पहले ये क्लीयर कर दूँ कि मैं यहाँ किसी पार्टी का समर्थन या विरोध नहीं कर रहा, मेरा मकसद बस इन चुनावी नतीजों से हमारे व्यक्तित्व विकास के लिए कुछ पॉइंट्स निकालना है.

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तो जैसा कि आप जानते हैं सत्ता का सेमिफिनल कहे जाने वाले 5 राज्यों में हुए विधान सभा चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हरा दिया है. जबकि मिजोरम और तेलंगाना में न भाजपा जीती है ना कांग्रेस.
तो कह सकते हैं कि अगर सिर्फ बीजेपी और कांग्रेस की बात की जाए तो कांग्रेस ने बीजेपी को तीन जीरो से हरा दिया है.
Congress – 3
BJP- 0
इन नतीजों से हम अपने लिए कुछ सीख ले सकते हैं, आइये समझते हैं इन्हें-
परिवर्तन प्रकृति का नियम है
बदलाव होना ही होना है. दिन के बाद रात तो रात के बाद दिन आना ही आना है. MP और छत्तीसगढ़ में बीजेपी 15 साल से शाशन कर रही थी. पार्टी ने कई अच्छे काम भी किये और स्टेट को आगे बढ़ाया पर इस बार जनता ने उन्हें बदल दिया और कांग्रेस को विजयी बना दिया.
आपके जीवन में भी उतार-चढ़ाव आने ही आने हैं. आज अगर आप DOWN हैं तो उम्मीद रखिये कि कल आप UP भी होंगे.
और अगर आज आप UP हैं तो अपनी इस पोजीशन को अपनी फ्यूचर सिक्योर करने के लिए प्रयोग करिए क्योंकि कल आप DOWN भी होंगे.
इसलिए बदलाव के लिए तैयार रहिये ये होना ही होना है…आज नहीं कल नहीं…कभी न कभी बदलाव होकर रहता है.
मैदान में टिके रहिये, एक दिन आप जीत जायेंगे
पूरे देश में किसी एक आदमी का अगर सबसे ज्यादा मज़ाक बनाया गया होगा तो वो सम्भवतः राहुल गांधी होंगे.
कभी जुबान फिसलने पर, कभी चुनाव हारने पर, कभी सोशल मीडिया पर, कभी अखबारों में, कभी न्यूज़ चैनल्स पर राहुल गांधी का मज़ाक बनाया जाता रहा…पर अब वही पप्पू…. पास हो गया है!
इतनी हार और इतनी इन्सल्ट के बाद किसी का मैदान छोड़ देना अस्वाभाविक नहीं होता…लेकिन राहुल गाँधी टिके रहे… वे हारते रहे पर लड़ते रहे…
और दुनिया में सबसे अधिक मुश्किल उसे हराना नही होता जो सबसे ताकतवर होता है, बल्कि सबसे मुश्किल उसे हराना होता है जो हार नहीं मानता है.
आप भी अपने जीवन में जो कुछ भी पाना चाहते हैं उसे पाए बिना हार मत मानिए. मैदान में टिके रहिये, एक दिन आप जीत जायेंगे.
सब्र का फल मीठा होता है
मोदी लहर और बीजेपी के लगातार चुनाव जीतने से ऐसा लगने लगा था कि सचमुच यह पार्टी “कांग्रेस मुक्त भारत” का निर्माण कर देगी. और इसी के चलते विभिन्न दलों के कई नेता अपनी-अपनी पार्टियों को छोड़ कर बीजेपी में चले गए.
चाहते तो कमलनाथ, सिंधिया, गहलोत और पायलट भी यही कर सकते थे. बीजेपी उन्हें हाथों-हाथ लेती है और ऊँचे पदों पर भी रखती पर उन्होंने ऐसा नहीं किया और उसी का परिणाम है कि आज वो अपने-अपने राज्यों में शिखर पर हैं.
दोस्तों, कई बार हम कुछ शुरू करते हैं और सोचते हैं कि हमें जल्दी से सक्सेस मिल जाए…हम सब्र नहीं रखते… और एक काम से दूसरे काम…एक आईडिया से दूसरे आईडिया पर कूदते रहते हैं और अंत में कुछ बड़ा नहीं अचीव कर पाते हैं.
इसलिए अगर आप किसी चीज में बिलीव करते हैं तब उसे छोडिये नहीं सब्र रखिये एक दिन आप भी मान जायेंगे कि सब्र का फल मीठा होगा.
