर खोल कर देख लेता हूँ . जैसा कि मैं पिछली post में कह चुका हूँ , हम images के through सोचते हैं , इसलिए vision folder बनाना अपनी मन चाही चीज पाने का एक powerful तरीका है , आप इसे ज़रूर try करें .
चलिए , अब हम कुछ common thoughts देखते हैं और ये भी देखते हैं कि उनकी जगह हमें क्या सोचना चाहिए —
| नहीं चाहते |
चाहते हैं |
| Teacher / Boss गुस्सा करेगा . | Teacher / Boss गुस्सा नहीं करेगा —- ये भी गलत thought है …इसमें “गुस्से ” की image बनती है …. “Teacher/Boss आज मेरी प्रशंशा करेगा .” सही विचार है। |
| मैं रोज late हो जाता हूँ. | मैं अब time से पहुँचने लगा हूँ . |
| मुझे पैसों की तंगी रहती है . | मेरे पास बहुत पैसा है . |
| कहीं मैं fail न हो जाऊं ? | मेरे अच्छे marks आयेंगे . |
| Xyz मुझे नहीं चाहता /चाहती. | Xyz मुझे बहुत चाहता /चाहती है . |
| मेरी तबीयत ठीक नहीं रहती। | मैं बिलकुल fit रहता हूँ। |
| मुझे लोग पसंद नहीं करते . | मैं सबका favourite हूँ . |
| मुझे हमेश बुरे लोग मिलते हैं। | मुझे हमेशा अच्छे लोग मिलते हैं . |
Friends, अंत में एक बात और …. ब्रह्माण्ड बहुत बड़ा है …जब आप order करते हैं तो दूर कहीं उन चीजों का निर्माण शुरू होता है…छोटी चीजें जल्दी बन जाती हैं … बड़ी चीजें बनने में थोडा वक़्त लगता है …जब कोई चीज बन जाती है तो उसे आपको deliver करने के लिए भेजा जाता है ,पर अगर बीच में ही आप अपना order cancel कर देते हैं तो वो चीज वापस चली जाती है …. ये कोई बुरी बात नहीं है , इसका फायदा ये है कि आप अपने बुरे orders cancel कर सकते हैं और अपनी choice के fresh orders दे सकते हैं . पर अगर आप already अच्छे orders दे चुके हैं तो उन्हें बुरे orders से replace मत करिये …अपने order पर टिके रहिये …उस पर अपना belief बनाये रखिये , अगर आप ये सोचेंगे कि पता नहीं आर्डर आएगा कि नहीं तो अनजाने में आप एक नया “ना आने का ऑडर्र दे देंगे ” इसलिए अपनी belief बनाये रखिये और यकीन जानिये आपकी delivery भी एक दिन आप तक पहुँच जायेगी …यही नियम है !
All the best 🙂 .
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Ye story padhke mujhe bahut achhe feel hua..main kya karna chahta hun…kya mereko nehin chahiye mujhe woh pata hai..likin main negative ho jata thha.likin main avi se ye story ko mera general life main lagaunga & mereko 100% believe aayega ki khuda mere saath hamesha hi achha karenge…..(I Love You God)…thank you
“वो सोचो जो चाहते हो वो नहीं जो नहीं चाहते हो !”– इस शीर्षक के दोनों ही लेखन अच्छी सूझबूझ एवं अच्छे मार्गदर्शन के प्रतीक हैं |
वस्तुतः, हमारी जीवन-यात्रा में लक्ष्य की ओर जाने वाला मार्ग सबके लिए एक सा नहीं हुआ करता |किसी के जीवन में अधिक संघर्ष. ,किसी के जीवन में कम और किसी -किसी का जीवन तो जैसे संघर्ष का पर्याय ही हुआ करता है | सदैव सकारात्मक बने रहना यदि सम्भव नहीं तो अत्यंत कठिन अवश्य ही होता है |पर एक सत्य एवं तथ्य ,जिसे हम सभी स्वीकारें या नकारें पर जानते अवश्य हैं कि –” जीवन में कामयाबी उन्हीं के हिस्से आया करती है जिनकी नीयत साफ़ होती है |अब चाहे यह कामयाबी धन, मन,अध्ययन, सम्मान,आदर,प्रतिष्ठा ,स्नेह, प्रेम, एवं पारिवारिक सम्बन्धों के सुखद एवं सफल निर्वाह अथवा जीवन के किसी अन्य पहलू से ही क्यों न जुड़ी हो | ”
आभार
रजनी सडाना
Par hamesha positive sochne se kabhi- kabhi insaan muskil me phi fas skta hai is bare me jarur btae
Bahut acchi baat hai asa hota.Ise law of attraction kahte hai jaise sochte waise hi hota hai ,isliya hamesha +ive think.
Ek question kripya iska answer jarur send kare
How to always think positive when our atmosphere always says us negative .
Please apne vichar batae…
thank you
plz read this https://www.achhikhabar.com/2011/11/14/how-do-i-remain-positive/
it is very nice and logical
ye post mujhe bahut achha laga …….this is the modern way to guide the people . who think negative thought………….Lot of thanks to you.
thank u very much .
Bahut Acchi Post hai, iske liye bahut bahut sukriya, Apne ye The Secret se seekha hai, lekin ise aaj bahut kam log jaante hain, aap logo ko iske liye jaagruk kar rhe hain, Special Thanks for you
Thank you.. sir.. mai aap se bohot parbhavit hu…
bhagwan aap ke khwoesho ko pura kre..:-)..
यत् मुण्डे, तत् ब्रह्माण्डे