
कितनी देर रह सकते हैं बिना मोबाइल देखे ?
No doubt ये mobile का युग है … या और precisely कहें तो internet-enabled mobile का युग है …AKC पढ़ने वाले लाखों लोगों में से 50% से अधिक इस blog को mobile पर ही पढ़ते हैं …, thanks 🙂
शायद आपको अजीब लगे पर मैंने आज तक अपने mobile में internet pack नहीं डलवाया …. वजह थी मेरा डर…मुझे डर था कि अगर मैंने ऐसा किया तो मेरा time बहुत waste होगा …मैन बस रह – रह कर अपना मोबाइल ही check करता रहूँगा … कभी AKC की stats …तो कभी किसी mail के इंतज़ार में बार- बार इनबॉक्स चेक करना …तो कभी बिना मन के किसी से chat करना !
क्या ये डर सही था ?
हम्म , सही था .
और मैंने ये internet pack डलवा कर नहीं जाना …. मैंने ये जाना office building में available wi-fi कनेक्शन से .
पिछले दो -तीन महीनो से मैं office में wi-fi enabled internet का use अपने mobile पर कर रहा हूँ …और last month मैंने महसूस किया कि मैं थोड़ी-थोड़ी देर पर अपना mobile उठता हूँ। …. मेल इनबॉक्स देखता हूँ , अच्छीखबर खोलता हूँ , whats app के मेसेज पढता हूँ और मोबाइल वापस अपने सामने रख देता हूँ , ये कभी-कभी करने में कोई problem नहीं है , पर मैं ऐसा बहुत frequently कर रहा था …मतलब 10-15 min में एक -दो बार तो mobile उठा ही लेता होउंगा … without any reason …. बिना मतलब के …न कोई फ़ोन आया , ना कोई message alert बस यूँही mobile उठाया और देखने लगे . फिर मैं थोडा सजग हुआ और इस पर ध्यान देना शुरू किया तो पाया कि मैं कभी – कभी unconsciously भी ऐसा कर रहा था … मतलब office का कोई काम करते -करते अचानक ही ध्यान जाता है कि मैं काम छोड़ कर mobile पे कुछ check कर रहा हूँ …. and ये behaviour meetings के दौरान या किसी से बात करते हुए भी जारी था …
शायद मेरा इस तरफ ध्यान भी नहीं जाता अगर मैंने blogging guru Steve Pavlina कि ये पोस्ट ना पढ़ी होती .पोस्ट पढ़ने के बाद जब मैं अपने इस behaviour को लेकर conscious हुआ तो ये बातें सामने आयीं और आज आपके साथ इन्हे आपसे शेयर करना का यही मकसद है कि in case आपके साथ भी ऐसा हो रहा हो तो आप भी अलर्ट हो जाइये।
क्योंकि ये कोई छोटी समस्या नहीं है इसकी वजह से हम सिर्फ अपना कीमती समय ही नहीं गंवाते बल्कि हमारी concentrate करने की क्षमता या attention span भी कम होता जाता है , जो सचमुच एक चिंता की बात है … attention span कम होना मतलब आप किसी की बात या किस task पर अधिक समय तक ध्यान नहीं दे पाते हैं और आसानी से distract हो जाते हैं , जो आपकी learning capability और knowledge को directly impact करता है, आपकी productivity घट जाती है जो ultimately life में आपकी progress को भी प्रभावित करती है .
इससे बचने के लिए क्या करें ?
पिछले कुछ दिनों से मैं अपनी इस आदत को बदलने की कोशिश में लगा हूँ। बताता हूँ मैंने क्या किया :
- अब मैं काम करते वक़्त पहले से decide कर लेता हूँ कि अगले कुछ समय तक मुझे mobile नहीं touch करना है , unless until कोई call आ जाये . अगर आप को मोबाइल बहुत frequently टच करना की आदत है तो आप 10 मिनट से शुरू कर सकते हैं , और इसे बढ़ा कर आधे घंटे… 1 घंटे… या 4-5 घंटे तक भी ले जा सकते हैं .
- मैं mobile को नज़रों के सामने नहीं रखता , मैं उसे किसी paper या notebook के नीचे रखता हूँ ताकि वो दिखाई न दे और unconsciously मैं उसे उठा कर check न करने लगूं .
- किसी से face to face बात करते वक़्त mobile नहीं check करता हूँ , in fact ऐसा करना is a kind of disrespect, we should strictly avoid it.
- इसके आलावा मैं Whats App के group में भी कभी – कभार ही reply करता हूँ ताकि group पर मेरे inactive रहने की ही expectation set हो .
- मैं बीच बीच में wi-fi disable कर देता हूँ , ताकि उस समय किसी तरह के update की उम्मीद ही ना रहे और mobile check करने की urgency न महसूस हो .
दोस्तों हम सब जानते हैं technology in itself अच्छी या बुरी नहीं होती उसका प्रयोग अच्छा या बुरा होता है। हमें ध्यान देना होगा कि हम टेक्नोलॉजी के इतने आदि ना हो जाएं कि touch screen के चक्कर में अपना human touch ही खो दें !!मुझे नहीं पता आप इस प्रॉब्लम से कितना relate कर पा रहे हैं पर अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हो रहा है तो इसे lightly मत लीजिये , देखने में छोटी सी ये समस्या long run में हमारी लाइफ पर बड़ा इम्पैक्ट डाल सकती है, इसलिए ज़रूरी हो जाता है कि आप भी self-aware रहें और जानें कि आप कितनी देर रह सकते हैं बिना मोबाइल देखे ?
All the best 🙂
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Thanks for including this post.
mobile kya pc par bhi internet ki ye lat lag gayi thi lekin ab maine chuda li hai aur sirf kaam ki hi cheeze dekhta hu aur jaldi se khatam karke baaki kaamo me lag jata hu….apki tarah mai bhi self aware hi hua tha ki jyada hi use kar rha tha.ise chodne ke liye apne mann me ek baat dalni hogi ki technology humare use ke liye hai na ki hum technology ke use ke liye…
very valid point.
many many thanks sir ji ur are like real hero of our society i aslo involved this problem i suggest time table for gprs .or changed sell phone with out internet. we use in our daily life
Thnx fr ur valuablr post..I m also suffering from dis prblm..
अच्छी एवं अलार्मिंग पोस्ट |
आभार
U r right sir..
Very nice article 🙂
Hello Gopal Ji..
ye bohot hi achcha article publish kiya aapne.
Mere according agar koi is aadat se bachna chahta hai to usko apna handset hi change kar lena chahiye jisme sirf baat karne aur text karne ki hi suvidha ho.
Na rahega baans, au na bajegi baansuri.
Shuru ke thode din us vyakti ko thodi boriyat ho sakti hai agar usko ye aadat lag gayi hai to lekin hafte 2 hafte main woh sahi ho jayegi.
wonderful article.. most of peoples face these types of problems and we never avoid these problem because we are thinking it’s a good habit but in real terms it’s a not good habit…..
Thanks God! I am safe.
Wow,,,,,,,, its, realy true