Top Iconic Dialogues of Nana Patekar Hindi
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Nana Patekar का परिचय
(Indian actor and filmmaker)
नाम: विश्वनाथ पाटेकर (नाना पाटेकर के नाम से प्रसिद्ध)
जन्म तिथि: 1 जनवरी 1951
जन्म स्थान: मुरुड-जंजीरा, रायगढ़ जिला, महाराष्ट्र
उम्र: 75 वर्ष (वर्ष 2026 के अनुसार)
शिक्षा: सर जे. जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट, मुंबई (कमर्शियल आर्ट्स में डिप्लोमा)
व्यवसाय: अभिनेता, फिल्म निर्देशक, लेखक और समाजसेवी
डेब्यू फिल्म: गमन (1978)
प्रमुख हिंदी फिल्में: परिंदा, क्रांतिवीर, तिरंगा, अग्नि साक्षी, खामोशी, अपहरण, वेलकम, राजनीति
प्रमुख मराठी फिल्में: सिंहासन, पाकाराम, नटसम्राट, देउल
निर्देशित फिल्म: प्रहार: द फाइनल अटैक (1991)
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: 3 बार (परिंदा, क्रांतिवीर और अग्नि साक्षी के लिए)
फिल्मफेयर पुरस्कार: 4 बार (सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, खलनायक और सहायक अभिनेता की श्रेणियों में)
नागरिक सम्मान: पद्म श्री (2013 – कला के क्षेत्र में योगदान के लिए)
सामाजिक संस्था/कार्य: नाम फाउंडेशन (महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों की सहायता के लिए)
अन्य विशेष कार्य: प्रादेशिक सेना में मानद मेजर का पद हासिल किया और फिल्म प्रहार के लिए सैन्य प्रशिक्षण लिया
मृत्यु : कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) (2026)
(Top Iconic Dialogues of Nana Patekar)
नाना पाटेकर के प्रसिद्ध डायलॉग (Top Iconic Dialogues)
1) Maratha Maarta Hain Ya Marta Hain
Film : Krantiveer (1994)
विस्तार : 90s का दौर सनी देओल, अजय देवगन, सुनील शेट्टी, अक्षय कुमार और अन्य मंजे हुए सीनियर एक्टर का ज़माना था,
इन सब के पास अच्छे लुक्स और आकर्षक फिजिक्स था ऐसे में किसी साधारण से दिखने वाले एक्टर का छाप छोड़ जाना बड़ी बात है,
मराठी मानुष को पहले से ही शौर्य और वीरता से जोड़ा जाता रहा है, इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए नाना का यह लड़ाकू सोच वाला डायलॉग खूब प्रसिद्ध हुआ था.
2)
“Behetar Hain Tu Apna Iraada Badal De, Nahin Toh Main Tera Naksha Badal Dunga.”
Film : Krantiveer (1994)
विस्तार : चेहरा भले ही चिकना नहीं, लेकिन डायलॉग डिलीवरी ऐसी की, अमिताभ बच्चन को भी स्किल से कॉम्प्लेक्स हो जाए.
नाना पाटेकर जब फिल्म में गुंडों से डिल करते थे तो दर्शकों को पहले से ही अंदाज हो जाता था कि अगले… बुरी तरह पीट जाएंगे, ये उनका on screen aura था.
3)
“Pandhra So Ki Naukri Karne Wala, Ek Din Tujhe Dedhso Ka Kafan Pehnayega.”
Tirangaa (1993)
विस्तार : 15 अगस्त हो या 26 जनवरी या फिर किसी क्रांतिकारी का जन्म दिन, भारत में साल दर साल, देश भक्ति की फिल्में बनती जरूर है,
दर्शक ऐसी फिल्में पसंद करते हैं, क्यूँ की सब को मालूम है कि हमारे पूर्वजों ने 200 साल क्या क्या यातनाएं सही है,
तिरंगा देश की आन-बान और शान है, फिल्म का नाम ही तिरंगा हो, साथ में राजकुमार जैसा दिग्गज कलाकार हो और नाना के हिस्से में बढ़िया डायलॉग ना हो, हो ही नहीं सकता.
4)
“Sau Mein Se Assi Beimaan, Phir Bhi Mera Desh Mahaan.”
Film : Krantiveer (1994)
विस्तार : क्रांतिवीरफिल्म जिसने देखी होगी उन्हें याद होगा की कलम वाली बाई, और धनिया सेठ जैसे शब्द तब कितने फेमस हुए थे.
दुखियारी अबला नारी को लड़ना सिखाना, हिन्दू-मुस्लिम को आपसी जगड़ा छोड़ कर एकता का पाठ देना या अपने सौतेले भाई के लिए घर से चोरी करना.
नानां पाटेकर ने इस फिल्म में अपने अनोखे अभिनय से ऐसे गहरे रंग भर दिए, जिसके कारण वो फिल्म सुपरडुपर-हिट हुई थी.
