Friends, क्या होता है जब आप smoothly अपनी गाड़ी चला रहे होते हैं और अचानक ही एक speed breaker आपके सामने आ जाता है ? तब आप क्या करते हैं ? क्या आप अपनी गाडी वहीँ रोक देते हैं और आगे बढ़ना छोड़ देते हैं ? नहीं ! आप तो बस गाडी थोड़ी धीमी कर लेते हैं और breaker बीत जाने के बाद धीरे -धीरे अपनी speed बढ़ाने लगते हैं . Isn't it ? गाड़ी के मामले में हम सब यही करते हैं , पर जब अपने goals achieve करने की बात आती है , life में successful बनने की बात आती है तब लोग काफी differently behave करते हैं . बहुत से … [Read more...]
Bye-Bye Indore Hello Delhi !
Dear friends, मैं लगभग दो साल से इंदौर में पोस्टेड था , आज मैं दिल्ली के लिए निकल रहा हूँ। Indore मेरे लिए बेहद ख़ास है क्योंकि यहॉं मेरे बेटे पार्थ का जन्म हुआ , अब वो पौने दो साल का हो गया है :) . मैं इस शानदार शहर और यहाँ के लोगों को मिस करूँगा।मैं छप्पन और रजवाड़ा के बाज़ार को भी मिस करूँगा। और यहाँ बने कुछ ख़ास दोस्तों को ज़िन्दगी भर याद रखूँगा। ट्रान्सफर की तैयारी में मैं पिछले कुछ समय से काफी busy था और आने वाले १-२ हफ्ते भी settle होने में लग जायेंगे। कोशिश होगी कि जल्द से जल्द … [Read more...]
स्वस्थ शरीर है सबसे बड़ा खजाना !
आधुनिक जीवन शैली की तेज रफ्तार एवं भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का विषय बहुत पीछे रह गया है और नतीजा यह निकला की आज हम युवावस्था में ही ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ह्रदय रोग, कोलेस्ट्रोल, मोटापा, गठिया, थायरॉइड जैसे रोगों से पीड़ित होने लगे हैं जो कि पहले प्रोढ़ावस्था एवं व्रद्धावस्था में होते थे और इसकी सबसे बड़ी वजह है खान पान और रहन सहन की गलत आदतें, आओ हम सेहत के इन् नियमों का पालन करके खुद भी स्वस्थ रहे तथा परिवार को भी स्वस्थ रखते हुए अन्य लोगों को भी अच्छे स्वास्थय के लिए जागरूक करें ताकि एक स्वस्थ … [Read more...]
महान जीनियस लिओनार्दो दा विंची के 30 प्रेरक कथन Leonardo da Vinci Quotes in Hindi
Leonardo da Vinci Quotes in Hindi मानवता के इतिहास में सबसे बड़े जीनियस के रूप में जाने जाने वाले लिओनार्दो दा विंची के प्रेरक कथन. Name Leonardo da Vinci / लिओनार्दो दा विंची Born Leonardo di ser Piero da VinciApril 15, 1452 Vinci, Republic of Florence (present-day Italy) Died May 2, 1519 (aged 67)Amboise, Kingdom of France Nationality Italian Occupation Painter, sculptor, architect, musician, mathematician, engineer, inventor, anatomist, geologist, … [Read more...]
पैरों के निशान ! An inspirational Story
जन्म से ठीक पहले एक बालक भगवान से कहता है," प्रभु आप मुझे नया जन्म मत दीजिये , मुझे पता है पृथ्वी पर बहुत बुरे लोग रहते है.... मैं वहाँ नहीं जाना चाहता ..." और ऐसा कह कर वह उदास होकर बैठ जाता है । भगवान् स्नेह पूर्वक उसके सर पर हाथ फेरते हैं और सृष्टि के नियमानुसार उसे जन्म लेने की महत्ता समझाते हैं , बालक कुछ देर हठ करता है पर भगवान् के बहुत मनाने पर वह नया जन्म लेने को तैयार हो जाता है। " ठीक है प्रभु, अगर आपकी यही इच्छा है कि मैं मृत लोक में जाऊं तो वही सही , पर जाने से पहले आपको मुझे एक … [Read more...]
