
सफलता की मुस्कान…
अगर आपको TV और अखबारों से परहेज नहीं है तो आपने एक नाम ज़रूर सुना या पढ़ा होगा… वो नाम है, “Tina Dabi”.
टीना डाबी दिल्ली की वो लड़की है जिसने India के सबसे prestigious माने जाने वाले civil services exam 2015-16 में TOP किया है। और हैरानी की बात ये है कि वो सिर्फ 22 साल की हैं और IAS Officer बनने के लिए ये उनका पहला एटेम्पट था।
Wow…what an achievement!
मैंने TV और YouTube पर उनके बहुत से interview देखे और उनके आधार पर मैं आज आपके साथ इस topper के success का सबसे बड़ा कारण share कर रहा हूँ।
लेकिन उससे पहले हम उनके बारे में कुछ और डिटेल्स जान लेते हैं: (Courtesy: This site)
नाम: टीना डाबी
All IndiaRank: 1
Roll No:0256747
उम्र: 22 साल
Civil Services Exam में no. of attempts: 1
चुना गया विषय: Poltical Science / राजनीति शास्त्र
Schooling: Convent of Jesus and Mary School
College: Lady Shri Ram College (दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेजों में से एक)
किस medium से exam और interview दिया: English
Home town/city: Delhi, (बर्थ प्लेस : भोपाल)
क्या CSE के लिए कोई coaching की : हाँ, दिल्ली में की
Service preferences (Top-5): आईएस,आईपीएस,आईएफएस, आईआरएस(आईटी),आईआरएस (सीई)
स्टेट कैडर प्रेफरेंस: हरयाणा
टीना डाबी का Educational Background
Class 10 (सीबीएसई): 90.2%
Class 12 (सीबीएसई): 91.4% (आर्ट्स सब्जेक्ट)
Graduation: Political Science (Eco majors)- 81.5%
Post-graduation: नहीं किया है
Hobbies & Extracurricular achievements Hobbies:
- Painting (मधुबनी आर्ट )
- ट्रेवल करना
- खेलना
- गाना
- बास्केटबॉल
- Guitar बजाना
- फोटोग्राफी
- and reading novels of Jane Austen
Achievements:
- University gold medal-political science
- University topper-academic year
- Best all round student award
Some interesting Facts:
- टीना के माता-पिता दोनों ही trained Engineers हैं और उन्होंने भी UPSC एग्जाम clear किया हुआ है। माता जी पहले ही voluntary retirement ले चुकी हैं।
- Tina की एक छोटी बहन हैं, वो भी आगे चल कर IAS officer बनना चाहती हैं।
- Tina शुरू से ही अपने school और college में topper रही हैं।
- उनका birth place Bhopal है और अब उनका परिवार Delhi में settled है।
सफलता का श्रेय किसे देती हैं :
अपनी माँ को। माँ ने ही शुरू से उन्हें IAS के लिए inspire किया और preparation में पूरी तरह उनके साथ लगी रहीं। इसलिए Tina कहती हैं, “इस success पे जितना हक़ मेरा है उतना ही मेरी माँ का भी है ”
माँ से पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, “ Tina ने बहुत -बहुत मेहनत की है …10-10 घंटे पढ़ती रहती थी।।कहना पड़ता था कि बस अब सो जाओ …”
उनकी माँ को उनपर बहुत गर्व है, उनका कहना है –
My daughter- My Hero
Civil Services Exam में सफलता के लिए क्या करना चाहिए:
इस प्रश्न के उत्तर में Tina कहती हैं :
- Hard work करते रहिये …there is no substitute to hard work।
- हार मत मानिए
- Focused approach रखिये
- Disciplined रहिये …सब कुछ छोड़ कर पढाई करिये।
- Patience रखिये
- Determined रहिये …कोई भी दिन बेकार न जाये।
Tina ने state cadre preference में Haryana का नाम दिया है। जिसके कई कारण हैं, हरयाणा उनके घर यानि दिल्ली से सबसे करीब है, हरयाणा में gender inequality की बड़ी समस्या है जिसे वो address करना चाहती हैं, etc
तो ये तो हो गयी media से की गयी बातें। अब आते हैं main बात पर …
Tina की सफलता का सबसे बड़ा कारण क्या है ?
