खेल जगत की दुनिया ऐसी तमाम real life stories से भरी है जो हमें कुछ कर गुजरने के लिए inspire करती हैं।
बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं जो गरीबी से लड़ते हुए बिना किसी प्रोफेशनल ट्रेनिंग के अपने आत्मबल और जी तोड़ मेहनत के दम पर आगे आये हैं। और आज में आपको एक ऐसे ही महान खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसकी कहानी इतने उतार-चढ़ाव से भरी है कि ये किसी हॉलीवुड मूवी कम रोचक नहीं लगती!
उस खिलाड़ी का नाम है- The Great Filipino Boxer: Manny Pacquiao
आइये आज हम उनकी rags to riches story के बारे में जानते हैं:
Manny Pacquiao Biography in Hindi
मैनी पक्याओ के संघर्ष और सफलता की कहानी

महान बॉक्सर – मैनी पक्याओ
भारत में बॉक्सिंग बहुत फेमस स्पोर्ट्स नहीं है इसलिए शायद यहाँ बहुत से लोगों ने इस महान बॉक्सर का नाम नहीं सुना होगा या सुना भी होगा तो हाल में ही जब दुनिया की सबसे महंगी फाइट, “Fight of the Millennium” में उन्होंने मेफेदर से मुकाबला किया था तब उनके बारे में पता चला होगा।
लेकिन आज मैं आपको उनके संघर्ष और सफलता की पूरी दास्ताँ बताऊंगा।
जो लड़का कभी अपने परिवार का पेट पालने के लिए गलियों में घूम-घूम कर डोनट्स बेचा करता था, प्लास्टिक की बोतलें और कबाड़ उठाने का काम करता था वही मैनी पक्याओ आज दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ियों में शुमार हैं। उसकी उपलब्धिया ऐसी हैं जैसी मुक्केबाजी की दुनिया में पहले कभी नहीं देखी गयीं:
- उसने अपने बॉक्सिंग करियर में आठ अलग-अलग weight categories में world champion बनने का करिश्मा दिखाया है। बॉक्सिंग के इतिहास में ऐसा करने वाला वो एकमात्र खिलाड़ी है।
- चार अलग-अलग वेट क्लास में Lineal Championship जीतने वाला भी वह दुनिया का पहला बॉक्सर है।
- World Boxing Council (WBO) ने उसे 2001 से 2010 के लिए “Fighter of the Decade” का खिताब दिया है।
- इसके आलावा 7 साल से अधिक साल तक उसे दुनिया का सर्वश्रेष्ठ pound for pound boxer रेट किया जा चुका है।
मैनी पक्याओ का जन्म रोसालियो पाक्याओ और डियोनिसिया पाक्याओ के घर में 17th दिसंबर 1978 को Kibawe, Bukidnon, Philippines हुआ था। वे कुल 6 भाई-बहन थे और मैनी चौथे नंबर की संतान था। बचपन में मैनी का नाम Emmanuel Dapidran Pacquiao था।
जहाँ उसका परिवार रहता था वहां पर रोजगार के कम अवसर होने के कारण बहुत गरीबी थी और अपराधिक गतिविधियाँ अपने चरम पे थीं।
इमैनुअल जब चौथी कक्षा में थे तभी उनके पिता ने उनकी माँ को डिवोर्स दे दिया। इसके बाद उनकी जिंदगी और भी ज्यादा दुष्कर हो गई। मैनी और उसके पांच भाई–बहनों को लेकर अपने भाई Sardo Mejia के पास दक्षिण में स्तिथ General Santos में रहने लगीं और मैनी का बचपन वहीँ पे बीता।
बहुत गरीबी में बीते बचपन ने उसे सिखाया कि पैसो की क्या कीमत होती है और पैसा कमाना कितना जरूरी है। पैसा कमाने के यही जिद देखकर लोगों ने उसका नाम मैनी पक्याओ रखा। मैनी का परिवार जहाँ रहता था वहां पर muscle power का राज था।
बचपन से ही मैनी को जिंदगी की कड़वी वास्तविकता का सामना करना पड़ा; वह समझ गया कि अगर जीना है तो लड़ना पड़ेगा। अपने परिवार को financially support करने का उसे इससे बेहतर कोई रास्ता नहीं दिखाई दिया।
इसीलिए ताक़त बढ़ाने के लिए उसने व्यायाम करना शुरू कर दिया। बॉक्सिंग के लिए जरूरी ऊंचाई न होने के कारण बहुत बार उसके साथी मित्र उसका मजाक उड़ाया करते थे। लेकिन मैनी के अंदर तो जीतने का जुनून था और यही बात उसको दूसरों से अलग करती थी।
