मैथिली ठाकुर की जीवनी | Maithili Thakur Biography Hindi

परिचय : मैथिली ठाकुर (Maithili Thakur) भारतीय गायिका, राजनेत्री और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर है. बहुत ही छोटी सी आयू में उन्होंने खूब प्रसिद्धि प्राप्त कर ली है. उनका जन्म 25 जुलाई, 2000 के दिन बेनीपट्टी,
मधुबनी, बिहार (भारत) में हुआ है. गायिका वर्ष 2012 से अलग अलग क्षेत्रों में प्रवृत्त है. मैथिली उनकी मातृभाषा होने के साथ साथ माता सीता के अनेक नामों में से एक है, जिस पर उनका नामकरण ये हुआ था.
परिवार : मैथिली ठाकुर के पिताजी का नाम रमेश ठाकुर है और माता का नाम भारती ठाकुर है. उनके दो भाई भी है, एक का नाम अयाची और दूसरे का नाम ऋषव है. दोनों भाई को उनके दादाजी और पिता ने मराठी लोक संगीत, भारतीय क्लासिकल संगीत, तबला और हारमोनियम वादन का ज्ञान दिया है. (Maithili Thakur Biography Hindi)
मैथिली ठाकुर की Life Story
अभ्यास : बचपन में मैथिली घर ऐसी जगह पर था जहाँ से स्कूल बहुत दूर था, तो उन्हें पांचवी कक्षा तक, पढाई घर से ही करनी पड़ी थी. उन्होंने 12वीं तक अभयास किया है, उनकी स्कूल का नाम बालभवन इंटरनेशनल स्कूल, (दिल्ली) है. उन्होंने बादमें क्लासिकल संगीत की तालीम प्राप्त की और विभिन्न वाद्य यंत्र बजाना भी सीखा.
करियर : मैथिली ठाकुर ने केवल 4 वर्ष की आयू में अपने दादा से संगीत सीखना शुरू किया. फिर वे छोटे-बड़े कार्यक्रम में धीरे धीरे अपनी कला प्रदशित करने लगी, 10 वर्ष की उम्र में उन्होंने जागरण और अन्य प्रसिद्ध स्थानों पर गाना शुरू किया, धीरे धीरे स्टैज फियर ख़त्म हो गया और आत्मविश्वास बढ़ गया, जो उनके संगीत में साफ़ दिखने लगा.
TV इंडस्ट्री में बड़ा ब्रेक मिला

वर्ष 2011 में उन्हें Little Champs नाम की गायन स्पर्धा में अपनी कला प्रदशित करने का सुनहरा अवसर मिला, Zee TV पे यह कार्यक्रम प्रसारित होते ही वे पूरे देश में प्रसिद्ध हो गईं. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा. करीब चार वर्ष के अंतराल के बाद उन्हें Sony TV पर प्रसारित शो Indian Idol Junior में फीचर होने का अवसर मिल गया.
खुद का एल्बम “या रब्ब”
ख्याति बढ़ी तो उन्हें अपना संगीत बनाने का बल मिला, इसके फल स्वरूप उन्होंने यूनिवर्सल म्यूजिक के साथ मिल कर “या रब्ब” नाम से अल्बम लॉन्च कर दिया, जिसे अच्छा प्रतिसाद मिला.
TV शॉज पर वापसी
म्यूजिक इंडस्ट्री में आपके पास कितना भी टेलेंट हो, खुद का संगीत बनाना एक बात है, उसके मार्केट करना अलग Skill है, इस लिए मैथिली ठाकुर Social Media और TV Industry से लगातार जुड़ी रहीं, ताकि उसके काम को लोगों का निरंतर प्यार मिलता रहे.
वर्ष 2017 में उन्होंने Rising Star के पहले संस्करण में भाग लिया और First Finalist बनी थीं, उन्होंने “ॐ नमः शिवाय” गाया था, वे तब Title नहीं जीत सकी थीं, उन्हें केवल दो वोट कम मिले थे. लेकिन लोगों ने उनका काम काफी सराहा था.
प्रसिद्धि बढ़ी तो, काम मिलने लगा
Social Media दो धारी तलवार है, अगर आप गलत हरकत के चलते फंस गए तो बदनाम बड़ी जल्दी हो जाते हैं, लेकिन कुछ अच्छा करते हो तो लोग Viral भी तुरंत कर देते हैं.
