अपने आस -पास देखिये , जिन मुहल्लों की गलियों में आप बड़े हुए हैं , उन्हें जरा मुड़कर देखिये … कई रोचक कहानियां मिल जाएँगी , और आज मैं भी अपनी गलियों से निकली ऐसी ही 3 कहानियां आपसे share करना चाहता हूँ .

Time changes everything…
मैं गोरखपुर में पला -बढ़ा , 12th तक की schooling भी वहीँ हुई . वहीँ के कुछ आम लोगों के बारे में बताना चाहूंगा जिनसे शायद आपको भी कुछ प्रेरणा मिले .
सबसे पहले एक लड़की की कहानी , नाम छोड़िये ; पढ़ने में बिलकुल सामान्य , UP board की पढ़ाई ; पता नहीं की उसने कभी first division marks लाये हों , पर उस साधारण सी लगने वाली लड़की ने लाखों लोगों को competition में beat किया और अभी बतौर एक न्यायाधीश देश की सेवा कर रही है .
अगर सालों पहले लोगों (including me) से पुछा जाता कि वो आगे चल कर क्या करेगी तो शायद वे कहते … शादी करेगी और घर संभालेगी। …. पर समय सब कुछ बदल देता है .
दूसरी कहानी , मेरे उम्र के ही एक लड़के की , lower middle class, या शायद एक गरीब परिवार का लड़का , एक cycle बनाने वाले के यहाँ किराये पर एक छोटा सा कमरा लेकर रहता था और अपने खर्च निकलने के लिए दसियों किलोमीटर cycle चला कर tuition पढ़ाता था . टूटी-फूटी इंग्लिश बोलता था , Distance- learning program से पढ़ाई की , दिल्ली में छोटी -मोटी job की , Search Engine Optimization (SEO) का काम सीखा , और फिर खुद वो काम शुरू कर दिया , एक बहुत छोटे से कमरे से … साल बीतते गए … वो मेहनत करता गया और उस business से लाखों -करोड़ों कमाए , Gorakhpur में ही अपना शानदार घर बनवाया , माँ -बाप के सपने पूरे किये ,और गरीबी को हमेशा – हमेशा के लिए अपनी ज़िन्दगी से निकाल फेंका .
अगर तब किसी से पुछा जाता कि ये लड़का आगे चल कर क्या करेगा … तो शायद लोग कहते , कोई छोटी- मोटी नौकरी करेगा , या थक -हार कर अपने गाँव चला जायेगा और खेती -वेति करेगा …. पर समय सब कुछ बदल देता है .
आखिरी और तीसरी कहानी एक lady की , पढ़ने -लिखने में अच्छी , convent educated, पर शादी के बाद घर संभालने की जिम्मेदारी , बच्चों को पढ़ाना – लिखाना , husband का ख्याल रखना और सास -ससुर की सेवा करना …. सालों -सालों तक यही करते रहना , बच्चों और परिवार के लिए ability होते हुए भी अपना career कुर्बान करना …फिर बच्चे बड़े होते हैं , जिम्मेदारियां कुछ कम होती हैं और 10-15 साल पहले किये गए Bed की वजह से एक competition में बैठने का मौका मिलता है … जीतोड़ मेहनत की जाती है …selection होता है और आज वो lady एक Govt School में Principal हैं .
एक बार फिर , अगर तब लोगों से पुछा जाता कि ये lady आगे चल कर क्या करेगी तो शायद सब यही कहते , करेगी क्या वही जो अब कर रही है … पर एक बार फिर समय सब कुछ बदल देता है .
दोस्तों , ये बड़ी आम सी कहानिया हैं ,हमारे-आपके जैसे आम लोगों की कहानियां हैं , पर इन कहानियों से एक उम्मीद जागती है , समय के साथ सब कुछ बदल सकता है . आज हम क्या हैं ये सब जानते हैं पर कल हम क्या हो सकते हैं ये हम खुद भी नहीं जानते … हम अपनी मेहनत से अपने भाग्य का निर्माण कर सकते हैं . अगर हम आज पढ़ने में कमजोर हैं तो कल को हम अपनी मेहनत से topper बन सकते हैं , अगर आज हमारे पास पैसे नहीं हैं तो कल हम अपनी मेहनत से दौलतमंद बन सकते हैं , अगर आज हमारे पास opportunity नहीं है तो क्या … कल हमें कुछ कर दिखाने का मौका मिल सकता है .
समय सब कुछ बदल देता है !
All the best !
क्या आपकी जानकारी में भी ऐसी कुछ कहानियां हैं, कृपया संक्षेप में comment के माध्यम से हम सबसे share करें.
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धन्यवाद !!!!!!!!जो अपने यह पोस्ट किया।।।
वाह! बहुत ही अच्छा लेख !!! यदि अपने सपनो को साकार करने के लिए लगातार प्रयास किये जाएँ तो उनका सकारात्मक परिणाम अवश्य मिलता है / बस जो भी सपना पूरा करना हो तो उसके लिए लगातार प्रयास करना चाहिए बाकी का कार्य समय स्वयं कर देता है /
द्वारा —
amulsharma
great stories sir.
One story out of these 3 is quite similar to me. I also belong to a lower middle class or poor family, I came Delhi after getting failed in 11th class, then I was only 17 year old. Started my career by doing little jobs and got a chance to work in cyber cafe after struggling 2 years in exports or office boy jobs. While I was working in cyber cafe I learned computer and learned English in free time and did distance learning and now I am graduate. In 2005 I got a chance to work in offices as a computer operator or Data Entry Operator.
Since July 2000 I was doing jobs in Delhi and got a chance to start my own business in 2011 as Search Engine Optimization (SEO) and earned good some of money around 1 crore in just 2 years.
VERY GOOD AND MOTIVATIONAL STORY ,,
THANKS SIR JI…
आपको बताते हुए हार्दिक प्रसन्नता हो रही है कि हिन्दी चिट्ठाजगत में चिट्ठा फीड्स एग्रीगेटर की शुरुआत आज से हुई है। जिसमें आपके ब्लॉग और चिट्ठे को भी फीड किया गया है। सादर … धन्यवाद।।
Yaad nahi aapko aakhiri baar dhanywad kab nahi bola tha.
So good.
Thank you!
these are the real heroes, great
सपने उनके पूरे होते हैं जिनके सपनों में जान होती है,
पंखों से कुछ नहीं होता, होंसलों से उड़ान होती है|
बेहद रोचक और प्रेरणादायक कहानियां, धन्यवाद
बहुत ही प्रेरणादायक कहानियां. कहते हैं इंसान जो चाहे वो कर सकता है. ऐसी कहानियां हमारा मनोबल बढाती हैं. इंसान को कभी भी अपने विपरीत हालातों से हिम्मत नहीं तोडना चाहिए.