
Do you really believe health is wealth?
Friends कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिसे हम जानते हैं कि हमें करना चाहिए पर फिर भी हम नहीं करते . उन्ही में से एक है . “अपनी सेहत पर ध्यान देना .”
हम कहते हैं “Health comes first” , पर हकीकत में हम इसे last preference देते हैं .
हम कहते हैं “Health is wealth”, पर जीते ऐसे हैं मानो “Wealth is health”
हममें से 95% लोग ऐसा ही करते हैं ; और मैं भी उन्ही 95% लोगों में हूँ या कह सकते हैं कि तीन दिन पहले तक था ..जो अपनी health पर ध्यान नहीं देते …. पर अब मैं 5% ध्यान देने वालों के group में jump करना चाहता हूँ . शुरुआत तीन दिन पहले की है , पिछले तीन दिनों से मैं सुबह उठ कर exercise कर रहा हूँ … इसे जारी रख पाऊँ ऐसी उम्मीद करता हूँ , और आज publicly इस बारे में बता कर शायद मैं इस दिशा में और भी मजबूती से बढ़ पाउँगा … let’s see!!!
और ऐसा नहीं है कि ये पहली बार शुरू किया है … पहले भी कई शुरुआत कर चुके हैं पर कुछ दिनों बाद आप जानते ही हैं क्या होता है …. और कैसे नहीं जानेंगे आपके साथ भी तो यही होता आया है … 🙂
पर मैं इस बार पीछे नहीं हटने वाला , अपनी daily routine में मैं exercise को ज़रूर include करूँगा और तब तक करूँगा जब तक ये brush करने या रोज नहाने जितना आम ना हो जाये …मेरी habit में ना आ जाये …
तो इसके लिए मैं क्या करने वाला हूँ ; इस बारे में बताता हूँ पर उससे पहले आइये समझने की कोशिश करते हैं कि हम अपनी health को ignore क्यों करते रहते हैं :
क्योंकि हमें प्यास लगने पे कुआँ खोदने की आदत है :
अधिकतर लोग बिजली बिल / टेलीफोन बिल कब जमा करते हैं ….last day पर … जब तक काम सर पर नही आ जाता हम उसे टालते रहते हैं … और यही health के साथ भी होता है ….. चूँकि अभी हमारी health normal है , इसलिए हमे इस और ध्यान देने की कोई urgency नहीं लगती , लगता है सब ठीक ही तो है , फिर अभी walk पे जाने की , jogging करने की क्या जल्दी है कुछ दिन बाद शुरू कर सकते हैं … but as we all know ऐसा हम कई सालों से सोचते आ रहे हैं, पर करते कभी नहीं .
हम सोचते हैं बुरी चीजें दूसरों के साथ ही हो सकती हैं :
Health के case में हम अपना बुरा कभी नहीं सोचते …. हाँ और चीजों में खूब बुरा सोच लेते हैं पर सेहत के मामले में हम अलग हैं …य़े जानते हुए भी की करोड़ों Indian diabetic हैं हम कभी नहीं सोचते की हमारी lazy lifestyle की वजह से हमें भी diabetes हो सकता है … हम इस ओर गलती से भी ध्यान नहीं देते कि अगर लाखों लोगों को young age में ही दिल की बीमारी हो रही है तो कल को हमें भी हो सकती है …मानो हम man नहीं superman हों !!!
हम सोचते हैं कि बाद में भी ध्यान दे दिया तो काम चल जायेगा :
पर ऐसा नहीं है , पहले तो ये “बाद ” जल्दी आता नहीं है , और दूसरा जिस वक़्त हम health को postpone करते जाते हैं उसी वक़्त हम bad health या बीमारी को advance करते जाते हैं . यानि हम खुद को समझा तो लेते हैं कि बाद में cover कर लेंगे पर जिस तरह school में शुरू से पढाई से जी चुराने वाला student कभी अंत में पढ़ कर 100% score नहीं कर पाटा , उसी तरह कोई इंसान सालों तक ignore करने के बाद अंत में ध्यान देने पर 100% health नहीं पा सकता , इसलिए हमे आज से ही इस direction में ध्यान देना चाहिए .
क्योंकि हमारा environment ऐसा है :
अगर आप सुबह walk पर जाएं तो आपको ज्यादातर old age people, या मोटापे से परेशान लोग ही दिखेंगे …ये वो हैं जिन्हे प्यास लग चुकी है , उनकी life में health issues आ चुके हैं …पर जो young हैं …अभी healthy हैं वो नदारद हैं … हमारा कोई दोस्त jogging पे नहीं जाता , gym के दर्शन नहीं करता इसलिए अगर हम नहीं करते तो क्या बुरा करते हैं ….friends, health पर ध्यान न देना दरअसल एक बीमारी है पर चूँकि 95% लोग बीमार हैं इसलिए इसे ही normal life मान लिया गया है …. पर as you know सच्चाई कुछ और ही है !
Well, अब मैं अपना plan बताता हूँ :
बड़ा simple है ; मैंने decide किया है कि मैं सुबह fresh होने के बाद का 30 minute exercise को दूंगा .
