राजा महेन्द्रनाथ हर वर्ष अपने राज्य में एक प्रतियोगिता का आयोजन करते थे, जिसमें हजारों की संख्या में प्रतियोगी भाग लिया करते थे और विजेता को पुरुस्कार से सम्मानित किया जाता है। एक दिन राजा ने सोचा कि प्रजा की सेवा को बढ़ाने के लिए उन्हें एक राजपुरूष की आवश्यकता है जो बुद्धिमान हो और समाज के कार्य में अपना योगदान दे सके। उन्होंने राजपुरूष की नियुक्ति के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित करने का फैसला किया। दूर-दूर से इस बार लाखों की तादात में प्रतियोगी आये हुए थे। राजा ने इस प्रतियोगिता के लिए एक … [Read more...]
भोला की चिट्ठी
आदरणीय मास्टर जी, मैं भोला हूँ, आपका पुराना छात्र. शायद आपको मेरा नाम भी याद ना हो, कोई बात नहीं, हम जैसों को कोई क्या याद रखेगा. मुझे आज आपसे कुछ कहना है सो ये चिट्ठी डाक बाबु से लिखवा रहा हूँ. मास्टर जी मैं 6 साल का था जब मेरे पिताजी ने आपके स्कू ल में मेरा दाखिला कराया था. उनका कहना था कि सरकारी स्कूल जाऊँगा तो पढना-लिखना सीख जाऊँगा और बड़ा होकर मुझे उनकी तरह मजदूरी नहीं करनी पड़ेगी, दो वक़्त की रोटी के लिए तपते शरीर में भी दिन-रात काम नहीं करना पड़ेगा... अगर मैं पढ़-लिख जाऊँगा तो इतना कमा … [Read more...]
गधे का रास्ता Story For Children in Hindi
गधे का रास्ता - Story For Children in Hindi एक छोटे से गाँव में भोलू नाम का एक गधा रहता था। वह गाँव बाकी दुनिया से बिलकुल कटा हुआ था, न वहां कोई आता था और न वहां से कोई कहीं जाता था। एक बार गधे ने सोचा क्यों ना जंगल के उस पार जाकर देखा जाए कि आखिर उस तरफ है क्या? अगले दिन भोर में ही वह जंगल की ओर बढ़ चला। जंगल घना था और गधा मूर्ख। बिना सोचे समझे उसे जिधर मन करता उधर चल पड़ता। जैसे-तैसे करके उसने जंगल पार किया और दूसरी छोर पर स्थित एक और गाँव पहुँच गया। उधर गाँव में हल्ला मच गया कि भोलू गधा … [Read more...]
माँ की ममता | An Emotional Story on Mother’s Day in Hindi
माँ की ममता - एक भावुक कहानी एक छोटे से कसबे में समीर नाम का एक लड़का रहता था। बचपन में ही पिता की मृत्यु हो जाने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बड़ी दयनीय थी, समीर की माँ कुछ पढ़ी-लिखी ज़रुर थीं लेकिन उतनी पढाई से नौकरी कहाँ मिलने वाली थी सो घर-घर बर्तन मांज कर और सिलाई-बुनाई का काम करके किसी तरह अपने बच्चे को पढ़ा-लिखा रही थीं। समीर स्वाभाव से थोड़ा शर्मीला था और अक्सर चुप-चाप बैठा रहता था। एक दिन जब वो स्कूल से लौटा तो उसके हाथ में एक लिफाफा था। उसने माँ को लिफाफा पकड़ाते हुए कहा, “माँ, … [Read more...]
चिड़िया का घोंसला
सर्दियाँ आने को थीं और चिंकी चिड़िया का घोंसला पुराना हो चुका था। उसने सोचा चलो एक नया घोंसला बनाते हैं ताकि ठण्ड के दिनों में कोई दिक्कत न हो। अगली सुबह वो उठी और पास के एक खेत से चुन-चुन कर तिनके लाने लगी। सुबह से शाम तक वो इसी काम में लगी और अंततः एक शानदार घोंसला तैयार कर लिया। पर पुराने घोंसले से अत्यधिक लगाव होने के कारण उसने सोचा चलो आज एक आखिरी रात उसी में सो लेते हैं और कल से नए घोंसले में अपना आशियाना बनायेंगे। रात में चिंकी चिड़िया वहीँ सो गयी। अगली सुबह उठते ही वो अपने नए घोंसले की … [Read more...]