मैथिली ठाकुर में प्रतिभा की कोई कमी नहीं थी, उन्होंने लोगों तक अपना काम पहुंचाने के लिए YouTube, Instagram और Facebook जैसे पॉपुलर प्लेटफॉर्म का सहारा लिया. धीरे धीरे उन्हें नेशनल इवेंट्स, और इंटरनेशनल इवेंट्समें काम मिलने लगा और इनकम भी बढ़ गई.
तुलसीदास रचित “रामचरितमानस” से हुए वायरल

सोशल मीडिया और इंटरनेट का पावर ऐसा है कि किसी को भी रातोरात स्टार बना सकता है, मैथिली ठाकुर और उनके दोनों भाइयों ने तुलसीदास रचित “रामचरितमानस” का Manaspath शुरू किया, जिसे लोगों ने बहुत प्यार दिया और व्यूज मिलियंस में चले गए.
पसंद-नापसंद और निजी जीवन
- गाने सुनने और हारमोनियम बजाने का शौख है.
- वे आलिया भट्ट की तगड़ी प्रशंसक है.
- क्लासिकल संगीत की प्रोपर ट्रेनिंग ली है.
- हिन्दू आस्था में गहरी श्रद्धा है.
- गुलाबी रंग से बहुत लगाव है.
- खाने में छोले भटूरे, साऊथ इंडियन और पानीपुरी पसंद है.
पुरस्कार व सम्मान
मैथिली ठाकुर को अटल मिथिला सम्मान मिला है.
वर्ष 2019 में इलेक्शन कमीशन ने मैथिली और उसके दो भाईयों (अयाची और ऋषव) को मधुबनी के ब्रांड एम्बेसडर बनाया था.
वर्ष 2021 में मैथिली को “लोक मत सुर ज्योत्स्ना नेशनल म्यूजिक अवार्ड” भी मिला है, यह उन्हें इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्टर अनुराग ठाकुर द्वारा दिया गया था.
30 जुलाई 2022 के दिन NHRCCB ( नेशनल ह्यूमन राइट्स क्राइम कंट्रोल ब्यूरो) द्वारा उन्हें “NHRCCB India Pride Award” दिया गया है.
8 मार्च 2024 के दिन मैथिली ठाकुर को Cultural Ambassador of the Year Award मिला, यह सम्मान उन्हें The Inaugural National Creators Award के दौरान PM Narendra Modi द्वारा दिया गया था.
मधुबनी आर्ट को बढ़ावा
किसी भी राज्य की धरोहर को आगे बढ़ाने के लिए उस स्थान पर जन्में सेलेब्रिटी का रोल अहम् होता है. मैथिली ने भी यह जिम्मेदारी उठाई, उन्होंने बड़ी कुशलता से अपने संगीत में मधुबनी, बिहार के रीतीरिवाजों और बखानों को पिरोया, इस वजह से बिहार के इस हिस्से पर देश दुनियां के लोगों का ध्यान गया और इस क्षेत्र की प्रसिद्धि बढ़ी. इसके अलावा गायिका सोशल मीडिया पर अपने कंटेंट में मधुबनी के इतिहास, रचनाएं, तकनीकों और रीतिरिवाजों पर बात करती नज़र आती हैं.
मैथिली ठाकुर के बारे में Lesser Known Facts
पांचवी कक्षा तक उन्हें घर से ही पढाई करनी पड़ी, क्यूँ की स्कूल घर से बहुत दूर था.
सा रे गा मा पा लिटल चैम्पस 2011 में उन्हें ऑडिशन में रिजेक्ट कर दिया गया था. (इसके बाद वे 6 जगहों पर रिजेक्ट हुईं थी)
20-25 साल की उम्र में जहाँ अधिकतर युवा पढ़ाई पूरी कर के शादी और नौकरी के लिये हाथ-पैर मारते दीखते हैं
मैथिली ठाकुर संगीत, राजनीती और समाजसेवा के क्षेत्र में एक उत्तम उदहारण पेश कर रहीं है.
युवा अवस्था में ज्यादातर लोग अपनी उन्नति के लिए कार्यरत होते हैं, लेकिन यह “बिहार की बेटी” अपनी कला और सूझबूझ से अपने राज्य और राष्ट्र का नाम भी उज्वल कर रही है.
मैथिली अक्सर अलग अलग एक्जिबिशन, कल्चरल प्रोग्राम और इवेंट्स में मधुबनी आर्ट & ट्रेडिशन को प्रमोट करती नजर आ जातीं है.
