Neha Bora Biography Hindi

भारत देश विभिन्न धर्म, पंथ और विचारधारा को मानने वाले लोगों को समाहित करता है. इस देश में बोलने की आज़ादी है. वैसे तो पोलिटीक्स बड़े बूढ़ों का अखाड़ा कहा जाता है, लेकिन इस Real Game में छात्र राजनीति भी बड़ा महत्त्व रखती है. आइए छात्र राजनीति, सामाजिक आंदोलनों और Gen-Z विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख चेहरा बनीं पीएचडी छात्रा नेहा बोरा की जीवनी पर बात करते हैं.
परिचय और अभ्यास
कट्टर वामपंथी समर्थक नेहा बोरा का जन्म वर्ष 1997 में उत्तराखंड के पिथौरागढ़/खटीमा (ऊधम सिंह नगर) क्षेत्र के एक सैन्य परिवार में हुआ था.
पिताजी 10 साल से अपनी बेटी को बुलाते नहीं है, क्यूँ की उनका मानना है कि बेटी ऐसे लोगों का साथ दे रही है जो आए दिन देश के वीर जवानों का खून बहाते हैं, देश के टुकड़े-टुकड़े करने के नारे लगाते हैं.
स्कूली शिक्षा की बात करें तो Neha के फ़ादर की डिफेंस जॉब के कारण उन्हें अलग-अलग शहर घूमना पड़ा, जहाँ उन्होंने अपनी 10वीं से 12वीं तक की स्कूली शिक्षा पश्चिम बंगाल (सिलीगुड़ी) से संपन्न की है.
उसके बाद नेहा बोरा ने BA करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध हिंदू कॉलेज में जॉइन किया और
समाजशास्त्र में ग्रेज्युएशन किया.
बाद में वे MA की पढ़ाई के लिए डॉ. बी. आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली से परफॉर्मिंग स्टडीज में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त कर लेती हैं.
Neha Bora की वर्तमान पहचान की बात करें तो वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पीएचडी छात्रा, थिएटर आर्टिस्ट और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष बताई जाती हैं.
राजनीती और सामाजिक मुद्दों की और खिंचाव

भारत में बॉलीवुड और क्रिकेट का बड़ा क्रेज है, और सामाजिक मुद्दों को पेश करने के लिए रंगमंच और थिएटर कारगर विकल्प है.
कॉलेज के दिनों नेहा बोरा ‘संगवारी’ नामक थिएटर ग्रुप से कनेक्ट हुईं, जहाँ कला के माध्यम से उन्होंने सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को समझा.
इसी दौरान उनके चित्त पर चारू मजूमदार, पाब्लो नेरुदा और अरुंधति रॉय जैसी हस्तियों के विचारों का गहरा असर हुआ.
Neha Bora का AISA से जुड़ाव
विश्वविद्यालय में अभ्यास के दौरान वे वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) में शामिल हुईं, बोलने में बेबाक और कट्टर सोच के कारण वे जल्द ही AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गईं.
छात्र मुद्दे पोलोटिकल दिखावा या हकीकत
देश के सामने उनकी छवि ऐसी पेश होती है कि, वे छात्रों की भलाई के लिये राजनीती करती हैं लेकिन ज़मीनी हकीकत में अंतर नज़र आता है, जब वे शर्जील इमाम और उमर ख़ालिद जैसे आतंक प्रेमी प्रोटेस्टर्स की वाहवाही करती नज़र आती हैं,
जो लोग भारत के टुकड़े करने के नारे लगाते हैं, आतंकी अफ़ज़ल गुरु की फांसी पर शर्मिंदगी जताते हैं, उन्हें सपोर्ट करना, उनके किरदार पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है.
CAA विरोधी आंदोलन (2019-20)
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, ये सब जानते हैं, लेकिन जो लोग गैरकानूनी तरीके से देश में घुसे हैं, या जिन्हें गैर भारतियों (बांग्लादेशी-पाकिस्तानी) का वोट मिलता है, उन्हें CAA ज़हर लगता है.
इसी लिए देशभर में इसे रोकने के आंदोलन हुए, याद रहे की भारत में रहने वाले या स्थाई हुए भारतियों को CAA से कोई मुसीबत का सवाल है ही नहीं,
ये तो उन उत्पाती तत्वों को छांटने की प्रक्रिया है जो गैरकानून देश में घुसे हैं, Neha Bora का ऐसे देश विरोधी प्रदर्शनों का हिस्सा बनना भी एक बड़ा सवाल है.
NEET-UG पेपर लीक और भूख हड़ताल
पूरा साल मेहनत करना और प्रशाशन की चूक या किसी भी कारण से पेपर लीक होना बड़ा मुद्दा है, इस धांधली पर
और केंद्रीकरण के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नेहा बोरा ने 23 दिनों तक भूख हड़ताल की.
जिस वजह से छात्र संगठन AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष और JNU की रिसर्च स्कॉलर नेहा कोंग्रेस की नज़र में आ गईं.
गौरतलब है कि उनके साथ इस कड़े आंदोलन और आमरण अनशन में दो अन्य छात्र शोधकर्ता, मनीष और आमीन, भी शामिल थे.
नेहा बोरा के NEET-UG भूख हड़ताल आंदोलन का घटनाक्रम