शहीद दिवस: जरा याद करो कुर्बानी
Shaheed Diwas Essay in Hindi शहीद दिवस पर निबन्ध भारत की स्वतंत्रता में तीन ऐसे वीर सपूत हैं, जिनकी शहादत ने देश के नौजवानों में आजादी के लिए अभूतपूर्व जागृति का शंखनाद किया। देशभक्त सुखदेव, भगतसिंह और राजगुरू को अंग्रेज सरकार ने 23 मार्च को लाहौर षडयंत्र केस में फाँसी पर चढा दिया था। इन वीरों को फाँसी की सजा देकर अंग्रेज सरकार समझती थी कि भारत की जनता डर जाएगी और स्वतंत्रता की भावना को भूलकर विद्रोह नही करेगी। लेकिन वास्तविकता में ऐसा नही हुआ बल्की शहादत के बाद भारत की जनता पर स्वतंत्रता … [Read more...]
कॉफी का कप
दोस्तों का एक पुराना ग्रुप कॉलेज छोड़ने के बहुत दिनों बाद मिला। वे सभी अपने-अपने करियर में बहुत अच्छा कर रहे थे और खूब पैसे कमा रहे थे। जब आपस में मिलते -जुलते काफी वक़्त बीत गया तो उन्होंने अपने सबसे फेवरेट प्रोफेसर के घर जाकर मिलने का निश्चय किया। प्रोफेसर साहब ने उन सभी का स्वागत किया और बारी-बारी से उनके काम के बारे में पूछने लगे। धीरे-धीरे बात लाइफ में बढ़ती स्ट्रेस और काम के प्रेशर पर आ गयी। इस मुद्दे पर सभी एक मत थे कि भले वे अब आर्थिक रूप से बहुत मजबूत हों पर उनकी लाइफ में अब वो मजा नहीं … [Read more...]
कवि प्रदीप का प्रेरणादायी जीवन
देश प्रेम और देश-भक्ति से ओत-प्रोत भावनाओं को सुन्दर शब्दों में पिरोकर जन-जन तक पहुँचाने वाले कवि प्रदीप का जन्म 6 फरवरी 1915 को उज्जैन के बङनगढ नामक कस्बे में हुआ था। पिता का नाम नारायण भट्ट था। प्रदीप जी उदीच्य ब्राह्मण थे। प्रदीप जी की शुरुआती शिक्षा इंदौर के शिवाजी राव हाईस्कूल में हुई, जहाँ वे सातवीं कक्षा तक पढे। इसके बाद की शिक्षा इलाहाबाद के दारागंज हाईस्कूल में संपन्न हुई। इण्टरमिडीयेट की परिक्षा पूरी की। दारागंज उन दिनों सादित्य का गढ हुआ करता था। वर्ष 1933 से 1935 तक का इलाहाबाद का … [Read more...]
बाज और किसान
बहुत समय पहले की बात है , एक राजा को उपहार में किसी ने बाज के दो बच्चे भेंट किये । वे बड़ी ही अच्छी नस्ल के थे , और राजा ने कभी इससे पहले इतने शानदार बाज नहीं देखे थे। राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक अनुभवी आदमी को नियुक्त कर दिया। जब कुछ महीने बीत गए तो राजा ने बाजों को देखने का मन बनाया , और उस जगह पहुँच गए जहाँ उन्हें पाला जा रहा था। राजा ने देखा कि दोनों बाज काफी बड़े हो चुके थे और अब पहले से भी शानदार लग रहे थे । राजा ने बाजों की देखभाल कर रहे आदमी से कहा, " मैं इनकी उड़ान देखना चाहता हूँ , … [Read more...]
द्रौपदी और भीष्मपितामह
महाभारत का युद्ध चल रहा था। भीष्मपितामह अर्जुन के बाणों से घायल हो बाणों से ही बनी हुई एक शय्या पर पड़े हुए थे। कौरव और पांडव दल के लोग प्रतिदिन उनसे मिलना जाया करते थे। एक दिन का प्रसंग है कि पांचों भाई और द्रौपदी चारो तरफ बैठे थे और पितामह उन्हें उपदेश दे रहे थे। सभी श्रद्धापूर्वक उनके उपदेशों को सुन रहे थे कि अचानक द्रौपदी खिलखिलाकर कर हंस पड़ी। पितामह इस हरकत से बहुत आहात हो गए और उपदेश देना बंद कर दिया। पांचों पांडवों भी द्रौपदी के इस व्य्वहार से आश्चर्यचकित थे। सभी बिलकुल शांत हो गए। … [Read more...]
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