चमत्कारी ताबीज Hindi Story
Hindi Story - चमत्कारी ताबीज किसी गांव में राम नाम का एक नवयुवक रहता था। वह बहुत मेहनती थे, पर हमेशा अपने मन में एक शंका लिए रहता कि वो अपने कार्यक्षेत्र में सफल होगा या नहीं! कभी-कभी वो इसी चिंता के कारण आवेश में आ जाता और दूसरों पर क्रोधित भी हो उठता। एक दिन उसके गांव में एक प्रसिद्ध महात्मा जी का आगमन हुआ। खबर मिलते ही राम, महात्मा जी से मिलने पहुंचा और बोला, “ महात्मा जी मैं कड़ी मेहनत करता हूँ, सफलता पाने के लिए हर-एक प्रयत्न करता हूँ; पर फिर भी मुझे सफलता नहीं मिलती। कृपया आप ही कुछ … [Read more...]
आसान तरीका
मोहन काका अपनी बैल गाड़ी पर अनाज की एक बोरी चढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। बोरी काफी वजनी थी इसलिए उन्हें कुछ दिक्कत हो रही थी ; तभी एक राहगीर उनके पास आया और बोला, " आप जिस तरीके से बोरी चढ़ा रहे हैं वो गलत है …मेरे पास एक आसान तरीका है ..." यह सुन काका कुछ क्रोधित हो उठे और बोले , " भाई तुम अपना काम करो , मैं इससे भी भारी बोरी चढ़ा चुका हूँ …" " यानि पहले भी आपने गलत तरीका इस्तेमाल किया होगा। ", राहगीर बोला। यह सुन काका ने बोरी छोड़ी , अपने हाथ झाड़े और बोले , " तुम नौजवानो की यही … [Read more...]
अंगूठी की कीमत Hindi Kahani
एक नौजवान शिष्य अपने गुरु के पास पहुंचा और बोला , " गुरु जी एक बात समझ नहीं आती , आप इतने साधारण वस्त्र क्यों पहनते हैं …इन्हे देख कर लगता ही नहीं कि आप एक ज्ञानी व्यक्ति हैं जो सैकड़ों शिष्यों को शिक्षित करने का महान कार्य करता है . गुरु जी मुस्कुराये . फिर उन्होंने अपनी ऊँगली से एक अंगूठी निकाली और शिष्य को देते हुए बोले , " मैं तुम्हारी जिज्ञासा अवश्य शांत करूँगा लेकिन पहले तुम मेरा एक छोटा सा काम कर दो ... इस अंगूठी को लेकर बाज़ार जाओ और किसी सब्जी वाले या ऐसे … [Read more...]
पुराना रिवाज़ Motivational Hindi Story
रेगिस्तान के बीच बसे एक शहर में फलों की बहुत कमी थी . भगवान ने अपने दूत को भेजा कि जाओ और लोगों से कह दो कि हो सके तो वो एक दिन में बस एक ही फल खाएं . सभी लोग ऐसा ही करने लगे . पीढ़ी दर पीढ़ी ऐसा ही होता चला आया और वहां का पर्यावरण संरक्षित हो गया . चूँकि बचे हुए फलों के बीजों से और भी पेड़ निकल आते , कुछ दशकों में ही पूरा शहर हरा-भरा हो गया . अब वहां फलों की कोई कमी नहीं थी लेकिन अभी भी लोग एक दिन में बस एक ही फल खाने का पुराना रिवाज़ मानते थे - वे अपने पुरखों द्वारा दी गयी नसीहत के … [Read more...]
गुलाम की सीख Hindi Kahani
दास प्रथा के दिनों में एक मालिक के पास अनेकों गुलाम हुआ करते थे। उन्हीं में से एक था लुक़मान। लुक़मान था तो सिर्फ एक गुलाम लेकिन वह बड़ा ही चतुर और बुद्धिमान था। उसकी ख्याति दूर दराज़ के इलाकों में फैलने लगी थी। एक दिन इस बात की खबर उसके मालिक को लगी, मालिक ने लुक़मान को बुलाया और कहा- सुनते हैं, कि तुम बहुत बुद्धिमान हो। मैं तुम्हारी बुद्धिमानी की परीक्षा लेना चाहता हूँ। अगर तुम इम्तिहान में पास हो गए तो तुम्हें गुलामी से छुट्टी दे दी जाएगी। अच्छा जाओ, एक मरे हुए बकरे को काटो और उसका जो हिस्सा … [Read more...]
- « Previous Page
- 1
- …
- 7
- 8
- 9
- 10
- 11
- …
- 26
- Next Page »