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की वापसी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना, इन मांगों के साथ यह अनशन शुरू किया गया.
कड़ी भूख हड़ताल के कारण छात्रों का ब्लड शुगर खतरनाक लेवल तक गिरा, 12% तक वजन घट गया और अन्य शारीरिक असुविधाएं होने लगीं.
20 जुलाई 2026 के दिन आंदोलन ख़त्म हुआ, जहाँ Bollywood Star शबाना आज़मी, प्रकाश राज और Politition मनोज झा, अमरा राम, योगेंद्र यादव और वकील प्रशांत भूषण ने इन्हें समझाया, अपील की, बाद में छात्रों ने अपना अनशन समाप्त किया.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और नेहा बोरा

सब जानते हैं कि BJP को मोक करने के लिए CJP बना है, यह भी अफवाह है कि इस संगठन या पार्टी को एंटी नेशनल तत्वों से फंडिंग मिल रही है ताकी आनेवाले चुनाव को प्रभावित किया का सके.
इस करतूत को अंजाम देने के लिए ध्रुव राठी, कुणाल कामरा और कईं अन्य डिजिटल क्रीएटर्स का भी सहारा लिया जाता है, जो हमेशा एंटी बीजेपी और आरएसएस विरोधी एजंडा पर काम करते हैं.
बांग्लादेश वाले बयान पर घिरीं नेहा बोरा
हाल ही में बांग्लादेश में उपद्रव हुआ, जहाँ पर छात्र सरकारी बिल्डिंग्स में घुसे तोड़फोड़ की और वहां की PM के “इनरवियर” लहराते दिखे थे, अब इस घटना को ये नेहा बोरा भारत की जेन ज़ी प्रोटेस्ट से कंपेर कर रही थीं,
नेहा बोरा कहती हैं कि हम आपको अपना “लाल सलाम” पेश करते हैं. हम जानते हैं कि आज देशभर में जो जेन-जी आंदोलन देखने को मिल रहा है, उसकी शुरुआत सबसे पहले बांग्लादेश में हुई थी. हमें रास्ता दिखाने और हमारे साथ एकजुटता दिखाने के लिए बधाई”,
आम धारणा है कि, सत्ता की भूख और रिजीम चेंज के लिए कोई भारत की तुलना पाकिस्तान-बांग्लादेश से कैसे कर सकता है? इसी वजह से कई आंदोलनकर्ता स्टूडेंट्स नाराज़ भी हुए.
उमर ख़ालिद समर्थक नेहा बोरा पर स्याही किसने फेंकी

