एक अनुरोध
दोस्तों AchhiKhabar.Com के माध्यम से मैं आपसे एक बहुत ही आवश्यक अनुरोध करना चाहता हूँ. पर अनुरोध करने से पहले मैं आपसे कुछ बातें करना चाहूँगा.
भारत में यदि सबसे ज्यादा कोई भाषा बोली और समझी जाती है तो वह है Hindi. पूरी दुनिया में हिंदी, चाईनीज के बाद दूसरी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली मात्र भाषा है. 2001 Census Report के हिसाब से भारत में 41% से ज्यादा लोगों की मात्र भाषा हिंदी है. और इसके आलावा भी करोड़ो लोग हैं जिनकी मात्र भाषा बंगाली, मराठी, आदि है मगर हिंदी उनके लिए second language का काम करती है. निश्चित रूप से 2010 में इस संख्या में अच्छा खासा इजाफ़ा हो चुका होगा, तो अब कुछ नहीं तो 55-60 करोड़ लोग होंगे जो Hindi को आसानी से समझते होंगे.
चलिए एक और छोटी सी estimation करते हैं : अगर बहुत positive अनुमान भी लगाया जाये तो इन 60 करोड़ लोगों में से मुश्किल से 10 करोड़ लोग होंगे जो English भी उतनी ही सहजता से समझ लेते होंगे जितनी कि वो हिंदी समझ लेते हैं. पर फिर भी ऐसे 5o करोड़ लोग हैं जिन्हें Hindi ही अच्छे से समझ आती है.
अब एक और बात, आज के इस दौर में सूचना के महत्त्व से कोई इंकार नहीं कर सकता है. चाहे किसी class 5 के बच्चे को कोई project बनाना हो या फिर किसी Research Scholar को अपनी Ph.D पूरी करनी हो, सभी को सूचना यानि information चाहिए. यदि आज से दस साल पहले कि बात करें तो सूचना पाने के लिए या तो हम कोई book खोजते थे या फिर किसी और से उसके बारे में पूछते थे. लेकिन आज तो हमें कोई भी सूचना चाहिए हो तो हम बस Google महाराज को निर्देश दे देते हैं , और वो एक आदर्श सेवक कि तरह हमारे सामने सूचनाओं का अम्बार लगा देते हैं. पर दिक्कत ये है कि उनकी ज्यादातर सूचनाएं अंग्रेजी में होती हैं. चलिए एक उदाहरण लेते हैं :
मैंने गूगल पे सर्च किया “how to discover your life purpose”तो result कुछ यूं था—

पांच करोड़ तेईस लाख results 0.19 सेकंडस में
इस रिजल्ट के माध्यम से मुझे एक से बढ़ कर एक articles पढ़ने को मिले. जो सच-मुच मेरी personal-growth के लिए काफी लाभदायक हैं.
फिर मैंने गूगल पे सर्च किया “अपने जिंदगी का मकसद कैसे पता करें” तो result कुछ यूं था –

चौदह हज़ार पांच सौ results 0.07 सेकंड्स में
इसमें भी अगर आप ध्यान दें तो दूसरे रिजल्ट का title है “ इंदिरा गाँधी की हत्या का पूरा सच ”,
और बाकी रिजल्ट्स भी किसी मतलब के नहीं हैं. यानि Hindi results में ना Quantity है ना Quality.
तो क्या इसका ये मतलब है कि जो लोग अंग्रेजी जानते हैं बस उन्हें ही ज्ञानवर्धक, अच्छे लेख जो वाकई में जिंदगी को सही दिशा और दशा दे सकते हैं; पढ़ने को मिलने चाहियें? क्या ये आपकी-हमारी जिम्मेदारी नहीं है की हम अपने लोगों के लिए कुछ करें?
देखिये दो चीजें हो सकती हैं . पहली – हम उन करोड़ो लोगों को अंग्रेजी सिखा दें, जो इतनी जल्दी संभव नहीं है या दूसरी हम अपने सम्मिलित प्रयासों से हिंदी भाषा में अंग्रेजी भाषा के समतुल्य या उससे भी बेहतर लेख इन्टरनेट पे उपलब्ध करा दें, जो निश्चित रूप से संभव है.
और यही आपसे मेरे अनुरोध है:
“ कृपया आप अपनी तरफ से कम से कम एक Hindi Article ज़रूर contribute करें.”
और अब, जब आप Hindi Typing उतनी ही आसानी से कर सकते हैं जितना की English Typing तो फिर चिंता किस बात की है. बस शुरू हो जाइये.
आपके लेख किसी भी subject पे हो सकते हैं. जैसे:
- आपके कार्य क्षेत्र से सम्बंधित उपयोगी जानकारियां. For Example: यदि कोई Architect का काम करता है तो वह मकान बनाते समय किन बातों का ध्यान रखें ?” इस विषय पर एक लेख लिख सकता है.
- किसी Real Life Hero के बारे में कोई प्रेरणात्मक लेख.
- कुछ ऐसी जानकारियां जो लोगो के लिए उपयोगी हो.
- ऐसे लेख जो हमारे व्यकतित्व विकास (Personality Development) में सहायक हों.
- इत्यादि.
आप अपने लेख/articles हमें achhikhabar@gmail.com पर भेज सकते हैं.
यदि आप ने पहले से ही कुछ अच्छे लेख लिख रखें हैं तो आप उसे कंप्यूटर पे टाइप कर के या फिर SCAN करा के भी हमें भेज सकते हैं. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और photo ( यदि आप चाहें) के साथ AchchiKhabar.Com पर Publish करेंगे. Thanks.

kamal karte he my bro ; kitni achchhi tarah se aap hindi sikhate ho aur hindi valo eng. WEL DONE MY BRO…
Achhi khabar bhot hi helpful site h for new generation..thanx alot
Achhi khabar Is best Stories And attractive For young jounration…..very nice
Hello Gopal sir,
aaj muze apko batate hue bahot khhushi hoti he ki,apka prayas wakae me bahot lajawab he.maine aap ki aaj tak ki sari kahaniya padh li he….aur daily updated stories bhi apne students ko sunata hu..esse hamare andar ki positive energy bahot badh chuke he aur bachhonke marks bhi es bar badh agye hai…Thank you once agai
Yogesh lolge
Comp. Professor
प्रिय बंधू ,
आपकी साईट का अवलोकन किया और प्रसन्नता हुई की अपनी मातृभाषा के जानकार लोगो तक आपनी बात दिल से पहुँचाने के लिए हिंदी भाषा का उपयोग पूर्ण तरीके से करने और अपनी बात को समझाने के लिए हिंगलिश जैसे नई वर्ण माला का अविष्कार करना मुझे बहुत पसंद आया .हिंदी के लेख और कार्टून मैं आप तक भेजने का प्रयास करूँगा और अपने हिंदी भाषी मित्रो को भी प्रोत्साहित करूँगा की वे अपने विचार जरुर आपके पटल के माध्यम से लोगो तक रखे …जय हिंदी…
पंकज यादव
आपका शुक्रिया जो आपने एक जरूरी कदम उठाया हिन्दुस्तानीयों के लिए । आपको सह्रदय धन्यवाद
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sir i am shailendra mechanical engineer i regauler redear of your aritcal from achhikhabar .
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sir,
aap ka blog acha hai. please continue I am continue read your blog.
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