बूढ़े दादा जी को उदास बैठे देख बच्चों ने पूछा , “क्या हुआ दादा जी , आज आप इतने उदास बैठे क्या सोच रहे हैं ?” “कुछ नहीं , बस यूँही अपनी ज़िन्दगी के बारे में सोच रहा था !”, दादा जी बोले . “जरा हमें भी अपनी लाइफ के बारे में बताइये न …”, बच्चों ने ज़िद्द्द की . दादा जी कुछ देर सोचते रहे और फिर बोले , “ जब मैं छोटा था , मेरे ऊपर कोई जिम्मेदारी नहीं थी , मेरी कल्पनाओं की भी कोई सीमा नहीं थी …. मैं दुनिया बदलने के बारे में सोचा … [Read more...]
बदलाव
Last Updated: By Gopal Mishra 27 Comments










