कबीर दास जी के दोहे / Kabir Ke Dohe संत कबीर दास के दोहे गागर में सागर के समान हैं। उनका गूढ़ अर्थ समझ कर यदि कोई उन्हें अपने जीवन में उतारता है तो उसे निश्चय ही मन की शांति के साथ-साथ ईश्वर की प्राप्ति होगी। Related: संत कबीर दास जीवनी Name Kabir Das / कबीर दास Born ठीक से ज्ञात नहीं (1398 या 1440) लहरतारा , निकट वाराणसी Died ठीक से ज्ञात नहीं (1448 या 1518) मगहर Occupation कवि, भक्त, सूत कातकर कपड़ा बनाना Nationality भारतीय कबीर दास जी के … [Read more...]
रहीम दास जी के प्रसिद्द दोहे हिंदी अर्थ सहित | Rahim Das Ke Dohe
रहीम दास के दोहे Rahim Das Ke Dohe With Meaning in Hindi --1-- बिगरी बात बने नहीं, लाख करो किन कोय. रहिमन फाटे दूध को, मथे न माखन होय. अर्थ: मनुष्य को सोचसमझ कर व्यवहार करना चाहिए,क्योंकि किसी कारणवश यदि बात बिगड़ जाती है तो फिर उसे बनाना कठिन होता है, जैसे यदि एकबार दूध फट गया तो लाख कोशिश करने पर भी उसे मथ कर मक्खन नहीं निकाला जा सकेगा. --2-- रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय. टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परी जाय. अर्थ: रहीम कहते हैं कि प्रेम का नाता नाज़ुक होता है. इसे झटका … [Read more...]
कैसे handle करें examination stress को ? 8 Ways.
Exam के दिनों में students का tense होना स्वाभाविक है. मेरी समझ से Tense होना हमेशा बुरा नही होता , यदि tension आपको कुछ अच्छा करने के लिए push करे तो वो ठीक है. अगर अपने school days को याद करूँ और उसमे से exams और class tests को हटा दूँ तो शायद जितनी पढाई की उसकी 25% ही की होती. Exams हमें पढने के लिए force करते हैं , और पढने से हमें knowledge मिलती है , knowledge हमें confidence देता है , जो किसी भी काम को करने के लिए जरूरी है...तो in a … [Read more...]
तीन प्रसिद्द ज़ेन कथाएँ
ज़ेन बौद्ध धर्म के एक रूप है जो मनुष्य की जागृति पर जोर देता है. इसे जीवन का सही अर्थ खोजने की कोशिश की एक विधि के रूप में प्रयोग किया जाता है. जेन अपने अनुयायियों को सिखाता है कि वे अपनी उम्मीदों, विचारों और यहाँ तक की अपने विश्वास की परतों को भी हटाएं ताकि सच को जान सकें. और आज मैं आपके साथ ऐसी ही कुछ रोचक ज़ेन कथाएँ share कर रहा हूँ जो सत्य को जानने -समझने में आपकी मदद करेंगी . Zen Story in Hindi #1 - चोरी की सजा जब ज़ेन मास्टर बनकेइ ने ध्यान करना सिखाने का कैंप … [Read more...]
धैर्य से पाएं सफलता
तुषाराणां प्राप्तोपि प्रयत्नों धर्म आत्मनः । महिमा च प्रतिष्ठां च प्रोक्तोsयारः श्रमस्यहि ।। गायत्री का पाँचवाँ अक्षर ‘तु’ आपत्तियों और कठिनाईयों में धैर्य रखने की शिक्षा देता है— अर्थात- “आपत्तिग्रस्त होने पर भी सत्यता से प्रयत्न करना आत्मा का धर्म है। प्रयत्न की महिमा को जो जान जाते हैं, वही प्रतिष्ठा के हकदार होते हैं और कामयाबी का आन्नद लेते हैं।“ मित्रों, जीवन की आवश्यक वस्तुएं जब प्राप्त नही होती तब हम अधीर हो जाते हैं या कई बार किसी के चले जाने से हम विचलित हो जाते हैं। जिससे वर्तमान … [Read more...]
