Lal Bahadur Shashtri Biography in Hindi लाल बहादुर शास्त्री की जीवनी साधनो का अभाव प्रगति में बाधक नही होता, ये प्रेरणा बचपन से लिये परिस्थिती से जूझते हुए एक बालक अपनी विधवा माँ का हर संभव सहारा बनने का प्रयास कर रहा था। उसी दौरान भारत माता को गुलामी से आजाद कराने के लिये असहयोग आन्दोलन का शंखनाद हुआ। ये वाक्या 1921 का है, जब अनेक लोग भारत माता को स्वतंत्र कराने के लिये अपना सर्वस्व बलिदान करने को आतुर थे। देशभक्ति की इस लहर में 16 वर्षिय लाल बहादुर शास्त्री जी का मन भी आन्दोलन में … [Read more...]
महात्मा गांधी का सत्याग्रह
भारत माता को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने के लिए कई आन्दोलन हुए। जिसमें सत्याग्रह आन्दोलन का अपना एक विशेष महत्व है। "सत्याग्रह' का मूल अर्थ है 'सत्य' के प्रति 'आग्रह', ये दोनो ही शब्द संस्कृत भाषा के शब्द हैं। सत्याग्रह का मूल लक्षण है, अन्याय का सर्वथा विरोध करते हुए अन्यायी के प्रति वैरभाव न रखना। गांधी जी ने दक्षिण अफ़्रीका के ट्रांसवाल में औपनिवेशिक सरकार द्वारा एशियाई लोगों के साथ भेदभाव के क़ानून को पारित किये जाने के ख़िलाफ़ 1906 में पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग किया था। … [Read more...]
महान वनस्पति वैज्ञानिक डॉ. बीरबल साहनी
संसार को रोचक जानकारियों से मुग्ध करने वाले पुरा वनस्पती शास्त्र वैज्ञानिक बीरबल साहनी का जन्म 14 नवम्बर 1891 में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रो. रुचीराम साहनी था। उनका जन्म शाहपुर जिले के भेङा नामक गॉव में हुआ था। भेढा, दरअसल नमक की चट्टानों से एवं पहाङियों से घिरा हुआ भूगर्भ विज्ञान का अजायब घर जैसा दिखने वाला गॉव था। बालक बीरबल का लालन पालन इस सुंदर रमणीय वातावरण में हुआ। उन्हे बचपन से ही जीवाष्म आदि देखने को मिले। पिता रुचीराम साहनी ने भी घर में बौद्धिक और वैज्ञानिक वातावरण बना रखा … [Read more...]
ओजपूर्ण कविता के धनी माखनलाल चर्तुवेदी : १५ अगस्त पर विशेष
आजादी के संघर्ष में भारत माता के अनेक देशभक्तों ने मातृभूमि को स्वतंत्र कराने हेतु अपने-अपने तरीके से प्रयास किया। क्रान्तिकारी वीरों ही नही, अपितु कलम को हथियार मानने वाले अनेक साहित्यकारों ने भी जन-जागरण में जोश भरने के लिए कई वीर रस की कविताओं का सृजन किया। आजादी के आन्दोलन में अनेक कवियों के काव्य में देशभक्ति का जज़बा स्पष्ट दिखाई दे रहा था। एक ओर बमकिम चन्द्र का वन्दे मातरम् और इकाबाल का सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तान हमार, जन-जन की वाणीं बनकर आजादी का आगाज कर रहा था। तो दूसरी तरफ जय शंकर … [Read more...]
रक्षाबंधन | क्यों और कैसे मनाते हैं भाई-बहनों का यह पावन पर्व
रक्षाबंधन सामाजिक, पौराणिक, धार्मिक तथा ऐतिहासिक भावना के धागे से बना एक ऐसा पवित्र बंधन जिसे जनमानस में रक्षाबंधन के नाम से सावन मास की पूर्णिमा को भारत में ही नही वरन् नेपाल तथा मॉरिशस में भी बहुत उल्लास एवं धूम-धाम से मनाया जाता है। रक्षाबंधन अर्थात रक्षा की कामना लिए ऐसा बंधन जो पुरातन काल से इस सृष्टी पर विद्यमान है। इन्द्राणी का इन्द्र के लिए रक्षा कवच रूपी धागा या रानी कर्मवति द्वारा रक्षा का अधिकार लिए पवित्र बंधन का हुमायु को भेजा पैगाम और सम्पूर्ण भारत में बहन को रक्षा का वचन देता … [Read more...]