दोस्तों मैंने AKC पर बहुत पहले एक post share की थी : “10000 Hour Rule : बने अपने Field के Expert”, आपने नहीं पढ़ी हो तो please एक बार पढ़ लें वैसे in short…
10k hour rule is an idea that it takes approximately 10000 hours of deliberate practice to master a skill।
यानि किसी भी skill को master करने के लिए 10,000 घंटे की deliberate practice की ज़रुरत होती है।दूसरे शब्दों में कहें तो यदि कोई व्यक्ति किसी भी चीज में महारथ हांसिल करना चाहता है तो उसे कम से कम वो काम 10,000 घंटे करना होगा।
अब Tina का case लेते हैं।
Tina जब 11th class में थीं तब उन्होंने peer pressure की वजह से Science subjects chose किये थे …पर अपनी माँ के समझाने पर कि तुम्हारा interest humanities subjects में अधिक है और तुम्हे वही पढ़ना चाहिए …टीना ने अपने subject change करा दिए और Arts subjects पढ़ने लगीं।
चूँकि उनके मात -पिता भी civil servants हैं इसलिए घर का माहौल ही कुछ ऐसा रहा होगा कि Tina को ये बात clear थी कि आगे चल कर उन्हें भी UPSC के exam में बैठना है। लिहाजा, वो 11th से ही अपने favourite subject Political Science को पढ़ने लगीं और आगे चल कर civil services exam में भी इसी subject को opt किया।
अपने interview में उन्होंने बताया कि वो कभी भी 8 घंटे से कम नहीं पढ़ीं और बहुत बार 14 -14 घंटे भी पढ़ाई की।
अगर हम उनका average study hours 10 भी मान लें तो ग्यारहवीं से लेकर ग्रेजुएशन तक में ही उन्होंने 5 साल खूब जम कर पढ़ाई की। अगर इसे घंटो में calculate करें तो ये होता है :
5x365x10= 18250 घंटे।
जिसमे से I am quite sure की इन अठारह हज़ार + घंटो में से directly-indirectly कम से कम दस हज़ार घंटे IAS एग्जाम से रिलेटेड चीजें पढने में लगायी होंगी, खासतौर से IAS के अपने optional subject Political Science को उन्होंने ख़ासा time दिया होगा, यही वजह है कि Political science में वो University Gold medalist भी रही हैं।
यानि, उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण है काफी पहले से अपने लक्ष्य का पता होना और उसे पाने के लिए 10000 घंटे से अधिक की कड़ी मेहनत करना।
लेकिन शायद आप सोच रहे हों की बहुत से लोग 10000 या उससे अधिक घंटे पढ़ाई करते हैं पर हर कोई आईएएसअफसर नहीं बन पता?
इसका राज छिप है “10000 hour rule” के दो शब्दों में…”deliberate practice” यानि जानबूझ कर अपने काम में महारथ हासिल करने के लिए एफ्फोर्ट्स डालना।
तैयारी बहुत लोग करते हैं पर मुझे लगता है कि जो लोग क्वालीफाई करते हैं वे इस एग्जाम से जुड़े हर एक aspect में खुद को improve करते रहते हैं। फिर चाहे वो लिखने का तरीका हो, subject knowledge हो, interview की तैयारी हो, हर एक चीज में खुद को पहले से बेहतर बनाते चलते हैं। बहुत से लोग जिस चीज में अच्छे हैं बस उसी को और अच्छा करने में लगे रहते हैं लेकिन qualifiers अपनी weaknesses पर कड़ी मेहनत करते हैं और अपनी strengths को और बेहतर बनाते हैं।
और घंटों पढाई करने पर भी चयनित न होने का एक रीज़न मुझे आईएएस श्रेयांश मोहन (रैंक 447) के इन शब्दों में नज़र आता है-
ज्यादा घंटे पढने की बजाए ज्यादा ईमानदारी से पढने की आदत डालें।
सची ही तो है, लोग किताबें तो घंटों लेकर बैठे रहते हैं पर पढ़ते कितना है ये मायने रखता है!
