असफलता से सफलता की 10 कहानियां | Top 10 Failure to Success Stories

जीवन बहती धारा समान है. आज जो परेशानियां है, कल वो सफलता की कहानी का एक किस्सा बन कर रह जाएगी. किसी ने सच कहा है, मान लो तो हार है, ठान लो तो जीत है. (Top 10 Failure to Success Stories)
लाइफ में हम इन्सान भौतिक चीजों के पीछे दौड़ लगाते हैं. अच्छा खाना, महंगे कपड़े, बड़ा मकान, जेवर-गहने और मोटर-कार.
लेकिन, एक कड़वा सत्य यह है कि, कफ़न में जेब नहीं होती, ना ही शरीर अग्नि में भस्म होने के बाद, साथ कुछ ले जाता है.
लेकिन, जब तक जीवन है, कर्म करते रहना पड़ता है. समाज में स्थान बनाए रखने के लिए परिश्रम करना और कार्यरत रहना अनिवार्य है.
आज हम ऐसे लोगों की बात करेंगे जिन्होंने घोर निराशा देखी, उसके बाद अपने क्षेत्र का सितारा बन कर चमके.
हर एक इन्सान की अपनी खूबी होती है, सब मेहनत भी करना चाहते हैं, लेकिन 10 में से 9 लोग Failure या Looser बन कर इस लिए रह जाते हैं क्यूँ की Give Up कर देते हैं. यां कहें हार मान लेते हैं.
तो पेश है, ऐसे बहादुर Celebrites / Business Person & Public Figure की सूचि जिन्होंने हार का स्वाद चखने के बाद संघर्ष किया, और सफल हो गए.
List of Faliore to Success Icons
1. सौरव गांगुली (Cricketer)
2. ए पी जे अब्दुल कलाम (Scientist)
3. नरेन्द्र मोदी (Polititon)
4. जैक मा (Businessman)
5. जॉनी डेप (Actor)
6. कोलोनल हॉलेंड सैंडर्स (KFC)
7. शिवराज राव गायकवाड़ (Actor)
8. एलन मस्क (Businessman)
9. धीरूभाई अंबानी (Businessman)
10. स्टीव जॉब्स (Businessman)
1. सौरव चंडीदास गांगुली उर्फ़ “दादा” (Cricketer)

इन्हें Fans प्यार से प्रिंस ऑफ़ कोलकाता भी बुलाते हैं. 8 July 1972 को जन्मे यह भारतीय पूर्व क्रिकेटर 1992 में टीम इंडिया में सिलेक्ट होते हैं, फिर 4-5 साल के लिए ड्रॉप हो जाते हैं, फिर 1996 में डोमेस्टिक क्रिकेट में Team India में वापसी होती है.
90-2000 का Era जहाँ, BCCI का कद इतना बड़ा नहीं था जो आज है, इसी लिए टीम इंडिया पर गैर जरूरी फाइंड, प्लेयर्स को गलत आउट देना ये सब आम बात थी.
लेकिन सौरव गांगुली सिस्टम को सीधी चुनौती देते थे.
इंग्लैंड के प्लेयर एंड्रयू फ्लिंटॉफ की बर्तमीज़ी पर जवाब में लॉर्ड्स की बाल्कनी से अपनी टीशर्ट वेव करना, ग्रेग चैपल को मुहतोड़ जवाब देना, किसी भी अम्पायर की आँख में आँखें डाल कर गलत का विरोध करना, इन सब के कारण वे सुर्ख़ियों में रहे.
इसके अलावा आशीष नेहरा, हरभजन सिंह, यूवराज सिंह, महेन्द्र सिंह धोनी जैसे तब के युवा प्लेयर्स को बैक करने या बनाने का श्रेय गांगुली को जाता है.
कमजोर फील्डिंग, अग्रेसिव नेचर और लेट लतीफी के लिए इन्हें कई बार आलोचना का सामना करना पड़ा. 113 टेस्ट, 311 वन डे और 254 फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले इस दिग्गज क्रिकेटर ने बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन और BCCI के लिए भी सेवाएं दी है.
2. ए पी जे अब्दुल कलाम (Scientist)

