जीवन की कोई निश्चित परिभाषा नहीं है। कायरों ने इसे परेशानियों से भरा महासागर करार दिया है तो वीरों ने इसे अवसरों का खजाना कहा है, संतों ने इसे मोक्ष का मार्ग कहा है तो सांसारिकों ने इसे भोग का अवसर बताया है, विद्वानों को यह अनुभव की खान मालूम हुयी है तो मूर्खों को मनमानी का स्थान लगा है। पर इनमें से कोई भी जीवन की निश्चित परिभाषा नहीं कही जा सकती है। हर परिस्थिति हर स्थान पर इसकी अलग परिभाषा व्यक्त हुयी है। लेकिन मेरी दृष्टि से देखा जाए तो जीवन उस महान अवसर का नाम है जो एक इंसान को सिर्फ एक बार … [Read more...]
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं
जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय … [Read more...]
Beauty Quotes in Hindi
सौंदर्य उद्धरण Quote 1: Sometimes people are beautiful. Not in looks. Not in what they say. Just in what they are. In Hindi: कभी-कभार लोग सुन्दर होते हैं।दिखने में नहीं। इसमें नहीं कि वे क्या कहते हैं। बस इसमें जोकि वे हैं। मार्कस ज़ुकस Markus Zusak Quote 2: All little girls should be told they are pretty, even if they aren't.” In Hindi: सभी छोटी लड़कियों को ये कहा जाना चाहिए कि वे सुन्दर हैं , भले ही वो ना हों। Marilyn Monroe मर्लिन मुनरो Quote 3: Think of all the beauty still left … [Read more...]
ओजपूर्ण कविता के धनी माखनलाल चर्तुवेदी : १५ अगस्त पर विशेष
आजादी के संघर्ष में भारत माता के अनेक देशभक्तों ने मातृभूमि को स्वतंत्र कराने हेतु अपने-अपने तरीके से प्रयास किया। क्रान्तिकारी वीरों ही नही, अपितु कलम को हथियार मानने वाले अनेक साहित्यकारों ने भी जन-जागरण में जोश भरने के लिए कई वीर रस की कविताओं का सृजन किया। आजादी के आन्दोलन में अनेक कवियों के काव्य में देशभक्ति का जज़बा स्पष्ट दिखाई दे रहा था। एक ओर बमकिम चन्द्र का वन्दे मातरम् और इकाबाल का सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तान हमार, जन-जन की वाणीं बनकर आजादी का आगाज कर रहा था। तो दूसरी तरफ जय शंकर … [Read more...]
स्वामी विवेकानंद के जीवन के तीन प्रेरक प्रसंग
प्रेरक प्रसंग : पुत्र के लिए प्रार्थना प्रत्येक माता के मन में यह भाव स्वाभाविक होता है कि उसकी संतान कुल की कीर्ति को उज्जवल करे. प्रथम दो संताने शिशुवय में ही मर गयी थीं, इसीलिए माता भुवनेश्वरी देवी प्रतिदिन शिवजी को प्रार्थना करती कि ‘हे शिव ! मुझे तुम्हारे जैसा पुत्र दो.’ काशी में निवास कर रहे एक परिचित व्यक्ति को कह कर उन्हों ने एक वर्ष तक वीरेश्वर शिवजी की पूजा भी करवाई थी. माता भुवनेश्वरी का मन-चित्त भगवान शंकर को सतत याद करके प्रार्थना किया करता. एक रात्रि को स्वप्नमें उन्हें महादेव … [Read more...]
हिंदी ब्लॉगर्स के लिए गूगल के साथ काम करने का अवसर
प्रिय मित्रों, जैसा कि मैंने अपनी पिछली पोस्ट में बताया था , इंटरनेट पर हिंदी कंटेंट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गूगल ने एक ग्रुप बनाया है ,जिसमे देश के अग्रणी हिंदी ब्लॉगर्स शामिल हैं। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए गूगल ने इस ग्रुप में और भी नए ब्लॉगर्स को आमंत्रित करने का निश्चय किया है, और इसी सन्दर्भ में मुझे मुकुट जी, जो कि गूगल में काम करते हैं , के द्वारा भेजी एक ईमेल प्राप्त हुई है। मैं उस ईमेल को इस पोस्ट में आपके साथ शेयर कर रहा हूँ। कृपया इसे पढ़ें और यदि आप भी इंटरनेट पर हिंदी की मौजूदगी … [Read more...]
