Happy Mother’s Day
मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

माँ – A Hindi Poem on Mother
कब्र के आगोश में जब थक के सो जाती है माँ,
तब कहीं जाकर थोड़ा सुकून पाती है माँ,
फिक्र में बच्चों के कुछ ऐसे ही घुल जाती है माँ,
नौजवा होते हुए बूढ़ी नज़र आती है माँ,
कब ज़रूरत हो मेरे बच्चे को इतना सोच कर,
जागती रहती है आँखें और सो जाती है माँ,
रूह के रिश्तों की ये गहराईयाँ तो देखिये,
चोट लगती है हमे और चिल्लाती है माँ,
लौट कर वापस सफर से जब भी घर आती है माँ,
डाल कर बाहें गले में सर को सहलाती है माँ,
शुक्रिया हो नही सकता कभी उसका अदा,
मरते मरते भी दुआ जीने की दे जाती है माँ,
मरते दम बच्चा अगर आ पाये ना परदेस से,
अपनी दोनों पुतलियाँ चौखट पे रख जाती है माँ,
प्यार कहते है किसे और ममता क्या चीज है,
ये तो उन बच्चों से पूछो,के जिनकी मर जाती है माँ।
धन्यवाद्,
विनय पाण्डेय
मेरा नाम विनय पाण्डेय “विनम्र” है। मैं एक साधारण परिवार का सदस्य और गोरक्ष नगरी (गोरखपुर) का एक नागरिक हूँ।
मैं कविताओं के माध्यम से अपने दुख, व्यथा, खुशियाँ, रिश्ते, समाज तथा संसार के बीच एक सामंजस्य स्थापित करने की कोशिश करता हूँ। यही कारण है की मैं अपनी कविता आप सभी के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ और आप लोगो के स्नेह तथा आशीर्वाद का अभिलाषी हूँ।
आशा करता हूँ की मेरी रचना आप सभी पसंद आएगी। धन्यवाद!
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We are grateful to Vinay ji for sharing a heart touching Hindi Poem on Mother on the occasion of Mother’s Day.

आज सुबह से face book और whatsapp पर जितना प्यार माँ के लिए उमड़ रहा है उसका आधा भी यदि हकीकत बन जाए तो सारे वृद्धा आश्रमों में ताले पड़ जाए l
एक रिश्ता जो सिर्फ सच्चा लगता है
उसके साये में बूढ़ा भी बच्चा लगता है
उसके के जैसा जहाँ में न कोई
उसकी ममता की कीमत न कोई
इस रिश्ते में जीवन दिखता है
Priyanka Pathak
http://dolafz.com/
very nice sir
विनय जी माँ पर लिखी भावनात्मक कविता दिल को छु गयी । दुआ करते है आप अपने इस हूनर में कामयाब हो ।
और गोपाल जी को अपने इस ब्लॉग पर इस कविता publish करने के लिए धन्यवाद
vinay panday g bahut khubsurat likha hai aapne,maa to wo hai jinke bare mai purii kitaab likhdo to bhi kam hai,or kitne shbdo mai maa ki tareef kre bas kitab ka har panna khtam hai …………very very nice poem
Respected Vinay Pandey Ji,Sadar Namaskar,
It is very nicely you have written really you are the great. Goraksh Nagari ko Sat Sat Naman. Sent your mob No address I always read your poem. Thanks ” Tu kitni Achhi hai tu kitani bholi hai pyari payari hai O mnaa O mnaa “
MAA, JAGAT JAN NI HAI……………..
ha ji ma to bhagwan se badkar hai. Sansar me bhi ma ka sthan sabse upar hain.
Bahut Achhi Hai Vinay Sir .Aage bhi ese hi post karte raho
हर रिश्ते में मिलावट देखी
कच्चे रंगो की सजावट देखी
लेकिन सालो साल देखा है माँ को
उसके चेहरे पर ना थकावट देखी
ना ममता में मिलावट देखी
मातृ दिवस की सभी बंधुओ को हार्दिक शुभकामनाएं
Heart touching peom