15, October, 1931 को जन्मे ए पी जे अब्दुल कलाम
भारत के एरो स्पेस साइन्टिस्ट और लेखक थे. इन्हें भारत के Missile Man की उपाधि दी गई थी.
बेहद गरीबी में पले बड़े हुए कलाम असफलता को अंत नहीं, सफलता की पहली सीढ़ी मानते थे. SLV-3 मिसायल लॉन्च की शुरूआती असफलता ने इन्हें और सटीक परिक्षण के लिए प्रेरित किया. कलाम को बच्चों से बेहद लगाव था लेकिन इन्होंने विवाह नहीं किया था.
वर्ष 2002 से 2007 तक भारत के प्रेसिडेंट पद पर बहाल रहे, इस महानुभाव को राष्ट्रसेवा से अनन्य प्रेम था, देश हित में काम करने का जुनून ऐसा की, दिन में 16 से 18 घंटे कार्तरात रहते थे.
कलाम, बेहतरीन विचारक और लेखक भी थे, इन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण और भारत रत्न अवार्ड प्राप्त हुए थे.
भारत सरकार ले लिए प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाईजर के तौरपर सेवाएं देने के अलावा वे DRDO के प्रेसीडेंट भी रहे.
वर्ष1998 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन शक्ति’ को अंजाम दिया गया, जहाँ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने 1998 के उन परीक्षणों का नेतृत्व किया। कलाम और उनके जैसे कर्मठ वैज्ञानिकों की बदौलत आज इंडिया परमाणु शक्ति बन चूका है और चहुओर से सुरक्षित है.
3. नरेन्द्र दामोदरदास मोदी (Polititon)

BJP के Fire Brand नेता Narendra Modi लगातार 3 बार भारत के प्रधानमंत्री बने हैं. वे विश्व के एक पॉपुलर राजनेता मानेजाते है.
संघर्ष के दिनों में उन्होंने चाय बची, कभी आध्यात्म की राह पर चलते हुए भिक्षा ग्रहण कर के भी दिन बिताए, मोदी एक ऐसी हस्ती है जिसने निजी स्वार्थ और गृहस्थ जीवन से ज्यादा देश को प्राथमिकता दी.
गुजरात की राजनीती में उन पर कई आरोप भी लगे लेकिन सब खोखले साबित हुए, फिर BJP ने इन्हें पार्टी का पोस्टर बॉय बनाया और मोदी ने मैदान मार लिया. जिस क्षेत्र में BJP के लिए नरेन्द्र मोदी रैली और भाषण कर दे, वहां के प्रत्याशी की, जीत की गारंटी सी बन जाती है.
लगातार हार से बौखलाए विपक्ष के कई उद्दंड राजनेता, मोदी को चौकीदार चौर, वोटचोर, उद्योगपतियों का दोस्त, सरकारी कंपनियों का निजीकरण करने वाला, महंगाई और कर्ज बढ़ा देने वाला और ना जाने क्या क्या कहते रहते हैं, लेकिन जवाब देते समय, नरेन्द्र मोदी हमेशा अपनी गरिमा बनाए रखते हैं.
देश के इतने बड़े पद पर रहने के बाद भी आज योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी जैसे नेताओं की संपत्ति देखें तो हैरत होती है…
जहाँ चौराहे पर चालान काटने वाले और मामूली सरकारी बाबू लाखो करोड़ो की अवैध संपत्ति बना लेते हैं, इनके पास काले धन के नाम पर कुछ नहीं.
मोदी सरकार की मजबूत विदेशनीति और तगड़े Tax System के दम पर India डेवलप हो रहा है और भी ग्रोथ कर रहा है.
4. जैक मा (Chinese Businessman)

