आप सभी को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाये :
रक्षाबंधन पर कविता

भईया, उठो जल्दी से देखो राखी आईं।
मेरे जीवन में पूर्णिमा सी देखो खुशियां छाई।
माना कि मैं दूर रह रही,
फिर भी रहते दिल में हो।
बचपन का वो खेल, ठिठोली
फिर से करने आई, भईया
उठो जल्दी से देखो राखी आई।
रोली और राखी से सज्जित
थाली लेकर आई।
जीवन में आगे बढ़ना तुम मेरे प्यारे भाई।
कोई भी तकलीफ तुम्हे हो,
तो मन भरता है मेरा।
आकर तुमसे मिलने को,
दिल करता है मेर।
सीख सदा रखना ये मेरे भाई याद सदा ही।
टूटे न ये डोर भले ही बदले समय कभी भी।
भईया, उठो जल्दी से देखो राखी आई ।
***
We thank Mr. [Pankaj Kumar Gautam]

Name : डॉ. पंकज कुमार गौतम
Occupation : रसायनशास्त्र विभाग में HOD
Institute : शासकीयकन्या महाविद्यालय
Place : सतना मध्यप्रदेश (भारत)
Hobby : लेखन और कविता
धन्यवाद
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बहुत ही heart-touching lines हैं, भाई-बहन का प्यार हमेशा यूँ ही बना रहे।
Happy Raksha Bandhan! 🙏
Aapke website par motivational content bahut badhiya he, padh k accha lgta hay
बहुत प्यारी कविता भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरती को बहुत अच्छे से बयां किया है। Happy Raksha Bandhan!