5) “Aa Gaye Meri Maut Ka Tamaasha Dekhne !”
Film : Krantiveer (1994)
विस्तार : सिस्टममें बैठे लोग / पद अधिकारी, कैसे पुलिस, नेता, धर्मगुरु और उद्योगपति बन कर आम लोगों का शोषण करते हैं, फिर कानून को धोखा दे कर, साफ़ बच निकलते हैं, ये काली सच्चाई इस फिल्म में प्रस्तुत की गई, उसके बाद…
अन्याय व अत्याचार का नाश करने के लिए, शस्त्र उठाना अनिवार्य बन जाता है, वैसा ही रोल नाना पाटेकर ने फिल्म में Play किया है.
फिर वही कानून, जब उन्हें फांसी की सजा सुनाता है, तो सजा पाने से पहले वो (नाना) लोगों को दमदार भाषण देते हैं. तभी यह डायलॉग बोलते हैं, जो आइकोनिक बन गया.
6)
Ek Machhar Saala Aadmi Ko Hijda Bana Deta Hain.”
Movie: Yashwant (1997)
विस्तार : ययशवंतफिल्म में नाना एक ईमानदार पुलिस अफसर के रोल में थे, उनका एक वकील दोस्त होता है, जो हमेशा मुसबित में उनका साथ देता है, पत्नी डेप्युटी कलेक्टर बनती है, जिसे ट्रेन करने में साथ देने में नाना का बड़ा योगदान होता है,
लेकिन गर्म दिमाग और ईमानदारी का भूत सिर पर सवार होने के कारण वे बार बार मुसबतों में घिर जाते थे, उसी वेदना को बयां करते और करप्ट सिस्टम को लताड़ते हुए उनके द्वारा यह डायलॉग बोला गया है, उस ज़माने में यह लंबा संवाद खूब प्रसिद्ध हुआ था.
7)
“Bhagwan ka diya sab kuch hai, daulat hai, shohrat hai, izzat hai, petrol pump hai, gadiya hai, bas bahan ke liye ek achha ladka chhaiye….
Movie: Welcome (2007)
विस्तार : अबवो दौर बीत चुका था जब, फल्मी गुंडे, लड़कियों को उठवाते, या A4 size के 4 स्टैम्प पेपर ले कर जबरन प्रोपर्टी पेपर्स साइन करा लेते.
स्मगलिंग का सोना, माँ के कंगन और खानदानी दुश्मनी की गुंडई के दौर के बाद, अब वो समय था जहाँ, सनकी फल्मी गुंडे…. कॉमेडियन बन चुके थे.
नाना को भी, ऐसी ही राह पर आना था तो… इस फिल्म में उन्होंने gangster Uday Shetty का रोल किया,
जिसे सीरियस एंगर इश्यू है… और बहन की शादी के लिए एक अच्छा लड़का खोजना है, दर्शकों ने नाना को इस हांस्य किरदार में खूब पसंद किया.

8)
“Control Uday, control.”
Movie: Welcome (2007)
विस्तार : इकतो कुंवारी बहन (कटरीना) का टेंशन, ऊपर से मजनू भाई (अनिल कपूर) जैसा बुद्दधु अड़ियल साथी, जो बनाता कम, काम बिगाड़ता ज़्यादा है.
फिर लड़के (अक्षय कुमार) का मामा, घुंघरू भाई (परेश रावल) जो किसी कीमत पर अपने भांजे और उदय भाई (नाना) की बहन का रिश्ता नहीं होने देना चाहता, क्यों की उसे गुंडा खानदान से सख्त नफरत है.
ऐसे में उदय भाई का BP बढ़ना तो लाज़मी है, फिर वो खुद को शांत करने के लिए बार बार कहते…”Control Uday, control”, दर्शकों ने नाना के इस डायलॉग को भी खूब प्यार दिया.
9)
“Hum sab system ka hissa hain. System decide karta hai, apun follow karta hai.”
Movie: Ab Tak Chhappan (2004)
विस्तार : नानाज़्यादातर Cop या Army Man के किरदार में ही जचते थे, उन्होंने अब तक छप्पन फिल्म में ऐसे अफसर का रोल निभाया, जो क्रिमिनल्स का एनकाउंटर कर देते थे.
वैसे तो यह बात अनैतिक है, लेकिन कईं बार सिस्टम ढीढ क्रिमिनल्स के आगे लाचार हो जाता है, फिर भुगतना मासूम लोगों को पड़ता है.
इस लिए ऐसे अफसर (टॉप ऑटोरिटी के इशारे पर) उनका सीधा सीधा हिसाब कर देते हैं, ना कोई ट्रायल ना अरैस्ट, सीधा “जन्नत की टिकट”. पब्लिक ने नाना को इस रोल में भी भरपूर सराहा.
