कैसे करें कंडोम का प्रयोग? How To Use Condom in Hindi? Pregnancy से बचना हो या Sexually Transmitted Disease (STD) से अपनी और अपने पार्टनर की रक्षा करनी हो तो कंडोम एक बेहद सस्ता और सरल उपाय है। बेबी प्लान करने के आलावा किसी भी समय यदि आप सेक्स कर रहे हैं तो बेहतर होगा कि कंडोम ज़रूर इस्तेमाल करें। Related: क्या pregnancy के दौरान sex करने में condom का प्रयोग ज़रूरी है ? तो आइये आज हम इस लेख के जरिये जानते हैं कि कंडोम का सही इस्तेमाल कैसे किया जाता है : Step 1 ) Condom खरीदें … [Read more...]
भारतीय रसायन के जनक डॉ. प्रफुल्ल चंद्र राय
देशभक्त, समाज सुधारक, रसायन शास्त्र के जनक डॉक्टर प्रफुल्ल चंद्र राय आधुनिक काल के प्रथम रसायन शास्त्री थे। आपने सदैव स्वदेशी वस्तुओ को महत्व ही नही दिया वरन् भारत को हर क्षेत्र में स्वनिर्मित वस्तुओं से धनी बनाने का अथक प्रयास भी किया। ऐसे वंदनीय वैज्ञानिक का जन्म भारत के पूर्वी बंगाल के खुलना जिले में रुरौली कतिपरा नामक ग्राम में 2 अगस्त, 1861 ई. को हुआ था। खरौली जिले का रुरौली गाँव पूरे विश्व में विख्यात रहा, यहाँ के राजाओं और जमिंदारों ने दिल्ली के सुल्तानों और उनके नवाबों की सत्ता … [Read more...]
क्या है सभ्य होने का अर्थ ?
सभ्यता क्या है , उसकी पहचान क्या है , इन बातोँ पर मैँ अक्सर सोचा करता था । लोँगोँ के मुख से जो सुनता था और नैतिक शिक्षा की किताबोँ मेँ जो बातेँ लिखी होती थीँ , मैँ उनसे न जाने क्योँ सहमत नही हो पाता था, दरअसल, मुझे स्कूल मेँ बताया गया कि सभ्यता के लिए इंसान को टिप-टाप दिखना चाहिए । उसके नाखून कटे होँ , कपङे बिल्कुल साफ सुथरे होँ । लेकिन मैँ इस पर इत्तेफाक नही कर पाया । कई बार खेलने के दौरान मेरी शर्ट गंदी हो जाती , तो टीचर कहते कि इतने गंदे कपङे पहने हो , सभ्यता बिल्कुल नही है । एक दिन मैँने … [Read more...]
डाँकू रत्नाकर और देवऋषि नारद | उपनिषद् की कहानियां
बहुत समय पहले की बात है किसी राज्य में एक बड़े ही खूंखार डाँकू का भय व्याप्त था। उस डाँकू का नाम रत्नाकर था। वह अपने साथियों के साथ जंगल से गुजर रहे राहगीरों को लूटता और विरोध करने पर उनकी हत्या भी कर देता। एक बार देवऋषि नारद भी उन्ही जंगलों से भगवान का जप करते हुए जा रहे थे। जब वे घने बीहड़ों में पहुंचे तभी उन्हें कुछ लोग विपरीत दिशा में भागते हुए दिखे। देवऋषि ने उनसे ऐसा करने का कारण पूछा तो सभी ने मार्ग में रत्नाकर के होने की बात बतायी। पर बावजूद इसके देवऋषि आगे बढ़ने लगे। "क्या आपको भय … [Read more...]
महान भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग का प्रेरणादायी जीवन
मै अभी और जीना चाहता हूँ। ये कथन किसी और के नहीं विश्व के महान वैज्ञानिकों में से एक स्टीफन हॉकिंग के हैं, जो उन्होंने अपने 70 वें जन्म दिन के दिन कहे थे, जिसे सुन के दुनिया एक पल के लिए अचंभित सी रह गयी। आइये आज हम इस प्रतिभावान वैज्ञानिक के प्रेरणादायक जीवन के बारे में जानते हैं । 8 जनवरी सन_ 1942 के दिन इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड शहर में फ्रेंक और इसाबेल हॉकिंग दंपत्ति के यहाँ स्टीफन विलियम हॉकिंग का जन्म हुआ, गौरतलब है कि विश्व के एक अन्य महान वैज्ञानिक गलीलियो गेलीली और स्टीफन … [Read more...]
