Motivational Seminar Worth It Or Not ( Hindi )

हाल ही में मैं एक बहुत फेमस इंडियन मोटिवेशनल स्पीकर की सेमीनार में गया. एक ऐसा बन्दा जिसने लाइफ में बहुत कुछ अचीव किया है, जिसके यूट्यूब वीडियोस पर millions of views हैं… बोलने में ऐसा कि आप बस मंत्रमुग्ध हो जाएं.
Expectations high थीं… पूरी उम्मीद थी कि आज ये 3 घंटे कुछ नया… कुछ अच्छा … कुछ लाइफ चेंजिंग सीखने को मिलेगा, जिसे practically apply करना आसान होगा.
मैं समय से ऑडिटोरियम की आगे वाली सीटों में से एक पर जा कर बैठ गया.
कुछ देर से ही सही स्पीकर साहब जनता के पीछे से सीढ़ियों से उतरते हुए आये… जनाब को 4 bouncers ने घेर रखा था. चलो ये भी ठीक है! 🙂
फिर उन्होंने जो टॉपिक था उसपर बोलना शुरू किया और 2 मिनट से भी कम बोल कर उसी चीज पे लौट आये जिसके वे आदि थे: सफलता — सक्सेस — कामयाबी!
मैंने सोचा हो सकता है थोड़ी ही देर में वे टॉपिक पर लौटें पर नहीं उन्हें तो वही बोलना था जो वो हमेशा से बोलते आये हैं–
- SMART Goals बनाओ
- कम्फर्ट जोन से बहार निकलो…
- बड़ा सोचो… dream big…
- कुछ मोटिवेशन स्टोरीज…
- और ऐसी ही कई बातें जो मैं हज़ारों पर पढ़, सुन या देख चुका हूँ.
ये ऐसा था जैसे आपको जादूगर की ट्रिक्स पहले से पता हों और वो आपको जादू दिखा रहा हो!
ऐसे में क्या आपको मजा आएगा? बिलकुल नहीं!
तो क्या ऐसी सेमिनार्स में जाना worth it है या नहीं!
Now, this doesn’t have a straight answer. ये डिपेंड करता है दो चीजों पर :
- आप कौन हैं?
- स्पीकर कौन है?
अगर आप ऐसे व्यक्ति हैं जो पहले से ही मोटिवेशनल कंटेंट consume करता रहा है- in form of blogs, videos, audios या books तो उसके लिए इस तरह की सेमिनार एक रिवीजन की तरह हो सकती हैं जहाँ आप बहुत अधिक expect नहीं कर सकते हैं.
Why? क्योंकि लाइफ में सक्सेस पाने या लाइफ चेंज करने के कुछ बेसिक फंडामेंटल्स हैं जो वही रहने हैं बस उसको बताने का तरीका अलग-अलग हो सकता है.
सेमिनार कैसी जायेगी ये स्पीकर पर भी बहुत अधिक डिपेंड करता है. No doubt जो टॉप के स्पीकर्स हैं वे सब बड़े capable हैं but the question is कि वे इस पर्टिकुलर सेमिनार में कितना एफर्ट डाल रहे हैं.
In my case, speaker ने कोई effort नहीं डाला था. कोई पुरानी सेमीनार की PPT उठा कर बस उसे ही एक्सप्लेन कर दिया था.
So, as per my current experience : मोटिवेशनल सेमिनार are not worth it!
But, I seriously want to know कि आपका क्या अनुभव रहा है?
क्या आपने इस तरह की सेमीनार अटेंड की है? क्या आपको वो फायदेमंद लगी? लगी तो क्यों ? नहीं लगी तो क्यों?
आपके रिप्लाई से उन लोगों को फायदा होगा जो ऐसी सेमिनार्स में जाने को लेकर कन्फ्यूज्ड हैं… और अगर ज्यादातर लोगों का अनुभव अच्छा है तो शायद मैं भी दुबारा जाने की हिम्मत कर पाऊंगा.
So, please comment and share your thoughts.