10)
“Yeh Musalman ka khoon, yeh Hindu ka khoon… bata, ismein Musalman ka kaunsa, Hindu ka kaunsa, bata.”
Movie: Krantiveer (1994)
विस्तार : जनताको जात-पात, उंच्च नीच में फंसाओ, पड़ौसी देश के हमले का डर दिखाओ और vote कमाओ, मुफ्त में अनाज और सेवाएं दो और मेवा खाओ.
गरीब और गरीब बने, अमिर दोस्तों की मौज रहे, ये पोलिटिकल तकनीक बरसों पुरानी है, आवाम सब जानती है, फिर भी भावनाओं में बह जाती है.
फिर होते हैं जगड़े, धर्म-मजहब के नाम पर, ज़मीन और आरक्षण के नाम पर और अंत में… शिक्षा, रोज़गार और खुशहाली के महत्वपूर्ण सवाल दबा दिए जाते हैं.
ये हिन्दू का खून, ये मुस्लमान का खून, नाना का यह फील्मी डायलॉग भी लोगों को ऐसे ही आपसी जगड़े छोड़… एकता का पाठ पढ़ाने के लिए था.
***
Voice-over और Mimic आर्ट में नाना पाटेकर
नाना पाटेकर ने voice-over, narration, और dubbing आर्टिस्ट के तौरपर भी बहुत सारे प्रोजेक्ट्स में काम किया है जैसे की Gadar 2 (2023), Lokmanya: Ek YugPurush (2015), साउथ की फिल्म Yaksha (2011), और Kaala (2018).
कईं सारे कॉमेडियन और मिमिक आर्टिस्ट भी नाना की आवाज़ मिमिक कर के पॉपुलर हुए, Oggy and the Cockroaches कार्टून शो बहुत पॉपुलर हुआ था, उसमें संजय कैनी द्वारा नाना पाटेकर का Voice Mimic किया गया, यह शो Cartoon Network India पर टेलीकास्ट हुआ था और ऑडियंस ने इसे बहुत सराहा था.
नाना पाटेकर और तनुश्री दत्ता का विवाद
एक समय था जब भारत में ‘मीटू’ (MeToo) आंदोलन की लहर थी, लोग अपने ऊपर हुए अन्याय और शोषण की बात #metoo केइ जरिये लोगों के सामने रखते थे.
2008 में “हॉर्न ओके प्लीज” फिल्म के एक गाने की शूटिंग के समय नाना पाटेकर ने तनुश्री दत्ता को गलत तरीके से हाथ लगाया और अभद्र व्यवहार किया, ऐसा आरोप अभिनेत्री ने वर्ष 2018 में लगाया.
नाना ने इन सभी आरोपों को गलत करार दिया. कोई सबूत भी नहीं मिले, तो कानून ने भी एक्टर को बेकसूर माना.
निष्कर्ष : (Nana Patekar Life Story)
नाना पाटेकर हिन्दी सिनेमा ही नहीं मराठी और अन्य भाषाओं में भी बहुत काम कर चुके हैं, उनकी तीखी आवाज़ और दमदार एक्टिंग लोगों को बहुत पसंद आई,
इसी लिए, दृश्यता के लिहाज से साधारण से दिखने के बाद भी उन्हें खूब सफलता मिली. हीरो, विलेन और कॉमेडियन हर तरह के रोल निभा कर उन्होंने खुद को संपूर्ण अभिनेता साबित किया.
एक्टिंग करियर के अलावा वे सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते थे, किसानों के हक़ और निम्न स्तर के लोगों की मदद के लिए वे हमेशा तत्पर रहते थे, पैसों के मामले में भी उनका दिल बड़ा था, वे अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा जनता के लिए खर्च कर देते थे.
उन्होंने प्रहार फिल्म के लिए प्रॉपर मिलेट्री ट्रेनिंग ली थी, बॉलीवुड में उन्हें लीजेंड का स्थान प्राप्त है.
वे सेना में भी रहे हैं, वॉर फ्रंट पर जा चुके हैं, कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं देने के कारण उन्हें सेना द्वारा “मानद कैप्टन” की उपाधि दी गई थी.
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013 में उन्हें ‘पद्मश्री‘ से सम्मानित किया गया था. ह्रदयघात के कारण 2026 में नाना पाटेकर इस दुनियां से जा चुके हैं, फिर भी एक उमदा कलाकार और समाजसेवक के तौरपर उनके योगदान को भारतीय जनता सदैव याद रखेगी. “श्रद्धांजलि”
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बॉलीवुड में माफिया और लेफ्ट के खिलाफ खुल कर बोल सके ऐसा एक ही अभिनेता था, नानां पाटेकर, उनकी Films और Social Services पब्लिक हमेशा याद रखेगी. He Was a Legend