महशूर चीनी उद्यमी जैक मा का जन्म 10 सितम्बर 1964 के दिन चाइना देश के हांगझोउ शहर में हुआ था। अपने बचपन से ही वे बेहद औसत विद्यार्थी रहे थे.
पढाई के दिनों में इन्हें सही अंग्रेजी नहीं आती थी, इस लिए विदेशी पर्यटकों से वार्तालाप करते रहते थे, साथ ही अन्य सब्जेक्ट्स में भी इन्हें कई असफलताएं मिली.
वेटर और डिलीवरी बॉय जैसी मामूली नौकरियों के लिए भी इन्हें रिजेक्ट किया गया. लेकिन इन्होंने हार नहीं मानी, धीरे धीरे आत्मविश्वास बढ़ने लगा.
उन्होंने 1995 में पहली बार इंटरनेट देखा और उसमें अपार संभावनाएँ पहचानी। वहां भी ठोकरें मिली, लेकिन 1999 में उन्होंने अपने मित्र के साथ अलीबाबा की शुरआत की.
यह रिटेलर्स के लिए Online Shopping प्लेटफॉर्म था. उस समय वो खरीददारी का नया तरीका था, लेकिन धीरे धीरे लोग जुड़ते गए, कारवां बनता गया.
गौरतलब है कि आज अलीबाबा वर्ल्ड की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक बनी हुई है और जैक मा चीन के सबसे प्रभावशाली उद्यमियों में से एक गिने जाते हैं।
उनकी कहानी हमें सिखाती है कि असफलताएँ स्थायी नहीं होतीं, संकल्प और परिश्रम से सफलता मिल सकती है.
5. जॉनी डेप (Hollywood Actor)

जैक स्पेरौ किरदार से धूम मचाने वाले जॉनी डेप का जन्म 9 जून 1963 को अमेरिका के केंटकी राज्य में हुआ था.
पेरेंट्स के तलाक के बाद उनका बचपन कठिनाइयों से भरा था गुज़रा, आर्थिक तंगी से त्रस्त युवा जॉनी गलत संगत में भी पड़े, जेल की हवा भी खाई. करियर की शुरुआत में म्यूजिक में हाथ आजमाया लेकिन कुछ उबल नहीं पाया.
छोटे-मोटे रोल करने के बाद वर्ष 1984 की फिल्म A Nightmare on Elm Street से उनका डेब्यू हुआ. फिल्म ठीकठाक रही, लेकिन नाम अभी नहीं बन पाया था.
लेकिन Pirates of the Caribbean मूवीज़ से उनके सितारे पलट गए, इस प्रोजेक्ट का हर एक भाग हिट हुआ, बच्चों से ले कर बूढ़ों तक सब को यह कहानियां भा गई.
जॉनी डेप के लाइफ में रिलेशन तो बहुत रहे, लेकिन एम्बर हर्ड (अभिनेत्री) से तलाक और घरेलु हिंसा के जुठे आरोपों ने उन्हें खूब सताया, अंत में इनकी जीत हुई और कोर्ट में निर्दोष साबित हुए.
जॉनी डेप की लाइफ जर्नी सिखाती है की दिन बदलते हैं, धैर्य जरुरी है, सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं.
6. कोलोनल हॉलेंड सैंडर्स (KFC फाउंडर)

Colonel Harland David Sanders का जन्म 9 सितंबर 1890 के दिन हेनरीविले, इंडियाना (अमेरिका) में हुआ था।
बचपन में पिता के अवसान के उपरांत छोटी मोटी नौकरियां की. इन्होंने किसान, रेलवे के फायरमैन, बीमा एजेंट, और यहां तक कि गैस स्टेशन अटेंडेंट के तौरपर जॉब भी की. काम कुछ दिन चलता फिर छीन जाता.
आजकल तो 15-16 साल के बच्चों पर करियर को ले कर इतना प्रेशर बनाया जाता है कि कुछ तो जान तक दे देते हैं. लेकिन Colonel Harland David Sanders अलग मिट्टी के बने थे.
40 के हुए तब भी असफल थे, गैस स्टेशन पर जॉब करते हुए लोगों को “फ्राइड चिकन” बना के बेचते थे. Sanders ने 11 जड़ी-बूटियों और खास मसालों का एक मिश्रण तैयार किया, जो बाद में KFC Brand की पहचान बना।
KFC पॉपुलर हुआ उससे पहले इनकी रेसिपी को करीब 1000 बार ठुकराया गया, लेकिन यह रुके नहीं.
दोस्तों लक्ष्य के लिये लगातार मेहनत करने का परिणाम आपके सामने है. आज चिकन के फ़ूड चैन में KFC का दूर दूर तक कोई मुकाबला नहीं है.
7. शिवराज राव गायकवाड़ उर्फ़ रजनीकांत (Actor)