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Sabra ka phal mitha to hota hai magar rahul ki behavior dekh kar usse pappu kaha jata hai. Magar rahul ji ki vi thoda respect see baat karna cha hi ye. Har baat per unhone modi ji ki chor kehete hai ye konsi achi baat hai. Jo pm ko chor kehete hai. Bjp vi 70 saal se maidan me hai
Jabardast Bhai
Sir, this is only BJP defeat. People needs change, not Hindu-Muslim Jumlebaji. Thats why BJP loses its three states. We miss one of our country’s best prime minister Shree Atal Bihari Bajpayi. I don’t understand why BJP targeted Nehruji & Other Congress leaders, now they are in power they have chance to make changes. I am huge supporter of BJP and Modi. But ab modi bhakti leave kar chuka hu. Jai Jawan Jai Kisaan. Jai Hind Jai Bharat.
This is real fact of life and also this fact applicable everyone ,everybody .we learn from them .
bahut achchha hai bhi
Sir This is Not Congress Victory……………. It is only BJP Defeat…………we live in Rajasthan……….and we think because of Vasundhara raje BJP Lost Rajasthan.
So this election does not prove that Rahul gandhi win the match…………….
1.लोगों को मुफ्तखोरी का लालच देकर चूतिया बना सकते हैं
2 झूठ को कई बार बोलकर सच साबित करो जैसे राफेल मसला
3 भले ही आप गाजी + नेहरू +खान + गाँधी के मिलावटी खानदान से हों लेकिन
आप जनेऊधारी हिन्दू बन आप लोगों को बेवकुफ बना सकते हैं
सर परिवर्तन तो संसार का नियम हैं किसी को भी गलत फहमी में नहीं रहना चाहिए कि हमारा कभी अच्छा या बुरा नहीं हो सकता।
Hello Gopal,
यह बात सच है की ज्यादातर लोग राहुल गाँधी के नाम पे मजाक बनाते है लेकिन भाजपा के हार के बाद ये पता चल गया की कभी भी किसी को कम नहीं समझना चाहिए , ये बात सच है की कांग्रेस पार्टी के नेताओ ने हार नहीं मानी एवं तीनो राज्यों में जमकर संघर्ष किया , अगर राहुल गाँधी का इरादा बुलंद रहा तो २०१९ का चुनाव और भी दिलचस्प रहेगा.
इस बार चुनाव एकदम गरम था और मोदीजी का एक भी नारा काम नही आया। खैर जो होता है अच्छा होता है। कुछ नेताओ की नीयत में कमी थी सो हारना ही था।
गोपाल जी मैं आपकी बात से सहमत नहीं हूँ. मैं मध्यप्रदेश में रहता हूँ इसीलिए यहाँ की परिस्थिति के बारे में अच्छे से जानता हूँ. राहुल गाँधी की वजह से मध्यप्रदेश में कांग्रेस नहीं जीती हैं. बल्कि बीजेपी के कुछ गलत फैसलों ने उन्हें जीता दिया हैं. प्रदेश में बीजेपी के अलावा कोई अच्छी पार्टी नहीं थी जिसे वोट दिया जाए. इसी कारण लोगों को मज़बूरी में राहुल गाँधी की कांग्रेस को वोट देना पड़ा.
अपने विचार साझा करने के लिए धन्यवाद.
Behtar,kahege hm is indian attiitude ko,sach me ajkal ki rajniti k tewar se v positive sikh accept kiya ja sakta hai.Realy,apne umid jga di,sbme,kyoki hr diggaj aj misal hai chahe wo pappu ho chahe wo gappu,sahas struggle koi upwin hoga to koi wrong way se downwin,pr mishal sb hai,choise hmari chahe struggle ko chune ya …….
और राजस्थान में नोटा ने बीजेपी को हराया। कांग्रेस के अलावा लोगो के पास कोई ऑप्शन नही था और बीजेपी के पुराने प्रत्याक्षी सब बेकार थे सो लोगो ने बीजेपी को वोट नही दिया। इसके अलावा कोई पार्टी नही थी। लोग वसुंधरा राजे से नाखुश थे जिसका असर नोटा से साफ पता चल रहा है।
mujhe bi aisa agatta hai ham aapaki bat se sahamat hai
Bilkul sahi kaha apne