रक्षाबंधन | क्यों और कैसे मनाते हैं भाई-बहनों का यह पावन पर्व
रक्षाबंधन सामाजिक, पौराणिक, धार्मिक तथा ऐतिहासिक भावना के धागे से बना एक ऐसा पवित्र बंधन जिसे जनमानस में रक्षाबंधन के नाम से सावन मास की पूर्णिमा को भारत में ही नही वरन् नेपाल तथा मॉरिशस में भी बहुत उल्लास एवं धूम-धाम से मनाया जाता है। रक्षाबंधन अर्थात रक्षा की कामना लिए ऐसा बंधन जो पुरातन काल से इस सृष्टी पर विद्यमान है। इन्द्राणी का इन्द्र के लिए रक्षा कवच रूपी धागा या रानी कर्मवति द्वारा रक्षा का अधिकार लिए पवित्र बंधन का हुमायु को भेजा पैगाम और सम्पूर्ण भारत में बहन को रक्षा का वचन देता … [Read more...]
इंटरनेट पर हिंदी : समस्याऐंं , समाधान , और भविष्य
Dear Friends, आज जबकि करोड़ों भारतीय इंटरनेट का use कर रहे हैं पर फिर भी नेट पर Hindi content की मौजूदगी बेहद कम है। मेरी समझ से इसके तीन प्रमुख कारण हैं : पहला, हिंदी टाइपिंग का कठिन होना। दूसरा , हिंदी कंटेंट से पैसा कमाने के बहुत कम जरिये होना। तीसरा, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (Search Engine Optimization (SEO) )की तरफ हिंदी ब्लॉगर्स का ध्यान ना देना। पहली वजह पे बात करते हैं। चूँकि , भारत में अंग्रेजी जानने वालों की कमी नहीं है , इसलिए कभी इस बात की बाध्यता महसूस नहीं हुई की … [Read more...]
बुद्धि का बल
विश्व के महानतम दार्शनिकों में से एक सुकरात एक बार अपने शिष्यों के साथ बैठे कुछ चर्चा कर रहे थे। तभी वहां अजीबो-गरीब वस्त्र पहने एक ज्योतिषी आ पहुंचा। वह सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हुए बोला ," मैं ज्ञानी हूँ ,मैं किसी का चेहरा देखकर उसका चरित्र बता सकता हूँ। बताओ तुममें से कौन मेरी इस विद्या को परखना चाहेगा?" शिष्य सुकरात की तरफ देखने लगे। सुकरात ने उस ज्योतिषी से अपने बारे में बताने के लिए कहा। अब वह ज्योतिषी उन्हें ध्यान से देखने लगा। सुकरात बहुत बड़े ज्ञानी तो थे लेकिन … [Read more...]
सवा सेर गेहुँ – मुंशी प्रेमचंद जयंती पर विशेष
प्रेमचंद हिंदी के प्रसिद्ध और महान कहानीकार हैं। आपका जन्म 31 जुलाई 1880 को बनारस के पास लमही नामक गॉव में हुआ था। आपने अपनी कहानियों के माध्यम से उस समय की सामाजिक अव्यवस्था का चरित्र-चित्रण बहुत यर्थात तरीके से किया है। प्रेमचंद जी ने शोषित-वंचित किसान की दयनीय स्थिति को अपनी कहानी सवा सेर गेहुँ में व्यक्त किया है। सवा सेर गेहुँ शंकर नामक एक ऐसे सीधे-सादे और भोले-भाले किसान की कहानी है जिसे धोखे से ऋण के जाल में फंसा दिया जाता है। शंकर एक भोला-भाला किसान है। वह किसी तरह अपना जीवन यापन … [Read more...]
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