14 अक्टूबर 2025 के दिन उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन किया, उन्हें अलीनगर एसेम्बली कांस्टिट्यूनसी से टिकट मिला है.
मैथिली ठाकुर अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता रमेश ठाकुर (म्यूजिक टीचर) को देती है.

ध्येय / लक्ष्य
Maithili Thakur ने बहुत ही युवा आयू में बहुत कुछ अचिव किया है, उन्हें लोगों को मोटिवेट करने की जरुरत ही नहीं, युवा उनके लाइफजर्नी से सीख ले कर अपना कल संवार सकते हैं, फिर भी गायिका राजनीती, समाजसेवा और अपनी कला के माध्यम से लोगों को प्रेरित करने का निरंतर प्रयास करती हैं.
वे चाहती हैं कि देश की लड़कियां, खासकर गाँव देहात की बच्चियां पढ़े-लिखे और आत्मनिर्भर बने, साथ ही वे बिहार मधुबनी की कलाकृति को दुनियांभर में प्रचलित करने का लक्ष्य रखती हैं और उस दिशा में लगातार काम भी कर रहीं है.
QNA (Maithili Thakur Life Story)
Q – मैथिली ठाकुर किस लिए प्रसिद्ध है?
A – वे पार्श्व गायन, लोक संगीत, शास्त्रीय संगीत के लिए प्रसिद्ध है.
Q – मैथिली ठाकुर किन किन भाषाओँ में गाने गा चुकी है?
A – उन्होंने भोजपुरी, मराठी, हिंदी, मैथिली, उर्दू, अवधि, पंजाबी, अंग्रेजी, तमिल, हिंदी और अधिक इंडिक भाषाओं में मूल गीत, कवर और पारंपरिक लोक संगीत पर गीत गाये हैं.
Q – मैथिली ठाकुर कौनसे वाद्य-यंत्र बजाने में प्रवीण है?
A – वे तबला, पियानो, गिटार, बाजा, हारमोनियम और वोकल्स बजाने में उस्ताद है.
Q – मैथिली ठाकुर के निर्वाचन क्षेत्र और राजनैतिक पार्टी का नाम बताएं?
A – उनका निर्वाचन क्षेत्र अलीनगर (बिहार) है और वे वर्तमान (2025) में BJP Party से जुड़ी हुई हैं. इसके अलावा उनका ताल्लुक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से भी रहा है.
Q – मैथिली ठाकुर की यूट्यूब चैनल का नाम और Data बताएं?
A – उनके YouTube Channel का नाम Maithili Thakur ही है और चैनल पर हाल 5.13 Million Subscribers है. जहाँ 819 Million व्यूज आ चुके हैं. (Note : यह आंकड़े 2025 एंडिंग के हैं)
Q – मैथिली ठाकुर के पेरेंट्स का नाम क्या है?
A – मैथिली के पिता का नाम रमेश ठाकुर और माता का नाम भारती ठाकुर है.
Q – मैथिली ठाकुर सोशल मीडिया पर कब से सक्रिय है?
A – वे वर्ष 2012 से पब्लिक डोमेन में एक्टिव रहीं है.
Q – मैथिली ठाकुर कितने साल की है और कहाँ की रहने वाली है?
A – वे 25 वर्ष (वर्ष 2025 में) की हैं और मधुबनी, (बिहार) भारत की निवासी है.
Q – मैथिली ठाकुर अपनी सफलता का श्रेय किसे देतीं है?
A – वे अपने पिता रमेश ठाकुर (संगीत टीचर) को अपनी सफलता का श्रेय देतीं है.
Q – मैथिली ठाकुर के म्यूजिक अल्बम का नाम बताएं?
A – उनके म्यूजिक अल्बम का नाम “या रब्ब” है, और यह 2016 में आया था.
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Very Nice 💐💐💐
मैथिली ठाकुर आज सिर्फ़ गायिका नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की प्रेरणा हैं। लोकगीतों से लेकर समाजसेवा तक, हर जगह उन्होंने हमारे बिहार का मान बढ़ाया है। राजनीति में उनका प्रवेश बदलाव की नई शुरुआत है। मैथिली ठाकुर का सफर वाकई कमाल है! अब राजनीति में भी वे ईमानदारी और संस्कृति की नई परिभाषा लिख रही हैं। उनकी आवाज़ में मिट्टी की खुशबू और भावनाओं की गहराई है।