कैसे कर सकते है हम औरों को Goals Achieve करने में मदद? 6 Ways
हम अक्सर अपने goals achieve करने की बात करते हैं , पर ओरों के goals का क्या ? दोस्तों , ये तो हम सब समझते हैं कि जितना हमारे goals हमारे लिये important हैं उतना ही औरों के गोल्स उनके लिए importance रखते हैं . तो क्यों ना आज हम इस बारे में बात करें कि हम ऐसा क्या -क्या कर सकते हैं जिससे हम अपने friends, husband/wife या भाई – बहन को उनके goals achieve करने में help कर सकें . Simplicity के लिए मैं ; friends, husband, wife ,भाई , बहन इन सभी को Goal-Seeker कह कर ही address करूँगा . तो आइये … [Read more...]
एलर्जी: कारण, लक्षण एवं उपचार
एलर्जी या अति संवेदनशीलता आज की लाइफ में बहुत तेजी से बढ़ती हुई सेहत की बड़ी परेशानी है कभी कभी एलर्जी गंभीर परेशानी का भी सबब बन जाती है जब हमारा शरीर किसी पदार्थ के प्रति अति संवेदनशीलता दर्शाता है तो इसे एलर्जी कहा जाता है और जिस पदार्थ के प्रति प्रतिकिर्या दर्शाई जाती है उसे एलर्जन कहा जाता है l एलर्जी के कारण – एलर्जी किसी भी पदार्थ से ,मौसम के बदलाव से या आनुवंशिकता जन्य हो सकती है एलर्जी के कारणों में धूल ,धुआं ,मिटटी पराग कण, पालतू या अन्य जानवरों के संपर्क … [Read more...]
चावल का एक दाना
शोभित एक मेधावी छात्र था। उसने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में पूरे जिले में टॉप किया था। पर इस सफलता के बावजूद उसके माता-पिता उसे खुश नहीं थे। कारण था पढाई को लेकर उसका घमंड ओर अपने बड़ों से तमीज से बात न करना। वह अक्सर ही लोगों से ऊंची आवाज़ मे बात किया करता और अकारण ही उनका मजाक उड़ा देता। खैर दिन बीतते गए और देखते-देखते शोभित स्नातक भी हो गया। स्नातक होने के बाद सोभित नौकरी की खोज में निकला| प्रतियोगी परीक्षा पास करने के बावजूद उसका इंटरव्यू में चयन नहीं हो पाता था| शोभित को लगा था कि … [Read more...]
गुरु रामकृष्ण परमहंस एवं शिष्य स्वामी विवेकानंद
उन्नीसवीं शताब्दी में अपना सारा जीवन दुःखी, कमजोर और असहाय लोगों की सेवा में अर्पित करने वाले स्वामी विवेकानंद सच्चे अर्थों में युगपुरूष थे। अपनी ओजस्वी वाणी से उन्होने अनेक लोगों को मानव सेवा के लिए जागरूक किया। स्वामी विवेकानंद आधुनिकता के इस दौर में आज भी लाखों युवाओं के आदर्श हैं। स्मरण शक्ति के धनि नरेन्द्रनाथ के मन में अकसर ये प्रश्न उठता था कि जब सभी धर्मों का सार मानवता को श्रेष्ठ मानता है तो विश्व में ये विषमता क्यों एवं क्या किसी ने ईश्वर को देखा है ? इस प्रकार के प्रश्न नरेन्द्रनाथ को … [Read more...]
सच्ची दोस्ती
वह शाम को ऑफिस से घर लौटा, तो पत्नी ने कहा कि आज तुम्हारे बचपन के दोस्त आए थे, उन्हें दस हजार रुपए की तुरंत आवश्यकता थी, मैंने तुम्हारी आलमारी से रुपए निकालकर उन्हें दे दिए। कहीं लिखना हो, तो लिख लेना। इस बात को सुनकर उसका चेहरा हतप्रभ हो गया, आंखें गीली हो गईं, वह अनमना-सा हो गया। पत्नी ने देखा-अरे! क्या बात हो गई। मैंने कुछ गलत कर दिया क्या? उनके सामने तुमसे फोन पर पूछने पर उन्हें अच्छा नहीं लगता। तुम सोचोगे कि इतना सारा धन मैंने तुमसे पूछे बिना कैसे दे दिया। पर मैं तो यही जानती थी कि … [Read more...]
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