गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त कर रहे शिष्यों में आज काफी उत्साह था , उनकी बारह वर्षों की शिक्षा आज पूर्ण हो रही थी और अब वो अपने घरों को लौट सकते थे . गुरु जी भी अपने शिष्यों की शिक्षा-दीक्षा से प्रसन्न थे और गुरुकुल की परंपरा के अनुसार शिष्यों को आखिरी उपदेश देने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने ऊँची आवाज़ में कहा , " आप सभी एक जगह एकत्रित हो जाएं , मुझे आपको आखिरी उपदेश देना है ." गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए सभी शिष्य एक जगह एकत्रित हो गए . गुरु जी ने अपने हाथ में कुछ लकड़ी के खिलौने पकडे … [Read more...]
Quotes On India in Hindi
भारत की प्रशंशा में कहे गए कथन Quote 1: We owe a lot to the Indians, who taught us how to count, without which no worthwhile scientific discovery could have been made. In Hindi : हम भारतीयों के कृतज्ञ हैं , जिन्होंने हमें गिनना सिखाया , जिसके बिना कोई सार्थक वैज्ञानिक खोज नहीं की जा सकती थी . Albert Einstein ऐल्बर्ट आइन्स्टीन Quote 2: If I were asked under what sky the human mind has most fully developed some of its choicest gifts, has most deeply pondered on the greatest problems of … [Read more...]
सफलता चाहते है ?
हम सभी जीवन में सफलता चाहते है यह एक ऐसी सच्चाई है जो सभी पर लागू होती है चाहे हम व्यपार करते हो या नोकरी या छात्र हो अथवा कोई प्रोफेशनल या उच्चअधिकारी हो, यहाँ तक कि अध्यात्मिक क्षेत्र में भी साधक अपनी सफलता के लिए निरंतर प्रयत्ननशील रहता है अर्थात कोई भी इससे वंचित नहीं रहना चाहता । परन्तु हम में से ज्यादातर लोग आशातित सफलता नहीं प्राप्त करते ऐसा क्यों ? क्योंकि अधिकतर लोग सफलता की चाह रखते है भूख नहीं!!! ये एक बहुत बड़ा अंतर है भूखा हर हद तक चला जाता है और चाहत रखने वाला कई … [Read more...]
मुसीबतों से निकलने का मन्त्र
जीवन में जब कभी हम दोराहे पर खड़े हों, परिस्थितियाँ प्रतिकूल हों, मुसीबतों का चक्रव्यूह भेदना भी कठिन हो,अपनों ने भी साथ छोड़ दिया हो, बुद्धि तो जैसे भ्रमित सी हो गयी हो तो क्या करें ?कैसे ऐसे बुरे समय से बाहर निकलें ? कैसे फिर से जीवन सहज, सुखी, सफल, संतुष्ट और सरल बनायें ? उत्तर बड़ा ही संक्षिप्त है कि बस हम श्रद्धा और विश्वास को बिखरने न दें |श्रद्धा उस ज्ञान के प्रति कि जो मानव को अवगत कराता है इस सत्य से कि ऊषाकाल की पहली किरण से पहले का अँधेरा सबसे ज़्यादा घना हुआ करता है और विश्वास … [Read more...]
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जीवनी व निबंध
Sardar Vallabhbhai Patel Biography in Hindi लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जीवनी व निबंध सरदार वल्लभभाई पटेल का संक्षिप्त परिचय नाम सरदार वल्लभभाई झावेरभाई पटेल जन्म 31 अक्टूबर 1875 नडियाद, बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत मृत्यु 15 दिसम्बर 1950 (उम्र 75) बॉम्बे, बॉम्बे राज्य, भारत राष्ट्रीयता भारतीय पेशा वकालत, राजनीति, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उपलब्धि भारत के लौह पुरुष व भारत का बिस्मार्क के रूप में प्रसिद्द. आज़ादी के बाद विभिन्न रियासतों के … [Read more...]