फिर चाहे मैं 6 बजे उठूँ या 9 बजे …ज़ब भी उठूंगा 30 minute health को दूंगा …. हम ब्रश के साथ भी तो यही करते हैं , isn’t it? क्या कोई ऐसा भी है जो देर से उठने पर brush नहीं करता …. सभी करते हैं … जब उठते हैं तब करते हैं … और वही मैं exercise के साथ करूँगा ….
इसमें क्या challenges आ सकते हैं ?
इससे मैं office के लिए late हो सकता हूँ …. मेरी आज plan की गयी blog post कल के लिए postpone हो सकती है …अखबार पढ़ने में gap हो सकता है …but let it be… हम हमेशा कहते हैं सेहत से बढ़कर कुछ नहीं , सेहत है तो दौलत है , and all that gyan … पर दिक्कत ये है कि सिर्फ कहते हैं practically कभी apply नहीं करते , इस बार मैं करने जा रहा हूँ …. मैं अपने आसपास मौजूद बीमार लोगों को देख रहा हूँ और मैंने इस बार अंदर से महसूस किया है कि “healthy” रहने से बड़ा और कोई asset हो ही नहीं सकता …
एक छोटी सी कहानी सुनाता हूँ …
एक सेठ था ,वो दिन- रात business बढ़ाने में लगा रहता था , उसका goal था कि उसे शहर का सबसे अमीर आदमी बनना है . धीरे -धीरे उसने ये goal पूरा भी कर लिया , इस कामयाबी की ख़ुशी में उसने एक शानदार घर बनवाया। गृह प्रवेश के दिन उसने एक बहुत बड़ी पार्टी दी और जब सारे मेहमान चले गए तो वो अपने कमरे में सोने के लिए गया .
वो जैसे ही बिस्तर पर लेटा एक आवाज़ उसके कानो में पड़ी ,
” मैं तुम्हारी आत्मा हूँ … और अब मैं तुम्हारा शरीर छोड़ कर जा रही हूँ !!”
सेठ सकते में आ गया और बोला , ” अरे तुम ऐस नहीं कर सकती, तुम चली जाओगी तो मैं तो मर जाऊँगा …देखो मैंने कितनी बड़ी कामयाबी हांसिल की है… तुम्हारे लिए करोड़ों रूपये का घर भी बनवाया है … इतनी सुख -सुविधाएं तुम्हे कहीं नहीं मिलेंगी … यहाँ से मत जाओ …”
आत्मा बोली , ” मेरा घर तो तुम्हारा शरीर था …. पर करोड़ों का घर बनवाने के चक्कर में तुमने इस अमूल्य शरीर का ही नाश कर डाला ,…तुम ठीक से चल नहीं पाते …ऱात को तुम्हे नींद नहीं आती … तुम्हारा दिल भी कमजोर हो चुका है …. तनाव की वजह से ना जाने और कितनी बीमारियों का घर बन चुका है तुम्हारा शरीर …… तुम ही बताओ क्या तुम ऐसे किसी घर में रहना चाहोगे जहाँ चारो तरफ गंदगी हो … जिसकी छत टपक रही हो …. जिसके खिड़की -दरवाजे टूटे हों …., नहीं चाहोगे ना !!! …. इसलिए मैं भी ऐसी जगह नहीं रह सकती ….”
और ऐसा कहते हुए आत्मा सेठ के शरीर से निकल गयी …और सेठ की मृत्यु हो गयी .
Friends, ये कहानी बहुत से लोगों की हकीकत है … मैं ये नहीं कहता की आप अपने goals pursue मत करिये , पर मैं ये ज़रूर कहूंगा कि जो भी करिये Health को सबसे ऊपर रखिये …. नहीं तो सेठ की तरह goal achieve कर लेने के बाद भी अपनी success को enjoy नहीं कर पाएंगे .
अंत में Swami Vivekananda के एक quote से अपनी बात ख़तम करना चाहूंगा …
“You will be nearer to heaven through football than through the study of the Gita.
तुम गीता का अध्ययन करने के बजाये फ़ुटबाल के जरिये स्वर्ग के ज्यादा निकट होगे .”
… गीता पढ़िए …. पर फ़ुटबाल खेलना मत भूलिए …. अपने goal के पीछे दौड़िये पर अपनी health को पीछे मत छोड़िये ….
All the best! 🙂
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Thanks You Gopal ji
You rmind me Edward Stanley quote
“Those who think they have no time for exercise will sooner or
later have to find time for illness.”
Lajabab hai sir
Thanks for such motivational post, Main bhi unhi 95% logon mai se ek hun but now no more… aub mujhe bhi 5% logon mai saamil hona hai….thanks again..keep it on…
I will try tommorrow. Go for exercies.
nice article.
good going on, I too wake up from your article, keep waking another persons
Great
मैं ५ प्रतिशत में कूद चुका हूँ और आयुर्वेद के अनुसार ही जीवनशैली ढाल रहा हूँ।
Parveen ji kya yoga me sneezing ka ilaj hai, main German me rehti hoon or is problem se behad preshan hoon.
Nice
Nice article. Thanks for reminding.. Hope we must follow your pathlines.
Thanks alot
Thanks for reminder for every person and me
Sir..apse ek reqst h…koi esa article likhiye jo ek mother and daughter in law k relationship ko sudhar ske..i feel that mostly women are not happy bcoz of their mother in law..how to treat wid in laws…