अमेरिका के top most motivational speakers में गिने जाने वाले जिम रौन एक बड़ी ही simple philosophy में यकीन रखते थे। वे इसे “Ant Philosophy” कहते थे। आज मैं आपके साथ उन्ही की बताई Ant Philosophy का Hindi version share कर रहा हूँ।
What we can learn from ants in Hindi by Jim Rohn

“कई सालों से मैं बच्चों को एक simple लेकिन बहुत ही powerful concept के बारे में बताता आ रहा हूँ- इसे Ant Philosophy (ऐन्ट फिलोसोफी) कहते हैं। मेरे सोचना है कि सभी को चींटियों को पढ़ना चाहिए।
उनकी बड़ी गजब की four part philosophy है, और पहला पार्ट ये है :
ये एक अच्छी फिलोसोफी है। अगर वो कहीं जा रही हैं और आप उनको रोकने की कोशिश करें तो वे दूसरा रास्ता खोजने लगती हैं।
वे ऊपर से चढाई करेंगी, वे नीचे से चली जायेंगी, और वे घूम कर चली जायेंगी. वे कोई न कोई रास्ता खोजती रहेंगी। कितनी neat philosophy है, कभी हार नहीं मानना…जहाँ जाना है वहां जाने के लिए रास्ता खोजते रहना।
दूसरा पार्ट:
Ants think winter all summer / चींटियाँ पूरी गर्मी जाड़े के बारे में सोचती रहती हैं:
ये एक ज़रूरी दृष्टिकोण है। आप इतने भोले नहीं हो सकते कि ऐसा सोचें कि गमियां कभी ख़तम ही नहीं होंगी। इसलिए चींटियाँ गर्मी के समय जाड़े का खाना जुटाती रहती हैं।
एक पुरानी कहानी कहती है-
गर्मी में अपना घर रेत पर ना बनाएं।
हमें इस सलाह की ज़रूरत क्यों है? क्योंकि realistic होना ज़रूरी है। गर्मी में आपको तूफानों के बारे में सोचना होता है। जब आप रेत और सूरज का आनंद ले रहे हों तब आपको पत्थरों के बारे में सोचना होता है। आगे की सोचिये।
ऐन्ट फिलोसोफी का तीसरा पार्ट है:
Ants think summer all winter / पूरी सर्दी चींटियाँ गर्मी के बारे में सोचती रहती हैं:
ये कितना ज़रूरी है! सर्दियों में चींटियाँ खुद को याद दिलाती हैं, ” ऐसा ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा, हम जल्द ही यहाँ से बाहर होंगे।” और पहले गरम दिन चींटियाँ बाहर निकल आती हैं। अगर फिर से ठण्ड बढ़ जाती है तो वे वापस चली जाती हैं, लेकिन फिर जैसे ही दिन गरम होता ही वे वापस निकल आती हैं। वे बाहर निकलने के लिए इंतज़ार नहीं कर सकतीं।
और अब Ant Philosophy का आखिरी भाग:
How much will an ant gather during the summer to prepare for the winter? / एक चींटी गर्मियों में सर्दियों के लिए कितना खाना जुटाएगी?
जितना वो जुटा सकती है। कितनी incredible philosophy है – the “all-you-possibly-can” philosophy.
कभी हार न मानो, आगे देखो, positive रहो, और जितना कर सकते हो उतना करो।
सचमुच Jim Rohn ने बड़े ही सिंपल वर्ड्स में कितनी inspirational philosophy शेयर की है। चींटियाँ हम इंसानों को कितना कुछ सिखाती हैं; तो चलिए हम भी इन चींटियों से life के lessons सीखते हैं और success की दिशा में अपने कदम बढाते हैं।
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wow sir realy nice post हम इंसानों को चीटियों से कितना सीखने की जरुरत है
Very nice sir.
Thank you so much Gopal sir for share us ant story
Is article me btaya gya 1st chiti kabhi har nahi manti bachpan me bado se hum kai bar sunte hai par kabhi gaur nahi kqrte.par is article se pta chalta hai ki sach me hum har kisi se kitna kuch sikh sakhte hain…
jabha bhi me narwas hota ho aap ki kahniy mujhe jitane Ka hosla deti he mere liya San aasaan ho jata he !!!!!nan2
Best
One of the best article. Apki bahai har baat ko bhannaat.com pr use karti hun.
बहुत बहुत धन्यवाद गोपाल सर
अगर इंसान कुछ भी सीखना चाहे तो वो प्रकृति की किसी भी चीज से सीख ले सकता है। बहुत ही अच्छी सीख देने वाला आर्टिकल है।
हम हर इंसान या जीव से कुछ ना कुछ अच्छा सीख सकते है, लेंकिन अक्सर हम सिर्फ बुराई देखते है और अच्छाई नजरअंदाज कर देते है !
Marvel banner से बनी Hollywood movie ANT man में चींटी के जीवन और कड़ी मेहनत को फिल्माया गया है !न
गोपाल जी का यह पोस्ट वास्तव में काफी अच्छा है और हमे इन से सीख मिलती है !
Regards
http://www.kaisekamayetips.com
Very Good Articles in your blog Me sahad subah me pehla blog aapka hi open karta hu aur dekhta hu ki kya Naya aaya he to Kuch subah me hi motivate ho jaata hu….