झटक कर आगे बढ़ जाएं
बहुत समय पहले की बात है , किसी गाँव में एक किसान रहता था . उसके पास बहुत सारे जानवर थे , उन्ही में से एक गधा भी था . एक दिन वह चरते चरते खेत में बने एक पुराने सूखे हुए कुएं के पास जा पहुचा और अचानक ही उसमे फिसल कर गिर गया . गिरते ही उसने जोर -जोर से चिल्लाना शुरू किया -" ढेंचू-ढेंचू ....ढेंचू-ढेंचू ...." उसकी आवाज़ सुन कर खेत में काम कर रहे लोग कुएं के पास पहुचे, किसान को भी बुलाया गया . किसान ने स्थिति का जायजा लिया , उसे गधे पर दया तो आई लेकिन उसने मन में सोचा कि इस बूढ़े गधे को बचाने … [Read more...]
प्रकृति से लें प्रेरणा
जीवन में ज्ञान और प्रेरणा कहीं से भी एवं किसी से भी मिल सकती है। मित्रों आज मैंने एक कविता पढ़ी , पढकर लगा कि प्रकृति ऐसे अंनत कारणों से भरी हुई है, जो हमें सिखाती है कि जीवन हरपल आनंद से सराबोर है। नदियों का कल कल करता संगीत, झूमते गाते पेङ, एवं छोटे छोटे जीव हमें सिखाते हैं कि जीवन को ऐसे जियो कि जीवन का हर पल खुशियों की सौगात बन जाये। मैं आपके साथ भी वह कविता बांटना चाहुँगी: कुकङु कू कहता मुर्गा, जागो जागो ओ नादान शीध्र सवेरे उठने वाला, पाता है बल विद्यामान। कू-कू करती कहती कोयल, मीठी बात … [Read more...]
महात्मा जी की बिल्ली
एक बार एक महात्माजी अपने कुछ शिष्यों के साथ जंगल में आश्रम बनाकर रहते थें, एक दिन कहीं से एक बिल्ली का बच्चा रास्ता भटककर आश्रम में आ गया । महात्माजी ने उस भूखे प्यासे बिल्ली के बच्चे को दूध-रोटी खिलाया । वह बच्चा वहीं आश्रम में रहकर पलने लगा। लेकिन उसके आने के बाद महात्माजी को एक समस्या उत्पन्न हो गयी कि जब वे सायं ध्यान में बैठते तो वह बच्चा कभी उनकी गोद में चढ़ जाता, कभी कन्धे या सिर पर बैठ जाता । तो महात्माजी ने अपने एक शिष्य को बुलाकर कहा देखो मैं जब सायं ध्यान पर बैठू, उससे पूर्व तुम इस … [Read more...]
10000 Hour Rule : बने अपने Field के Expert
इसी साल जनवरी में मैंने एक article लिखा था “ कैसे बढाएं अपनी dream life की तरफ अपने कदम ?" इसीarticle में मैंने पहली बार इस site पर Malcolm Gladwell के 10,000 hour rule के बारे में बात की थी . मुझे लगता है कि ये rule इतना powerful है कि इसे अलग से discuss करने की ज़रुरत है , और इसिलए आज आपके साथ मैं detail में इसके बारे में बात कर रहा हूँ . Exceptional performers पैदा होते हैं या practice के through बनते हैं ; ये debate बहुत पहले से चलती आ रही है ….दोनों view points को support और … [Read more...]
मंदिर का पुजारी
एक बार की बात है कि एक समृद्ध व्यापारी , जो सदैव अपने गुरू से परामर्श करके कुछ न कुछ सुकर्म किया करता था, गुरु से बोला-“गुरुदेव, धनार्जन हेतु मैं अपना गाँव पीछे ज़रूर छोड़ आया हूँ, पर हर समय मुझे लगता रहता है कि वहाँ पर एक ऐसा देवालय बनाया जाये जिसमें देवपूजन के साथ-साथ भोजन की भी व्यवस्था हो,अच्छे संस्कारों से लोगों को सुसंस्कृत किया जाये, अशरण को शरण मिले, वस्त्रहीन का तन ढके ,रोगियों को दवा और चिकित्सा मिले ,बच्चे अपने धर्म के वास्तविक स्वरूप से अवगत हो सकें |” सुनते ही गुरु … [Read more...]
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