और लक फैक्टर भी कहीं न कहीं अपना role play करता है इसलिए कुछ लोग सब कुछ करने के बावजूद चूक जाते हैं…खैर ऐसे लोगों के लिए ही तो UPSC ने multiple attempts allow कर रखे हैं… so never give up…मंजिल ज़रूर मिलेगी।
दोस्तों, लक्ष्य जितना पहले clear हो जाए उसे पाने की तैयारी भी उतनी पहले से शुरू हो सकती है …और जितनी पहले तैयारी शुरू हो जाती है उतनी ही अधिक हमारे success की probability बढ़ जाती है। इसलिए, आज इस बात में time invest करना कि मैं आज से 5 साल या 10 साल बाद क्या बनना या करना चाहता हूँ …आपको एक advantageous position में डाल सकता है। So, do think about your life…do think about your future…और जब वो picture clear हो जाए तो उसे अपनी मेहनत और अपनी skills से draw करना शुरू कर दीजिये …master-piece बनने में time तो लगता ही है !
All the best!
—
Friends, Tina lucky थीं की उन्हें शुरू से ही एक ऐसा माहौल मिला जिसमे उन्हें सफलता पाने के लिए बस कड़ी मेहनत करनी थी …पर हर कोई इतना fortunate नहीं होता …IAS Officer Govind Jaiswal की कहानी; संघर्ष और सफलता की कुछ ऐसी ही दास्ताँ कह जाती है। अगर आप भी IAS officer बनना चाहते हैं या किसी भी क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं तो उनकी ये inspiring story ज़रूर पढ़ें –
रिक्शेवाले का बेटा बना IAS officer !
Related Posts:
- जीवन में लक्ष्य का होना ज़रूरी क्यों है?
- 20 मिनट में जानें अपने जीवन का उद्देश्य
- इंटरव्यू में सफलता पाने के 10 Tips
- कैसे सीखें अंग्रेजी बोलना ? 12 Ideas
- 7 Habits जो बना सकती हैं आपको Super Successful
- सफलता का रहस्य – An inspirational short story
Did you like the inspirational “IAS Topper Success Story in Hindi” ? Please do share your thoughts!
यदि आपके पास Hindi में कोई article, story, business idea या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है:achhikhabar@gmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!

Hello sir
may I share Acchikhabar’s post on Facebook or what’s app
your all post are best.
Ya, you can share.
Thank you sir,for sharing this real motivational story.I am a student and regular reader of your blog. Thank you….
