दोस्तों, पिछले महीने मुझे कोलकाता के सन्मार्ग फाउंडेशन की तरफ से एक मेल आयी जिसका Subject था –
“Invitation for 11th Ram Awatar Gupt Pratibha Puraskar 2017”

सब्जेक्ट पढ़कर लगा शायद मुझे कोई अवार्ड मिलने वाला है… मैं थोड़ा excited होकर मेल पढ़ने लगा….पर अन्दर बात कुछ और ही थी… मुझे सम्मान लेने के लिए नहीं देने के लिए as a Guest of Honor and Keynote Speaker इनवाईट किया जा रहा था.
अब ये मेरे लिए कुछ अजीब था…मतलब आपको कभी इस तरह का कोई सम्मान मिला ना हो और आप सीधा सम्मान देने पहुँच जाएं! ये बात digest करने में कुछ समय लगा…पर 4-5 बार मेल पढ़ने के बाद यकीन हो गया कि मेल गलती से नहीं आई थी और फाउंडेशन ने AchhiKhabar.Com (AKC) के माध्यम से हिंदी में किये गए मेरे काम की वजह से ये निमन्त्रण भेजा था.
यहाँ एक बात साफ़ करना चाहूँगा, बहुत से लोग जब हिंदी में कुछ करते हैं तो उन्हें लगता है कि वे हिंदी के लिए कुछ कर रहे हैं… हिंदी का सहारा बन रहे हैं…पर मेरा मानना है कि ऐसा बिलकुल भी नहीं है…अपनी ही बात करूँ तो मैंने AKC बना करा हिंदी पर कोई उपकार नहीं किया है….बल्कि हिंदी ने मुझे अभिव्यक्ति का इतना सशक्त माध्यम प्रदान करके मेरे ऊपर उपकार किया है. आज हिंदी की वजह से ही मैं समाज, समृद्धि, संतुष्टि तीनो मोर्चों पर खुद को स्थापित कर पा रहा हूँ…मुझे गर्व है कि हिंदी मेरी मातृ-भाषा है.
सन्मार्ग क्या है?
शायद आपमें से कुछ लोग “सन्मार्ग” को जानते होंगे, but for those who don’t know, सन्मार्ग हिंदी का एक अखबार है जो कोलकाता, पटना, रांची , भुवनेश्वर, आदि शहरों में काफी प्रसिद्द है. और सन्मार्ग फाउंडेशन के तत्वाधान में यह हर साल “राम अवतार गुप्त प्रतिभा पुरस्कार” का आयोजन करता है. यह पुरस्कार हिंदी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिया जाता है जिसमे मुख्य रूप से हाई स्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षाओं में हिंदी में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाता है. इन स्कूल स्टूडेट्स के अलावा कॉलेज लेवल पे भी हिंदी में अच्छा करने वाले विद्यार्थी व शिक्षक भी सम्मानित होते हैं.
इस साल यह आयोजन कोलकाता के साइंस सिटी ऑडिटोरियम में 18 जून को किया गया, जिसमे हज़ार से ऊपर लोग मौजूद थे. मैं भी समारोह में हिस्सा लेने के लिए 17 जून को गोरखपुर से कोलकाता पहुंच गया. मैं आयोजकों को तहे दिल से धन्यवाद देना चाहूँगा कि उन्होंने मेरे आने-जाने और ठहरने की best possible arrangements की.
दोस्तों, चूँकि मुझे वहां एक भाषण भी देना था, इसलिए मैंने पहले से ही तैयारी कर रखी थी और भगवान् की दया से इवेंट के दिन मैं एक धाराप्रवाह भाषण दे पाया, जिसकी काफी प्रशंसा भी हुई. 🙂
➡ भाषण यहाँ पढ़ें
सन्मार्ग में कवरेज
पिछले रविवार, 25 जून के अखबार में सन्मार्ग ने राम अवतार गुप्त प्रतिभा पुरस्कार की डिटेल्ड कवरेज पब्लिश की थी. यहाँ मैं अखबार में छपी खबर और कुछ pics शेयर कर रहा हूँ:

स्टेज पर मेरा स्वागत!