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर अमरनाथ पांडेय नामक व्यक्ति ने पीछे से आ कर स्याही फेंकी थी.
उनका कहना था कि नेहा की करतूत देश विरोधी लोगों को बल देना है, यह घटना 7 अगस्त 2026 को रांची (झारखंड) के बिरसा चौक के पास हुई थी.
गौरतलब है कि तब वो JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विधानसभा मार्च में शामिल थीं. आरोपी तुरंत अरेस्ट हो गया और उसे ज़मानत भी मिल चुकी है.
Neha Bora ने BJP और RSS पर क्या कहा…!
नेहा द्वारा माइक ले कर, BJP और RSS को झड़ से उखाड़ने के डींगें हांकने से ले कर योगी-मोदी को अपमानित करने की बातें Freedom of speach कैसे हो गई?
बाढ़, सूखा, छात्र सुरक्षा, महिला सुरक्षा, गौ रक्षा और ना जाने क्या क्या समाजसेवा के काज, RSS और बजरंगदल कर रही है,
लेकिन फिर भी कुछ बुद्धिजिवी उन्हें गुंडे कहते हैं, क्यों की उन्हें रहते Love Jihad नहीं हो पाता और जनता के पैसों की मलाई नहीं मिल रही, लेफ्टिस्ट की गुंडई नहीं हो पाती, भारत-पाक मैच नहीं होते, धर्मांतरण और पलायन का जाल नहीं बीछ पाता.
लहरा दो तिरंगा’ मार्च में CJP के साथ नेहा बोरा
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर शुक्रवार, 16 अक्तूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च निकाला गया.
जब की प्रसाशन पहले ही उपद्रवों से त्रस्त है, बेकाबू भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज और डिटेन कार्रवाई होती है, फिर पुलिस बर्बरता के Fake Reels कटते हैं.
जब की ये कोई नहीं दिखाता की कैसे ऑन ड्यूटी पुलिस अफसरों की वर्दियां खींची जाती है, कैसे उनपे चाकुओं और पत्थरों से वार होते हैं, तोड़फोड़ की जाती है…
यहाँ तक की लेडी पुलिस के सामने अभद्र इशारे किये जाते हैं, फिर जब पुलिस डंडा दे तो… BJP तानाशाह और RSS गुंडा संगठन.
गौरतलब है कि 16 अक्टूबर को लहरा दो तिरंगा’ मार्च में सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके और वामपंथी छात्र संगठन आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को अरेस्ट किया गया था.
संसद से नहीं रास्तों की प्रोटेस्ट से देश चलेगा
नेहा कहती हैं कि ये दुःखद है लेकिन, पिछले सामाजिक बदलाव संसद से नहीं हुए, सड़कों की प्रोटेस्ट से ही आये हैं.
जैसे की धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, कृषि कानून में सुधार, CAA विरोध या अलग अलग समय पर RTI के कानून में बदलाव ये तमाम संघर्ष सड़क पे ही हुए हैं,
जिसके बाद पार्लमेंट में बैठे लोगों को मजबूरन संज्ञान लेना पड़ा और काम ठीक करना पड़ा. आनेवाले समय में यही रास्ता इख़्तियार करेंगे.
Neha Bora के भाषण के विवादित स्लोगन
RSS देशभक्त नहीं, देशद्रोही है, इन्हें यहाँ से खदेड़ना होगा, झड़ समेत उखाड़ना होगा”
“ये लोकतंत्र BJP या RSS का मोहताज नहीं, लोकतंत्र आवाम से आबाद रहा है और हमेशा रहेगा”
“देश के छात्रों के हिमायती बनने वाले आरएसएस के लोगों ने ही मुझ पर श्याही फिंकवाई है, क्या इससे हम छात्रों का गुस्सा दब जाएगा?”
“भारत की धरती से BJP और RSS को ख़त्म करने के लिए आज़ादी की दूसरी लड़ाई जरुरी है”
“One Nation One Enemy Is BJP”
Neha Bora Life Story QNA Hindi
Q – Neha Bora कौन है?
A – वे Phd छात्रा और सोशल एक्टिविस्ट है.
Q – नेहा बोरा कौन सी जाती से है?
A – वे मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा से हैं और वह खत्री जाति से संबंध रखती हैं.
Q – नेहा बोरा के पिता क्या करते हैं?
A – वे Army में है और बेटी की करतूतों की वजह से 10 साल से उनसे बात नहीं कर रहे हैं.
Q – लेफ्ट समर्थक नेहा बोरा का हाईएस्ट एजुकेशन क्या है?
A – वे वर्तमान समय (2026) में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पीएचडी छात्रा बताई जाती हैं.
Q – BJP-RSS से नेहा बोरा को क्या दिक्कत है?
A – JNU में पढाई के दौरान AISA की विचारधारा से प्रभावित होने से और लेफ्टिस्ट तत्वों के संगत में उनका ब्रेनवॉश हुआ है, ऐसा कहा जाता है.
Q – AISA में नेहा बोरा का पद क्या है?
A – वे 2026 में इस संगठन की अध्यक्ष बन चुकी हैं. इसका पूरा नाम “अखिल भारतीय छात्र संघ” है.
Q – नेहा बोरा की प्रसिद्धि का कारण क्या है?
A – वे भारत के जनरेशन जेड के आंदोलनों में सक्रिय रहती हैं.
Q – नेहा बोरा पॉपुलर कब हुई?
A – NEET-UG पेपर लीक पर धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए नेहा और साथियों ने 23 दिन भूख हड़ताल की, तब पुरे देश ने उन्हें नॉटिस किया.
Q – नेहा बोरा की आलोचना का कारण?
A – लेफ्ट से प्रभावित हो कर BJP-RSS को चोर गुंडे बताना और भारत की प्रोब्लेम्स की तुलना बांग्लादेश की प्रोटेस्ट से करने के कारण उन्हें हेट मिलता है,
Q – नेहा बोरा नेगिटिव लाइट में क्यूँ दिखती है?
A – क्यूँ की वो उमर खालिद, शरजील इमाम जैसे आरोपियों की पहेरवी करती हैं, जो भारत के टुकड़े होने और अफ़ज़ल गुरु जैसे आतंकी के समर्थक बताये जाते हैं.
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