साऊथ के सुपरस्टार Rajinikanth का जन्म 12 दिसंबर 1950 को बैंगलोर, कर्नाटक में हुआ था। वे India ही नहीं विदेशों में भी एक्टिंग और अपने अनोखे स्टायल के लिए मशहूर हैं. Fans इन्हें प्यार से “थाला” अर्थात “लीडर” भी कहते हैं.
बिना विग और मेकअप के वे एक साधारण अधेड़ वृद्ध इन्सान जैसे नजर आते हैं, लेकिन परदे पर कैरेक्टर में ऐसे घुसते हैं, के बड़े से बड़े हैंडसम हीरों को बोना साबित कर देते हैं.
बचपन में गरीबी के चलते उन्होंने कुली, कारपेंटर, और बस कंडक्टर तक की साधारण नौकरीयां की। वे हमेशा मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव रखते थे. लोगों को उनका अनोखा अंदाज़ और आवाज़ भा गए.
वर्ष 1975 में तमिल फिल्म Apoorva Raagangal से उनका करियर शुरू हुआ था, बहुत ही जल्द वे Higest Paying लीड एक्टर बन गए.
एक बार रजनीकांत की प्रसिद्धि से गुसाईं तमिलनाडु की CM जयललिथा ने उनकी कार रुकवा दी, रजनी आम इंसानों के जैसे फुटपाथ पर बैठ कर इंतज़ार करने लगे.
भीड़ इतनी लग गई की खुद CM की सिक्युरिटी को रजनीकांत से रिक्वेस्ट करनी पड़ी की, वे वहां से जल्दी चले जाएं. ताकि रोड़ से जाम हट सके.
रजनीकांत का जीवनचरित्र सिखाता है, की बोली मीठी रखें, संघर्ष करें लेकिन अपने सपनों को मरने मत दें और लोगों का ध्यान खींचने के लिए हमेशा कुछ नया करें.
8. एलन मस्क (USA Businessman)

एलन मस्क का जन्म 28 जून 1971 को साउथ अफ्रीका में हुआ था। वे विश्व के प्रसिद्ध उद्योगपति, इंजीनियर और इन्नोवेटर (कुछ नया खोजने वाला) हैं।
गौरतलब है कि एलोन मस्क टेस्ला मोटर्स, स्पेसएक्स, न्यूरालिंक और द बोरिंग कंपनी जैसे सफल कंपनियों के
संस्थापक हैं।
अपने महत्वकांगशी प्रोजेक्ट के चलते, Musk कई बार दिवालिया होने की कगार तक जा पहुंचे थे, फिर भी Business में कैल्क्युलेटिव Risk लेना छोड़ा नहीं.
उनका सबसे बड़ा योगदान प्रदुषण मुक्त इलेक्ट्रिक कारों को बाज़ार में बढ़ावा देना और अंतरिक्ष अनुसंधान को नई दिशा देना, माना जाता है।
Zip 2 कंपनी की असफलता, स्पेसकेस रोकेट लॉन्च के 3 बड़े फेलियोर और ना जाने कई सारे पोलिटिकल दबाव, इन्हें कुछ तोड़ नहीं पाया.
“आधुनिक आयरन मैन” के तौर पर मशहूर यह उद्यमी कहते हैं कि, मान लेने से ही असफलता होती है बाकी देर सवेर सफलता का रास्ता मिल ही जाता है. बस निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए.
9. धीरूभाई अंबानी (Businessman)