कोई भी व्यक्ति जो अपनी फील्ड में सफल होना चाहता है अगर उसे किसी बहुत बड़ी सफलता पर आर्टिकल मिल जाये वो तो जरूर पढ़ेंगा। टीना दाबी कI कहानी हम सबके लिए प्रेरणास्रोत है ।
गोपाल सर , आपसे एक सवाल का जवाब चाहता हु
इस आर्टिकल में आपने luck factor की बात की है ।
जैसे टीना ने मेहनत तो की लेकिन उसकी किस्मत ने भी उसका साथ दिया । अगर समझो कोई व्यक्ति मेहनत करने के बावजूद भी असफल होता है । तो क्या हम ये कह सकते है की उसकी किस्मत ख़राब थी उसका लक नहीं है । डॉ सुभाष चंद्रा ने भी अपने शो में 5% किस्मत को दिये है । तो क्या सही में हमारी ज़िन्दगी में किस्मत का रोल भी होता है । और होता है तो क्या क़िस्मत बदलने के लिए कोई उपाय किये जाने चाहिये ।
जैसे ज्योतिष का सहारा लिया जाये ।
या टीवी पर दिखाये जाने वाले रत्नों का प्रयोग किया जाये ।
गोपाल सर , मेहनत और किस्मत की उलझती पहेलियो पर आपके क्या विचार है । detail में बताये ।
जहाँ तक मैं मानता हूँ “लक” का रोल होता है. हाँ, ये ज़रूर है कि पहले मेहनत है और उसके बाद…बहुत बाद ही किस्मत है. लक को बदलने का सबसे बड़ा हथियार भी मेहनत ही है. For ex: किसी ने पूरा सिलेबस अच्छे से तैयार किया है और बस १ चैप्टर को थोडा इग्नोर कर दिया है, जिससे पहले कभी सवाल नहीं पूछे जाते थे…और एग्जाम में उसी चैप्टर से कई सवाल आ जाएं तो ये तो bad luck ही हुआ…और इसका उपाय ये था कि आपने थोड़ी और मेहनत की होती और वो चैप्टर भी अच्छे से पढ़ लिया होता!
जहाँ तक टीवी के रत्नों की बात है, उनपर कभी यकीन नहीं करना चाहिए….वो तो 100% commercial चीज है. लेकिन, ज्योतिष में कुछ न कुछ बात होती है, ऐसा मैं अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूँ. आप किसी अच्छे ज्योतिष से मिल कर अपना भाग्य सुधारने के उपाय पूछ सकते हैं. Again, this is totally personal thing. बहुत से लोग इन चीजों पर यकीन नहीं भी करते हैं, it is up to you to try it or not!
thank you Gopal sir , this article will encourage not only those who are preparing for UPSC exam but all students who want to do something in their life.
really motivational articles like your other articles.
thank you sir ,,,, aapne bahut achha likha h ,,, salute to dina hard work & consistency ,,,,,,,
VERY MOTIVATIONAL APPROACH GIVE TO ME BY YOUR WEB COLUMN…THANK YOU SO MUCH SIR….
UPSC इंडिया का सबसे tough और prestigious एग्जाम है, टीना डाबी ने इसे पहले ही प्रयास में सफलता पायी और वो भी 1 रैंक के साथ !
आपका यह पोस्ट काफी inspirational हैं, हमें ये सोचना चाहिए की अगर ये 10 hours daily पढ़ के अगर UPSC टॉप कर सकती है तोह हम 15 hours पढ़ के क्या UPSC qualify नहीं कर सकते ???
आत्मविश्वास, हौसला, कड़ी मेहनत और अच्छी खबर के पोस्ट से जीवन में सफलता पाना आसान सा लगता है लेंकिन हमें तैयार होना पड़ेगा आलस छोड़ के कड़ी मेहनत करने में, हमें घोर मेहनत में आन्नद महसूस करना होगा !
जीवन में किसी बड़ी ख़ुशी (सफलता) पाने के लिए अनेको छोटे छोटे खुशियों की कुर्बानी देनी पड़ती है !
गोपाल सर आपका ये पोस्ट शेयर करने के लिए बहुत बहुत ध्यानवाद !
Regards
http://www.kaisekamayetips.com
Tina ki safalta par unko hardik badhai, aakhir mehnat aur lagn hi kaam aati hain. Govind Jaiswal ki kahani bhi bahut acchi hain, Govind Jaiswal hame seekh dete hain ki mahaul na hone par bhi hum mehnat aur lagn se Safalta ko paa sakte hain. Thanks for Writing Such a good motivation articles. Gopal Ji aap sabko motivate karte hain. Thanks…..
Really Great website with motivational stories and thoughts.
Thanks for sharing this motivational story.
Nice sir, apke is WEB.Ne mujhe bhut kuch sikhaya…… Ts is too motivational web in india For Me… So plz share more to more sto.