Thank You 🙂

नमस्ते गोपाल सर, जहां तक आजतक मैंने जाना है वो यह कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के कुछ गिने चुने रूल्स ही होते हैं, उन्ही रूल्स को अलग अलग मोटिवेशनल स्पीकर अलग अलग तरीके से बताते हैं। कोई स्टोरी से बताता है तो कोई उदाहरण देकर बताता है। कोई शार्ट में बताता है तो कोई बहुत अधिक खींच कर बताता है। अगर आप नर्वस हैं, दुखी हैं, असफल हो चुके हैं तो यह सेमीनार आपकी बहुत मदद करेंगे। लेकिन यदि आपने कोई भी कम से कम 5 फेमस बेस्टसेलर मोटिवेशनल बुक्स पढ़ ली हैं और उन्हें सही से जीवन में अप्लाई कर दिया है तो न तो आपको कभी ऐसे सेमिनार्स की जरुरत होगी और न ही आपको सफलता पाने से कोई रोक सकता है। और बात रही कभी कभी नर्वस या दुखी फील करने की तो उस व्यक्ति का सेल्फ मोटिवेशन ही उसे इन सब से बाहर निकलने में हेल्प कर देता है। मुझे मालूम है की आपने बहुत सी अच्छी मोटिवेशनल बुक्स पढ़ी हैं। आपसे छोटा हूँ लेकिन मेरी राय है कि आप उन्ही के ज्ञान को अपने जीवन में और भी ज्यादा अप्लाई करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो वादा करता हूँ कि आपको कभी मोटिवेशनल सेमिनार्स में जाने की जरुरत ही नहीं होगी।
Thanks for sharing your thoughts.
Kaafi acha content likhte hai aap 👏🏻👏🏻
jaat na poochiye saadhu ki pooch lijiye gyan mol karo talwaar ka door rakhiye myaan
SMART Goals बनाओ
कम्फर्ट जोन से बहार निकलो…
बड़ा सोचो… dream big…
अगर दुनिया ये तीनो बातो को समझ ले तो रोना किस बात है हर कोई चाहता है कि उस को पाकी पकाए मिल जाये , अगर जीवन मे कुछ पाना है तो comfort zone बाहर निकलना होगा ।।
देखिए ऐसे सेमिनार में जाना या नही जाना आपकी चॉइस पर निर्भर है, इसमें फायदा खोजेंगे तो निराशा ही हाथ लगेगी, आप 2 घंटे की मूवी, 4 घंटे की वेब सिरीज़ या 6 घंटे का क्रिकेट मैच भी क्या फ़ायदे के लिए देखते है? जबाब है नही। यह एक मनोरंजन है इससे आप इमोशनली जुड़ जाते है ये आपमे रोमांच उत्पन्न करता है,खैर इन सब का असर भी कुछ घंटे या दिन तक ही रहता है।
यदि सेमिनार फ्री है और आपके पास समय है तो जरूर जाए, यकीन मानिए कुछ न कुछ नॉलेज जरूर मिलेगा ही, चाहे स्पीच से आपको कुछ हासिल न हो पर वह जगह या वहां पर आए लोग या कोई दिचस्प बात आपको प्रभावित कर दे।
नेपोलियन युद्ध मे जब लगातार हार रहा था तब गुफा की एक दीवार पर जाला बुनने बाली मकड़ी का बार बार गिरना और फिर बापस चढ़कर जाला बुनना नेपोलियन को इतना प्रभावित कर गई कि उसके बाद उसने कभी हार का मुंह नही देखा।
🙏
Thanks for sharing your thoughts.
गोपाल भाई आपने बहुत अच्छी लिस्ट बनाई है, आप बहुत अच्छा कार्य कर रहें है उसके लिए धन्यवाद!
हैपी ब्लॉगिंग!
Motivational seminar aapke self growth me madd kar sakte h.
fayada nahin hai
Motivational seminar unke liye thik Jo andar se tut gaya hai jo andar se Hara. Lekin agar aapke pass life mein gol hai to vahan hamesha motivate rahenga use achieve karne ke liye.
I think isme jaane ka fyada nahi hai… agar aap motivated hote bhi hain to bas kuch samay ke liye. permanent moitvation to andar se aati hai. like exercise roj karne se body fit rahti hai waise hi daily achhi cheejein padhne se insaan ka mind fit rahta hai aur wo motivated feel karta hai.