गरीबी इंसान से बहुत कुछ करा देती है। मैनी के सामने अपनी माँ और पांचों भाई-बहन की ज़िन्दगी थी… जिसे वो बदलना चाहता था… छोटी-छोटी ज़रूरतें पूरी करने के लिए मैनी के पास स्ट्रीट फाइट करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था। उसे fight जीतने पर 100 Peso और हारने पर 50 Peso मिलते थे।
घर का खर्च चलाने के लिए उसका जीतना जरूरी था और हर लड़ाई में मैनी जीतने के लिए अपनी जान लगा देता। जीतने की जिद के कारण मनी लगभग हर फाइट जीतता और उसकी कमाई का आधा हिस्सा अपनी माँ को देता था।
इस बीच स्कूल की फीस ना जमा कर पाने के कारण उसकी पढाई छूट गयी। और बस लड़ना ही उनकी जिंदगी बन गयी।
आर्थिक तंगी से परेशान मैनी अधिक पैसे कमाने की चाह में घर छोड़ कर फिलिपीन्स की राजधानी मनीला चला गया। तब वह मात्र 14 साल का था। वहां उसके पास रहने की कोई जगह नहीं थी उसे खुले आसमान के नीचे रातें गुजारतीं पड़तीं। कोई अच्छा काम ना मिल पाने के कारण वो कबाड़खानों के लिए काम करके अपना पेट पालता।
पर इस दौरान भी उसने लड़ना नहीं छोड़ा वो मनीला की गलियों में होने वाले बॉक्सिंग मुकाबलों में हिस्सा लेने लगा। और उसकी ऐसी ही फाइट्स देखकर उसे National Amateur boxing team में चुन लिया गया। ये एक महान मुक्केबाज बनने की दिशा में बहुत बड़ा कदम था।
अब मैनी को ना खाने की चिंता करनी थी और ना ही रहने की, सरकार की तरफ से उसे सारी सुविधाएं मिल रही थीं और अब वो अपना पूरा ध्यान बॉक्सिंग पे लगा सकता था। धीरे-धीरे मैनी की बॉक्सिंग बेहतर होने लगी और उसने 64 amateur मुकाबलों में से 60 में जीत पाने का कीर्तिमान बना डाला। इस दौरान मैनी ‘फिलीपीन्स ‘ के प्रतिभाशाली और सीनियर बॉक्सर के बीच रहा जिससे उसको काफी फायदा हुआ।
यहाँ पे उसको एक अच्छा दोस्त बॉक्सर Eugene Barutag भी मिला। दोनों बहुत ही कम समय में अच्छे दोस्त बन गए। पर विधाता के लेख कुछ और ही थे। बारुताग का मात्र 16 साल की उम्र में ही एक मैच के दौरान मौत हो गयी।
पाक्याओ पर इसका गहरा असर पड़ा।। बारुताग और मैनी की इच्छा प्रोफेशनल बॉक्सर बनने की थी और दोस्त की मौत से टूटने की बजाये मैनी का एक प्रोफेशनल बॉक्सर बनने का संकल्प और भी दृढ हो गया। और मात्र 16 साल की उम्र में मैनी प्रोफेशनल बॉक्सिंग में उतर गया।
मैनी प्रोफेशनल बॉक्सिंग में तेजी से आगे बढ़ना चाहता था, लेकिन starting light flyweight category के लिए कम से कम 105 pound का वजन होना चाहिए था और मैनी सिर्फ 98 पौंड का था। इसलिए मैनी वेट देने के दौरान अपने पास कुछ वेट छिपा कर रख लेता था ताकि वो लड़ने के लिए क्वालीफाई कर सके।
मैनी का पहला प्रोफेशनल मैच Edmund Ignacio के खिलाफ था जिसे उसने 4 rounds में जीत लिया। इस मैच को टीवी पे भी दिखाया जा रहा था, उनकी माँ भी ये मैच देख रही थीं और इसने मैनी को रातों-रात एक स्टार बना दिया। इस जीत के बाद मैनी का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया और उसने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। जल्द ही उसने अपना वजन बढ़ाया और लगातार पन्द्रह मैचों में जीत हासिल की।
इस शानदार परफोर्मेंस की वजह से मैनी को उस समय के चैंपियन Chokchai Chockvivat से मुकाबला करने को मिला। मैच कांटे का था और पांचवे राउंड में मैनी ने अपने प्रतिद्वंदी को नॉक आउट कर दिया और अपने करियर का पहला टाइटल ” OPBF Flyweight” जीत लिया। इसके बाद एक-एक करके मैनी ने कई नामी मुक्केबाजों को धूल चटाई।