भारतीय रसायन के जनक डॉ. प्रफुल्ल चंद्र राय
देशभक्त, समाज सुधारक, रसायन शास्त्र के जनक डॉक्टर प्रफुल्ल चंद्र राय आधुनिक काल के प्रथम रसायन शास्त्री थे। आपने सदैव स्वदेशी वस्तुओ को महत्व ही नही दिया वरन् भारत को हर क्षेत्र में स्वनिर्मित वस्तुओं से धनी बनाने का अथक प्रयास भी किया। ऐसे वंदनीय वैज्ञानिक का जन्म भारत के पूर्वी बंगाल के खुलना जिले में रुरौली कतिपरा नामक ग्राम में 2 अगस्त, 1861 ई. को हुआ था। खरौली जिले का रुरौली गाँव पूरे विश्व में विख्यात रहा, यहाँ के राजाओं और जमिंदारों ने दिल्ली के सुल्तानों और उनके नवाबों की सत्ता … [Read more...]
महान भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग का प्रेरणादायी जीवन
मै अभी और जीना चाहता हूँ। ये कथन किसी और के नहीं विश्व के महान वैज्ञानिकों में से एक स्टीफन हॉकिंग के हैं, जो उन्होंने अपने 70 वें जन्म दिन के दिन कहे थे, जिसे सुन के दुनिया एक पल के लिए अचंभित सी रह गयी। आइये आज हम इस प्रतिभावान वैज्ञानिक के प्रेरणादायक जीवन के बारे में जानते हैं । 8 जनवरी सन_ 1942 के दिन इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड शहर में फ्रेंक और इसाबेल हॉकिंग दंपत्ति के यहाँ स्टीफन विलियम हॉकिंग का जन्म हुआ, गौरतलब है कि विश्व के एक अन्य महान वैज्ञानिक गलीलियो गेलीली और स्टीफन … [Read more...]
गुरु रामकृष्ण परमहंस एवं शिष्य स्वामी विवेकानंद
उन्नीसवीं शताब्दी में अपना सारा जीवन दुःखी, कमजोर और असहाय लोगों की सेवा में अर्पित करने वाले स्वामी विवेकानंद सच्चे अर्थों में युगपुरूष थे। अपनी ओजस्वी वाणी से उन्होने अनेक लोगों को मानव सेवा के लिए जागरूक किया। स्वामी विवेकानंद आधुनिकता के इस दौर में आज भी लाखों युवाओं के आदर्श हैं। स्मरण शक्ति के धनि नरेन्द्रनाथ के मन में अकसर ये प्रश्न उठता था कि जब सभी धर्मों का सार मानवता को श्रेष्ठ मानता है तो विश्व में ये विषमता क्यों एवं क्या किसी ने ईश्वर को देखा है ? इस प्रकार के प्रश्न नरेन्द्रनाथ को … [Read more...]
अँधेरे में रौशनी की किरण – हेलेन केलर
कहते हैं जब सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं तो भगवान एक खिड़की खोल देता है , लेकिन अक्सर हम बंद हुए दरवाजे की ओर इतनी देर तक देखते रह जाते हैं कि खुली हुई खिड़की की ओर हमारी दृष्टी भी नही जाती। ऐसी परिस्थिति में जो अपनी दृण इच्छाशक्ति से असंभव को संभव बना देते हैं, वो अमर हो जाते हैं।दृण संकल्प वह महान शक्ति है जो मानव की आंतरिक शक्तियों को विकसित कर प्रगति पथ पर सफलता की इबारत लिखती है। मनुष्य के मजबूत इरादे दृष्टीदोष, मूक तथा बधिरता को भी परास्त कर देते हैं। अनगिनत लोगों की प्रेरणा स्रोत, नारी जाति … [Read more...]
मॉडर्न कारों के जनक हैनरी फोर्ड का प्रेरणादायी जीवन
रास्ते की दूरियों को पलक झपकते दूर करती चमचमाती मोटरगाङियाँ, आज स्टेटस सिम्बल ही नही हैं बल्कि तेज रफ्तार जिंदगी की आवश्यकता है। भागती-दौङती जिंदगी को कारों के माध्यम हैनरी फोर्ड ने कुछ आसान बना दिया। कार को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने का श्रेय हैनरी फोर्ड को ही जाता है। इस युग को नया औद्योगिक आयाम देने वाले हैनरी फोर्ड का जन्म अमेरीका के मिशिगन राज्य में डियर बोर्ध नामक स्थान पर 30 जुलाई, 1863 को हुआ था। हेनरी को आर्थिक उत्थान के आवश्यक सभी गुंण, अपनी माता मेरीलिटोगोट से विरासत में मिले थे। … [Read more...]
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