भारत के इस दिग्गज उद्यमी की कहानी बड़ी रोचक है, धीरूभाई का जन्म 28 दिसम्बर 1932 को जूनागढ़, गुजरात में हुआ था। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक थे, जिन्होंने अपने जीवनकाल में भारतीय व्यापार जगत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया था.
उनकी महान उपलब्धियों में रिलायंस को दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल करना और आम भारतीय नागरिकों को शेयर मार्केट से जोड़ना प्रमुख है.
परिवार की आर्थिक तंगी के चलते पढाई छूटी, यमन जा कर (Aden) में पेट्रोल पंप की नौकरी की, स्ट्रग्ल वहां भी खूब किया, फिर भारत लौट कर कपड़ा व्यापर में हाथ आजमाया, वहां भी धोखाधड़ी, कर्ज और नुकसान का सामना किया, जीवन में मुसीबतें अनेक थी लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी. धीरे धीरे
सोच समझ कर जोखिम लेने का स्वभाव और व्यापर में उनकी दूरदृष्टी ने अंबानी परिवार को वो बनाया है जो आज है, उनके जाने के बाद मुकेश और अनिल (दोनों पुत्रों) ने फैमिली बिज़नेस को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाया है.
10. स्टीव जॉब्स (Businessman)

स्टीव पॉल जॉब्स का जन्म 24 फरवरी 1955 के दिन सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका में हुआ था। वे एप्पल कंपनी के सह-संस्थापक थे, उनकी उपलब्धियां प्रशंसापात्र है,
iPhone, iPad, iPod और Macintosh जैसे क्रांतिकारी प्रोडक्ट्स को बनाने का श्रेय उन्हें जाता है. इन प्रोडक्ट्स ने वर्ल्ड के यूजर्स की लाइफस्टाइल को बदल के रख दिया.
पैदा होते ही जैविक माता-पिता ने त्याग कर, किसी को गोद दे दिया, फिर शिक्षा के पैसे की कमी, यहाँ तक की जीवन की आम जरूरत्त भोजन के लिए भी, Free Food Points का सहारा लेना पड़ा. या कभी दोस्त यार से उधारी कर खर्चे उठाये.
वर्ष 1976 में उन्होंने अपने मित्र स्टीव वॉज़निएक के साथ Apple कंपनी की शुरआत की, लेकिन 1985 में उन्हें अपनी खुद की कंपनी से बाहर कर दिया गया. यह दिल तोड़ देने वाला समय था.
स्टीव दुखी थे, पर हारे नहीं, उन्होंने Pixar और NeXT जैसे प्रोजेक्ट्स में अपनी जान झोंक दी. काम बनने लगा, फिर वो समय भी आ ही गया जब Apple कंपनी में उनकी वापसी हुई.
जब स्टीव Apple में वापिस आए तो कंपनी की हालत बर्बाद हो चुकी थी, उन्होंने कंपनी को खड़ा करने में पूरा ज़ोर लगाया, और Apple को इंडस्ट्री की सब से बड़ी कंपनी बना दिया.
स्टीव जॉब्स की जीवनयात्रा सिखाती है, की अगर कोई तुम्हारे साथ बुरा करे तो धैर्य रखो, कुदरत और प्रकृति का नियम है “संतुलन”… समय लगेगा, लेकिन होता जरूर है. जीवन में असफलता आएगी तो चली भी जाएगी.
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Thank you Gopal ji….main 8-10 saal se AKC ka reader hu.
सफलता और असफलता एक सिक्के के दो पहलू जैसे है, हार कर रुक जाने वाले असफल और सीख कर आगे बढ़ जाने वाले सफल,
बिना परिश्रम मिली हुई सक्सेस टिक नहीं पाती, और जो इन्सान ठोकरें खा कर आगे बढ़ता है, वो गिर कर भी अपने आप को संभाल लेता लेगा।
Wonderful Post 💐