सन्मार्ग अखबार – 25 जून का अंक
मेरे द्वारा दिए भाषण का कुछ अंश, हालांकि यहाँ छपी कुछ बातें मेरे भाषण का हिस्सा नहीं थीं:

सन्मार्ग अखबार में छपी खबर

मैं भाषण देते हुए

बच्चों को सम्मानित करते हुए…
आभार
मैं AKC के सभी पाठकों और contributors का ह्रदय से धन्यवाद देता हूँ, जिनकी वजह से ये ब्लॉग दुनिया के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले हिंदी ब्लॉग्स में से एक बन पाया. आपके प्रोत्साहन और word of mouth के बिना ये कभी संभव नहीं हो पाता.
मैं आभारी हूँ सन्मार्ग फाउंडेशन का जिन्होंने इतने विशाल मंच पर मुझे, यानि एक हिंदी ब्लॉगर को बतौर गेस्ट ऑफ़ ऑनर और कीनोट स्पीकर आमंत्रित किया. यह अच्छीख़बर.कॉम, उसके लाखों पाठकों और मेरे लिए एक बड़ा सम्मान है. साथ ही ये सम्मान है उन सभी ब्लॉगर्स का जिन्होंने blogging करने के लिए हिंदी भाषा का चुनाव किया.
अंत में इतना ही कहना चाहूँगा कि –
ज्योति है, उर्जा है, ज्ञान का श्रृंगार है
हिंदी वो भाषा है जिससे हम सबको प्यार है
जय हिंद जय हिंदी
मेरी ब्लॉगिंग जर्नी के बारे में आप यहाँ पढ़ सकते हैं.

Congrats Sir, you receive great achievement. N Ye hindi blogger ke liye khusi ki baat hai.
Visit – Achhipost.com
गोपाल जी,
आपको बहुत बहुत बधाईयाँ.
मैं आपको बता नहीं सकता की मैं आपके लिये कितना खुश हु.
क्योकि आपको देखकर ही आज कई ब्लोग्गर हिंदी में काफी अच्छा काम कर रहे हैं. और जब इस तरह से कोई बात होती हैं. तो सबके लिये वो चीज और भी प्रेरणादायक बन जाती हैं. जैसे की मैं खुद आपकी लगातार इतने सालो से मेहनत देख रहा हु. मुझे लगता हैं आप को जो ये सन्मान मिला इसके आप पुरे हकदार हैं.
फिर से आपको बहुत बहुत बधाई.
धन्यवाद मयूर जी
Heartly congratulations to u Mr Gopal ji.
आपकी पोस्ट पढ़कर बहुत ख़ुशी हुई की आपको एक वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया | पर उससे भी ज्यादा ख़ुशी आपकी साफगोई से हुई | जैसा की आपने कहा की जब भी हम हिंदी में कुछ काम करते हैं तो हमें लगता है की हम हिंदी पर उपकार कर रहे हैं |यह धरणा मैंने बड़े – बड़े साहित्यकारों में देखी | यहाँ मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूँ की जब भी हमारे मन में उपकार का भाव होता है तो सम्मान का भाव नहीं होता | किसी भाषा की उन्नति के लिए सम्मान का भाव बहुत जरूरी है | और जैसा की आपने कहा की हिंदी हमारी मातृ-भाषा होने के साथ – साथ हमें अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है | आज हिंदी के लाखों पाठक है| और ये आंकड़ा बढ़ता ही जाना है | आपको इस सम्मान के लिए हार्दिक बधाई
धन्यवाद.
many many congratulations sir god bles u always
congratulations dear
congrats
बहुत बहुत बधाई हो | हिन्दी से जुड़ा रहा हूँ इसलिए मुझे व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रसन्नता हुई |
बहुत बहुत बधाई गोपाल,आपकी इस उपलब्धी पर हम सभी को गर्व है। भविष्य में भी हिन्दी प्रेम और आपका प्रयास और अधिक सम्मानित हो यही शुभकामना है। चुंकी उम्र में आपसे बङे हैं इसलिये अंनत आर्शिवाद
Congratulations..