प्रथम अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन के 37 प्रसिद्द कथन George Washington Quotes in Hindi
George Washington Quotes in Hindi जॉर्ज वॉशिंगटन के अनमोल विचार अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति वाशिंगटन के दिल छू लेने वाले प्रेरक विचारों का संग्रह. Name George Washington / जार्ज वाशिंगटन Born February 22, 1732Westmoreland, Virginia, British America Died December 14, 1799 (aged 67)Mount Vernon, Virginia, U.S. Nationality American Profession Planter,Military Officer, Surveyor Achievement First President of the United States . Served as the … [Read more...]
मंदबुद्धि
विद्यालय में सब उसे मंदबुद्धि कहते थे । उसके गुरुजन भी उससे नाराज रहते थे क्योंकि वह पढने में बहुत कमजोर था और उसकी बुद्धि का स्तर औसत से भी कम था। कक्षा में उसका प्रदर्शन हमेशा ही खराब रहता था । और बच्चे उसका मजाक उड़ाने से कभी नहीं चूकते थे । पढने जाना तो मानो एक सजा के समान हो गया था , वह जैसे ही कक्षा में घुसता और बच्चे उस पर हंसने लगते , कोई उसे महामूर्ख तो कोई उसे बैलों का राजा कहता , यहाँ तक की कुछ अध्यापक भी उसका मजाक उड़ाने से बाज नहीं आते । इन सबसे परेशान होकर उसने स्कूल जाना ही … [Read more...]
भारत की शान छत्रपति शिवाजी महाराज की जीवनी Chhatrapati Shivaji Biography in Hindi
Chhatrapati Shivaji Biography in Hindi छत्रपति शिवाजी की जीवनी व इतिहास दृणनिश्चयी, महान देशभक्त, धर्मात्मा, राष्ट्र निर्माता तथा कुशल प्रशासक शिवाजी का व्यक्तित्व बहुमुखी था। माँ जीजाबाई के प्रति उनकी श्रद्धा ओर आज्ञाकारिता उन्हे एक आदर्श सुपुत्र सिद्ध करती है। शिवाजी का व्यक्तित्व इतना आकर्षक था कि उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उनसे प्रभावित हो जाता था। साहस, शौर्य तथा तीव्र बुद्धी के धनि शिवाजी का जन्म 19 फरवरी, 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। शिवाजी की जन्मतीथि के विषय में सभी विद्वान एक … [Read more...]
छत्रपति शिवाजी के जीवन के तीन प्रेरणादायक प्रसंग
19th Feb को शिवाजी जयंती है इस शुभ अवसर पर मैं आपके साथ उनके जीवन के तीन प्रेरणादायक प्रसंग साझा कर रहा हूँ. आइये हम भारत वर्ष के इस वीर सपूत को नमन करें और उनके जीवन से शिक्षा ले भारत माता की सेवा में अग्रसर हों. Shivaji Life Incidents in Hindi प्रसंग १: शिवाजी के समक्ष एक बार उनके सैनिक किसी गाँव के मुखिया को पकड़ कर ले लाये . मुखिया बड़ी-घनी मूछों वाला बड़ा ही रसूखदार व्यक्ति था, पर आज उसपर एक विधवा की इज्जत लूटने का आरोप साबित हो चुका था. उस समय शिवाजी मात्र १४ वर्ष के थे, पर … [Read more...]
काम कराना है तो – Follow Up
शायद आपने Aristotle का ये कथन सुना होगा , “ मनुष्य एक सामजिक प्राणी है .” ,” Man is a social animal”, सच ही तो है ..हम सभी किसी न किसी समाज का हिस्सा हैं , और अपनी life normally जीने के लिए इस समाज के अन्य लोगों पर depend करते हैं . और ये dependency हर stage पे होती है , चाहे हम 5 साल के हों या पच्चीस साल के ..हमें अपना काम करने के लिए दूसरों की मदद की ज़रुरत पड़ती ही पड़ती है . हम कोई भी हेल्प directly लेते हैं या indirectly. For … [Read more...]
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