मैनी की दुनियाभर में बहुत बड़ी fan following है जो उन्होंने अपने आक्रामक खेल के दम पर हासिल की है। मैनी भगवान् में बहुत यकीन रखते हैं और ज़िन्दगी में उन्हें जो कुछ भी मिला है उसका पूरा श्रेय भगवान् को देते हैं। मैनी जब भी ring में उतरते हैं तो भगवान् को ज़रूर याद करते हैं और उसका ये gesture उन्हें लोगों के बीच और भी popular बनाता है।
मैनी कहते हैं-
God’s words first… obey God’s law first before considering the laws of man. / पहले भगवान् के शब्द… इंसान के क़ानून मानने से पहले भगवान् का क़ानून मानो।
बॉक्सिंग जगत में मैनी पक्याओ ने ‘फिलीपीन्स ‘ को न सिर्फ एक अलग पहचान दे दी। बल्कि अपने जैसे लाखों करोड़ों लोगों को एक उम्मीद दे दी कि चाहे आज वो कितनी ही बुरी स्थिति में क्यों न हों…उनकी ज़िन्दगी बदल सकती है।
मैनी पक्याओ आज फिलिपीन्स के सबसे popular celebrity हैं और एक महान खिलाड़ी होने के साथ साथ एक सफल बिजनेसमैन, political leader और फिलेंथ्रोपिस्ट भी हैं। अपनी सफलता पर मैनी ने कभी घमंड नहीं किया और अपने करोड़ों फैन्स के लिए उसका कहना है-
मैं हमेशा उन्हें कभी हार ना मानने के लिए इंस्पायर करना चाहता हूँ; चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों….मैं उन्हें एंकरेज करना चाहता हूँ कि हमेशा एक उम्मीद ज़रूर होती है।
दोस्तों, मैनी पक्याओ की कहानी दिखाती है कि कभी उम्मीद मत खो। ईश्वर में यकीन रखो और अपनी ज़िन्दगी को बेहतर बनाने की ज़िद मत छोड़ो। लगातार चोट करते रहने से पहाड़ भी टूट जाते हैं…अपने लक्ष्य के मार्ग में आने वाली बाधाओं पर बिना रुके बिना थके चोट करते रहो और एक दिन सारी बाधाएं हट जायेंगी, सारे hurdles दूर हो जायेंगे, और तब तुम्हे तुम्हारा लक्ष्य पाने से कोई भी नहीं रोक पायेगा!
All the best!
Ravi Parwani
Godhra, Gujarat
Mobile no.: 9998595933
Blog: HINDInx ( please visit my blog for great inspirational stories and articles)
Email: hindinx@gmail.com
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Aesi motivational story k liye thank you. Hamesha hame positive sochna chahiye.kyuki success is not final and failure is not fatal. thanks gopal ji
☺☺ thanks!
बहुत ही बेहतरीन, इरादे मजबूत हो तो ज़िन्दगी में मुश्किलें भी आसान बन जाती है।
बहुत ही उत्साहवर्धक । हमें जिंदगी में कभी भी हार नहीं मानने की सीख देती है । धन्यवाद ! गोपालजी ।
बहुत ही बेहतरीन और प्रेरित करने बाली कहानी. धन्यवाद गोपाल जी 🙂
Thank you Gopal sir for Sharing this story.
इस स्टोरी के लिए AKC से बड़ा कोई munch नहीं था .
so,thanks again sir and all friends.
Superb sir
Ravi Parwani,Tnk u bhai ish article ko hamare sath share karne ke liye ,Ummid karte h hum log aagey bhi aap Gopal bhai ke blog ke liye,,,,,,kuch log hote hai aise Jo parishiti se haar nahi mante aur nikal padte h ish dunia se ladne me liya ,salam hai aise logo ke liye ,kehna to aur bhi bahut kuch chahta hu,par comment long hojayegi
Gajab post h sir. Most inspirational biography. Thanks
मैं हमेशा उन्हें कभी हार ना मानने के लिए इंस्पायर करना चाहता हूँ; चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों….मैं उन्हें एंकरेज करना चाहता हूँ कि हमेशा एक उम्मीद ज़रूर होती है।
kamal ki post likhi hia aapne Ravi Ji . dhnybad 🙂